samacharsecretary.com

नगर निगमों के लिए नए नियम लागू, 10 लाख से ऊपर के कार्यों में ई-टेंडरिंग अनिवार्य

भिलाई.

अब भिलाई नगर निगम क्षेत्र में बिना स्थल निरीक्षण नहीं बनेगा कोई भी प्राक्कलन, 10 लाख से ऊपर के काम ई-निविदा से ही होंगे। उक्त आदेश सचिव के जारी आदेश में प्राक्कलन से लेकर निविदा, अनुबंध और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया तय की गई है।

छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्माण कार्यों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रस्ताव से पहले स्थल निरीक्षण अनिवार्य होगा। भूमि विवादमुक्त होनी चाहिए। प्राक्कलन पूर्ण ड्राइंग-डिजाइन के साथ बने। एसओआर में रोड, बिल्डिंग, इलेक्ट्रिकल, पीएचई की तिथि का स्पष्ट उल्लेख हो।

तकनीकी स्वीकृति सहायक अभियंता 50,000 रुपए तक, कायर्पालन अभियंता 50,00,000 रुपए तक, अधीक्षण अभियंता 2,00,00,000 रुपए तक रहेगी। इलेक्ट्रिकल एसओआर की तकनीकी स्वीकृति कायर्पालन अभियंता (इलेक्ट्रिकल) से ही होगी। जनसंख्या के आधार पर नगर निगमों में आयुक्त, मेयर इन काउंसिल और निगम की वित्तीय शक्तियां तय की गई है. इसमें 10 लाख से अधिक आबादी वाले निगम में आयुक्त को 1.50 करोड़ रुपए तक या इससे ऊपर के कार्यों के लिए राज्य शासन की पूर्व स्वीकृति जरूरी की गई है।

10 लाख रुपए से अधिक के सभी काम ई-निविदा के साथ कार्यालय में प्रत्यक्ष रूप से निविदा फॉर्म देना पूर्णतः बंद होगा। दरों की सहमति के बाद 3 दिन में अनुबंध हेतु पत्र जारी होगा। पत्र मिलने के 15 दिन में अनुबंध निष्पादन अनिवार्य किया गया है। अनुबंध के दिन ही कार्यादेश जारी होगा। भूमि पूजन के 3 दिन में काम शुरू करना होगा। हर माह के अंतिम मंगलवार को राज्य स्तरीय जिला नोडल अधिकारी निविदाओं की समीक्षा करेंगे।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here