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बीमार दादी से बात कर सकेंगे सांसद अमृतपाल, वीडियो कॉल की मिली इजाजत

चंडीगढ़ 
असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अमृतसर की अदालत से राहत मिली है। अदालत ने उन्हें अपनी बीमार दादी से वीडियो कॉल के जरिये बातचीत करने की अनुमति दी है। 
अमृतपाल सिंह की ओर से उनके वकीलों ने अदालत में इस संबंध में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बरिंदर सिंह ने  फैसला सुनाया।

अदालत के आदेश के मुताबिक, अमृतपाल सिंह आज से अगले पांच दिनों के भीतर एक बार अपनी बीमार दादी से वीडियो कॉल पर बातचीत कर सकेंगे। इस दौरान उन्हें अधिकतम 10 मिनट तक दादी का हालचाल पूछने की अनुमति होगी। अमृतपाल सिंह फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। 

अमृतपाल सिंह के वकीलों ने इस संबंध में कोर्ट में याचिका दायर की थी। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बरिंदर सिंह ने यह आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, अमृतपाल सिंह 7 अक्टूबर से अगले 5 दिनों के भीतर एक बार अपनी दादी से वीडियो कॉल पर बात कर सकेंगे।

अमृतपाल सिंह अप्रैल 2023 से असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। अप्रैल 2026 में NSA की अवधि खत्म होने के बाद पंजाब पुलिस ने उन्हें अजनाला थाना हिंसा के आपराधिक मामले में जेल में ही औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से उन्हें डिब्रूगढ़ जेल में ही न्यायिक हिरासत में रखा गया है।

क्यों जेल में बंद हैं अमृतपाल सिंह पढ़िए…

    अजनाला थाने पर हमला: अमृतपाल सिंह के जेल जाने का मुख्य कारण 23 फरवरी 2023 को अमृतसर के अजनाला पुलिस स्टेशन पर हुआ हिंसक हमला है। अमृतपाल ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर पुलिस बैरिकेड्स तोड़े और हिरासत में बंद अपने एक साथी को जबरन छुड़ा लिया, जिसमें छह पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना के बाद उनके खिलाफ हत्या के प्रयास , दंगा भड़काने और आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई थी।
    गिरफ्तारी और शुरुआती NSA: पंजाब पुलिस के बड़े सर्च ऑपरेशन के बाद 23 अप्रैल 2023 को उन्हें मोगा से गिरफ्तार किया गया। देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा मानते हुए सरकार ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया और कानून-व्यवस्था बिगड़ने के डर से उन्हें असम की हाई-सिक्योरिटी डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
    जेल मे रहते लोकसभा चुनाव जीता: जेल में बंद रहते हुए ही जून 2024 में अमृतपाल सिंह ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय चुनाव जीता। जुलाई 2024 में उन्हें सांसद पद की शपथ लेने के लिए कोर्ट से 4 दिनों की विशेष पैरोल मिली थी, जिसके बाद वे वापस डिब्रूगढ़ जेल भेज दिए गए।
    अप्रैल 2026 में NSA की अवधि समाप्त: अमृतपाल सिंह पर लगा NSA (रासुका) अप्रैल 2026 में पूरी तरह समाप्त हो गया। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में स्पष्ट किया कि वे उनके डिटेंशन को चौथी बार आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। कानूनन किसी भी व्यक्ति को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत बिना ट्रायल के एक निश्चित अवधि से ज्यादा नहीं रखा जा सकता, इसलिए उनका NSA हटा दिया गया।
    री-अरेस्ट और न्यायिक हिरासत: जैसे ही अप्रैल 2026 में अमृतपाल का NSA हटा, पंजाब पुलिस ने उन्हें अजनाला थाना हिंसा के मुख्य आपराधिक मामले में जेल के भीतर ही फिर से औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशानुसार, सुरक्षा कारणों से उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल में ही न्यायिक हिरासत में रखा गया है और मामले की आगे की कानूनी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चल रही है।

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