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20 साल जेल काटने के बाद लौटा था घर, नीतीश कटारा केस का दोषी सुखदेव सड़क दुर्घटना में मरा

कुशीनगर
करीब 23 साल पहले देश की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में से एक नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी सुखदेव यादव उर्फ पहलवान की एक सड़क हादसे में मौत हो गई है। यह हादसा, मंगलवार की रात दस बजे के आसपास यूपी के कुशीनगर के बघौचघाट मोड़ पर हुआ। एक तेज रफ्तार स्कार्पियो की चपेट में आकर एक बाइक पर सवार तीन लोगों में से एक की मौके पर मौत हो गई। जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्कार्पियो को कब्जे में लेते हुए दोनों घायलों को सीएचसी पहुंचाया जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में पता चला कि हादसे में जिस शख्स की मौत हुई है वह 1992 के देश के चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड में 20 साल की सजा काटकर आया सुखदेव यादव था। सुखदेव कुछ महीने पहले ही घर आया था।

कुशीनगर के चौराखास थाना क्षेत्र के तरुवनवा के कुम्भिया टोला का रहने वाला सुखदेव यादव पुत्र विश्वनाथ यादव (उम्र-55 साल) अपने ही गांव के विजय गुप्ता (उम्र-45 साल) और भागवत सिंह (उम्र-50 साल) के साथ मंगलवार को किसी रिश्तेदारी में गया थे। वहां से तीनों एक ही बाइक पर देर रात वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान फाजिलनगर कस्बे के बघौचघाट मोड़ पर तेज गति आ रहे स्कार्पियो की चपेट में आ गए। इस हादसे में सुखदेव यादव की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को सीएचसी फाजिलनगर पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

घटना के बाद ठोकर मारने वाला वाहन डिवाइडर से टकरा गया। मृतक सुखदेव यादव देश के चर्चित कांड नीतीश कटारा की हत्या के जुर्म में 20 साल की सजा काटने के बाद चार महीने पहले रिहा होकर घर आया था। बता दें कि इस मामले को लेकर लंबी कानूनी प्रक्रिया चली और जब कोर्ट ने हत्या में सजा काट चुके दोषियों की रिहाई का आदेश दिया तो नितीश कटारा की मां ने इसके विरोध भी किया था। इस सम्बन्ध में चौकी प्रभारी मधुरिया ब्रह्मा उपाध्याय ने बताया कि ठोकर मारने वाला वाहन पुलिस के कब्जे में है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।

विकास यादव के साथ सह दोषी था सुखदेव
नीतीश कटारा हत्याकांड में पूर्व मंत्री डीपी यादव के बेटे विकास यादव और उनके चचेरे भाई विशाल यादव को 25 साल की जेल की सजा मिली थी। जबकि सह-दोषी सुखदेव यादव को इस मामले में 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। तीनों पर एक विवाह समारोह से नीतीश कटारा का अपहरण करने और फिर विकास की बहन भारती यादव के साथ उसके कथित संबंधों के कारण उसकी हत्या करने का दोषी ठहराया गया था ।

 

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