samacharsecretary.com

Bandhavgarh Tiger Reserve में बाघों की रहस्यमयी मौतें, 50% मामलों में समान कारण, हाईकोर्ट में सुनवाई

जबलपुर
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर की ओर से एक स्टेटस रिपोर्ट जमा की गई. इस रिपोर्ट ने राज्य के वन्यजीव संरक्षण के दावों की पोल खोल दी है. रिपोर्ट के अनुसार, 21 नवंबर 2025 से 2 फरवरी 2026 के बीच रिजर्व और उसके आसपास के इलाकों में कुल 8 बाघों की मृत्यु हुई.

रिपोर्ट में कहा गया है कि बाघ अभ्यारण्य के भीतर चारों बाघों की मौत का कारण प्राकृतिक था, जबकि शेष चार बाघों की मौत सामान्य वन क्षेत्र में बिजली के झटके से हुई. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सभी बाघों के शव पूरी तरह से सुरक्षित थे.

इस रिपोर्ट में बाघों की मौतों को दो हिस्सों में बांटा गया है. इसमें बताया गया है कि टाइगर रिजर्व के अंदर 4 मौतें हुई हैं. यहां हुईं सभी मौतें 'प्राकृतिक' बताई गई हैं. इनमें से 2 बाघ आपसी लड़ाई में मारे गए, एक की बीमारी से मौत हुई और एक कुएं में डूब गया. जबकि 4 मौतें जनरल फॉरेस्ट एरिया में हुईं. रिजर्व के बाहर सामान्य वन क्षेत्र में हुई ये सभी चार मौतें करंट लगने के कारण हुईं.

'संदिग्ध हालात' पर सवाल
वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे की ओर से दायर याचिका में राज्य सरकार और वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. याचिका के अनुसार, 2025 में मध्य प्रदेश में 54 बाघों की मौत हुई, जो प्रोजेक्ट टाइगर शुरू होने के बाद से एक साल में सबसे बड़ा आंकड़ा है. आरोप है कि शिकारी बिजली के तारों का खुलेआम इस्तेमाल कर रहे हैं और विभाग का सर्विलांस सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है. याचिकाकर्ता का दावा है कि अधिकारी अक्सर संदिग्ध मौतों को Territorial fight बताकर पल्ला झाड़ लेते है. 

बिजली विभाग को चेतावनी
स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है कि वन विभाग ने बिजली विभाग को बार-बार पत्र लिखे हैं ताकि संवेदनशील इलाकों में बिजली की लाइनों को मजबूत किया जा सके और वाइल्डलाइफ स्टैंडर्ड का पालन हो, ताकि करंट लगने की घटनाओं को रोका जा सके.

मध्य प्रदेश में बाघों की स्थिति 
कुल बाघ (MP): 785
भारत में कुल बाघ: 3,167
2025 में मौतें: 54 (याचिका के अनुसार)
जनवरी 2026 (प्रथम सप्ताह): 6 बाघों की मौत

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here