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NDA की रणनीति अंतिम दौर में, उपराष्ट्रपति उम्मीदवार पर जल्द मुहर संभव

नई दिल्ली

इलेक्शन कमिशन ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा। इसी के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने प्रत्याशियों ढूंढ़ने में लग गए हैं। हालांकि इसके लिए अभी किसी भी गठबंधन की ओर से उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया गया है। उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर केंद्र सरकार और एनडीए निश्चिंत है और वह उम्मीदवार चयन में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाह रही है। खबर है कि NDA राखी के बाद नाम फाइनल करेगी। साथ ही सरकार उम्मीदवार तय करने से पहले विपक्ष के नेताओं से भी बात करेगी।

पहले, उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार के नाम पर आम राय बनाने की कोशिश की जाएगी, इसके लिए विपक्ष के नेताओं से भी बात करने की कोशिश होगी।

केंद्र के कुछ बड़े मंत्री विपक्ष के बड़े नेताओं से उपराष्ट्रपति के नाम पर चर्चा करके आम राय बनाने की मुहिम शुरू करेंगे। बातचीत का जिम्मा उन वरिष्ठ मंत्रियों को सौंपा जाएगा जिनकी विपक्ष के नेताओं से बढ़िया संपर्क और अच्छे संबंध है। सूत्र बताते हैं कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को विपक्ष के नेताओं से बात करके उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पर आम राय बनाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। एनडीए के सहयोगियों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य दूसरे वरिष्ठ मंत्री भी बात कर सकते हैं।

बता दें कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक पद से इस्तीफा दिया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया था। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।

9 सितंबर को कराए जाएंगे चुनाव

देश के अगले उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को कराए जाएंगे. कड़ा मुकाबला के आसार लग रहे हैं क्योंकि बीजेपी की अगुवाई वाला एनडीए से मुकाबले के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाला विपक्ष भी एक साझा उम्मीदवार खड़ा कर सकता है। ऐसे में कड़ा मुकाबला होने के आसार हैं। पिछले महीने 21 जुलाई को अप्रत्याशित तरीके से जगदीप धनखड़ ने अपना इस्तीफा दे दिया। यह आजाद भारत की पहली ऐसी घटना रही जब किसी उपराष्ट्रपति ने पद पर रहते हुए इस्तीफा दे दिया। साथ ही उन्होंने किसी उच्च पद के लिए दावेदारी नहीं की।

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