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पंचायत चुनाव से पहले होगा नया परिसीमन, बिहार में जनप्रतिनिधियों से पूछा जाएगा GDP का हिसाब

पटना
बिहार में अब पंचायत चुनाव परिसीमन के बाद ही होंगे। यह जानकारी खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम के दौरान दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि ग्राम पंचायतों के नये परिसीमन के बाद ही पंचायतों का चुनाव कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग परिसिमन का काम कर रहा है। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने एक और अहम बात कही है कि सरकार अब जनप्रतिनिधियों से पूछेगी कि 5 साल में जीडीपी कितना बढ़ा? मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जिला परिषद, प्रखंड प्रमुख और मुखिया से जिला, प्रखंड और ग्राम पंचायत के जीडीपी के बारे में पूछा जाएगा कि इनके कार्यकाल में पांच साल में कितनी बढ़ोतरी हुई। मुख्यमंत्री सोमवार को पटना के एक होटल में ग्राम संसद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने यह महत्वपूर्ण बातें कही।

20-40 सालों से सरकारी जमीन पर रहने वालों को मिलेगा पर्चा
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गांवों में 20-40 सालों से जो गरीब सरकारी जमीन पर रह रहे हैं, उन्हें पूर्ण रूप से व्यवस्थित किया जाएगा। ऐसे गरीबों को सरकार पर्चा देगी। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को निर्देश दिया गया है।

बिहार में 50 निजी विश्वविद्यालय स्थापित होंगे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि कम-से-कम 50 निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना बिहार में करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 के बाद बिहार को कोई व्यक्ति मजदूरी करने दूसरे राज्य में नहीं जाएगा। ऐसी व्यवस्था राज्य में स्थापित की जा रही है।

पंचायती राज मंत्री ने चुनाव को लेकर दी थी जानकारी
बता दें कि कुछ दिनों पहले बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने भी कहा था कि बिहार में त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान परिसीमन के बाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग जल्द ही चुनाव की तारीखें घोषित कर सकता है। मंत्री दीपक प्रकाश ने यह भी कहा था कि त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव के लिए परिसीमन का काम आखिरी चरण में है।

पंचायत में बनेगा मिनी सचिवालय
मंत्री दीपक प्रकाश ने जानकारी दी थी कि बिहार की सभी पंचायतों में पंचायत सरकार भवन को मिनी सचिवालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर मिलने वाली विभिन्न सरकारी सेवाएं एक ही भवन में उपलब्ध कराना है। यहां जनप्रतिनिधियों के साथ संबंधित कर्मियों की मौजूदगी भी सुनिश्चित की जाएगी।

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