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AI-समिट 2026 में नया आविष्कार, 30 मिनट में कैंसर डिटेक्शन संभव

नई दिल्ली

हेल्थ सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का असर तेजी से दिख रहा है. दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे एआई समिट में एक खास डिवाइस लोगों का ध्यान खींच रहा है. दावा किया गया है कि यह नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिवाइस पेट से जुड़ी बीमारियों और खासतौर पर कैंसर का पता आसानी से और समय रहते लगा सकता है, जिससे मरीज को बीमारी के गंभीर होने से पहले इलाज मिल सकेगा.

विप्रो की चीफ टेक्निकल ऑफिसर संध्या अरुण के मुताबिक, यह डिवाइस शुरुआती स्टेज में ही कैंसर का पता लगा लेता है. इससे मरीज को समय पर इलाज मिल सकता है और कई मामलों में सर्जरी की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.उनका कहना है कि जल्दी पहचान ही सबसे बड़ा फायदा है, क्योंकि बीमारी जितनी जल्दी पकड़ में आ जाएगी, इलाज उतना आसान और असरदार होगा. आइए व‍िस्‍तार से जानते हैं इस ड‍िवाइस के बारे में…

कैसे काम करती है मशीन?

यह एआई आर्म रोबोटिक एमआरआई मशीन सबसे पहले मरीज के पेट का स्कैन करती है. स्कैन का रिजल्ट रियल-टाइम स्क्रीन पर दिखाई देता है, जिससे डॉक्टर तुरंत समझ सकते हैं कि अंदर क्या समस्या है.

कैंसर का कैसे लगाएगी पता
स्कैन में अगर ट्यूमर या कैंसर से जुड़ी कोई असामान्यता दिखती है, तो एआई तुरंत उसका विश्लेषण करता है और बताता है कि तस्वीर में दिख रही चीज क्या है. कंपनी का कहना है कि 30–45 मिनट में पूरा स्कैन और रिपोर्ट तैयार हो जाती है.

मशीन में क्या है, क्या सिर्फ पेट होगा स्कैन?

विप्रो की ओर से बताया गया कि इस एआई मशीन में चार अलग-अलग आर्म लगी हुई हैं और इनसे पूरा शरीर स्कैन हो सकेगा. एक आर्म मिड-बॉडी स्कैन के लिए है और बाकी अलग-अलग हिस्सों के लिए हैं. इससे पूरे शरीर की जांच आसानी से की जा सकती है.

और क्या फायदे हैं इस मशीन के
दावा किया गया कि इस मशीन से समय और लागत दोनों की बचत होगी. साथ ही यह भारत में बनी पहली AI-संचालित MRI मशीन है, जो स्कैन समय में करीब 37 फीसदी की कमी लाती है. 75 फीसदी तक हीलियम की खपत घटाती है. यानि जांच होगी तेज़, सटीक और सस्ती होगी और मरीज को जल्दी इलाज मिल सकेगा.

बता दें क‍ि नई AI तकनीक से मेडिकल जांच का तरीका लगातार बदल रहा है और भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का पता लगाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो सकता है.

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