पटना.
बिहार सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ऐक्शन में आ गए हैं। पहली बार वे जदयू के बड़े नेताओं की बैठक में नजर आए। यह बैठक राज्यसभा सांसद और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के घर पर बुलाई गई थी जिसमें मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हुए। निशांत ने पार्टी नेताओं के साथ खुलकर बात की।
नीतीश कुमार से हरी झंडी मिलने के बाद निशांत के जदयू में विधिवत शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है। सियासत की पीच पर औपराचिक एंट्री से पहले निशांत ने अपना मैसेज साफ कर दिया है। इस बैठक में युवा ब्रिगेड के साथ अनुभवी राजनेता भी मौजूद थे। मीटिंग का वीडियो फोटो सामने आया है जिसमें संजय झा के अलावे, मंत्री श्रवण कुमार,जेडीयू एमएलसी संजय गांधी मौजूद दिख रहे हैं। इनके साथ-साथ जेडीयू विधायकों में कोमल सिह, चेतन आनंद, राहुल सिंह, अतिरेक कुमार, ललन सर्राफ, रूहेल रंजन, शुभानंद मुकेश, एम मृणाल, समृद्ध वर्मा शामिल हुए। मीटिंग में जदयू के 20 से अधिक नेताओं ने भाग लिया जिनके साथ निशांत कुमार ने भविष्य की योजनाओं पर विमर्श किया।
मीटिंग के बाद जदयू नेताओं के साथ निशांत कुमार
बैठक को लेकर मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि निशांत कुमार की पार्टी में जरूरत है। कोई बैठक नहीं थी, बातचीत थी। विधायकों ने उनसे मुलाकात की। आने वाले दिनों में पार्टी को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका पर चर्चा हुई। वहां मौजूद सभी जदयू सदस्यों ने निशांत कुमार का स्वागत किया। पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं को लंबे समय से इस दिन का इंतजार था। नीतीश कुमार जी से भी सहमति मिल गई है कि निशांत पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि निशांत राजनीति में बेहतर परफॉर्मेंस दिखाएंगे।
इधर, निशांत के स्वागत में पटना के चौक चौराहों पर पोस्टर लगना शुरू हो गया है। जदयू के साथ-साथ बीजेपी कार्यालय के पास भी निशांत के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें उन्हें नीतीश कुमार के साथ दिखाया गया है। निशांत के लिए सरकार और पार्टी में बड़ी भूमिका की मांग की गयी है। हालाकि, यह तय माना जा रहा है कि राज्य की नई सरकार में निशांत की भूमिका होगी। उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि 8 मार्च(रविवार) को दोपहर बाद निशांत औपचारिक तौर पर जनता दल यू की सदस्यता हासिल करेंगे।
इससे पहले शुक्रवार की शाम को नीतीश कुमार के आवास पर जदयू की हाईलेवल मीटिंग हुई जिसमें नीतीश कुमार ने औपचारिक तौर पर अपने निर्णय से पार्टी जनों को अवगत कराया। राज्यसभा जाने की बात सुनकर कई नेता भावुक हो गए। नीतीश कुमार ने उन्हें ढाढस बंधाया कि वह हमेशा बिहार से जुड़े रहेंगे। मीटिंग में निशांत कुमार को पार्टी में शामिल कराने पर सहमति बनी।





