samacharsecretary.com

रेल फाटक खुला और तबाही: देवघर में ट्रेन-ट्रक टकराव, बाइकें चकनाचूर

देवघर

देवघर–देवीपुर मुख्य सड़क पर नावाडीह रेलवे फाटक के पास शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गोरखपुर से आसनसोल जा रही एक यात्री ट्रेन की टक्कर सड़क पार कर रहे ट्रक से हो गई। हालांकि लोको पायलट की सूझबूझ से कोई जानमाल की हानि नहीं हुई।

इंजन की टक्कर ट्रक से हो गई
देवघर–देवीपुर मुख्य सड़क स्थित नावाडीह रेलवे फाटक के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जसीडीह से आसनसोल की ओर जा रही यात्री ट्रेन एक ट्रक से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देवघर से देवीपुर की ओर जा रहा ट्रक रेलवे फाटक खुला होने के कारण रेल लाइन पार करने लगा, तभी तेज रफ्तार ट्रेन वहां पहुंच गई। खतरे को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन की गति कम कर दी, लेकिन ट्रेन पूरी तरह रुक नहीं पाई और इंजन की टक्कर ट्रक से हो गई। टक्कर के बाद ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क की ओर पलट गया और दो मोटरसाइकिलों को अपनी चपेट में ले लिया।

कुछ समय के लिए सड़क और रेल यातायात पूरी तरह बाधित
इस घटना में दोनों मोटरसाइकिल सवार घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई। हादसे के कारण कुछ समय के लिए सड़क और रेल यातायात पूरी तरह बाधित रहा। ट्रेन को मौके पर रोक दिया गया, जबकि सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, रेल पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।

रेलवे गेटमैन की लापरवाही की आशंका
रेलवे प्रशासन ने क्रेन की मदद से ट्रक को रेल लाइन से हटाने का काम शुरू किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य किया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। सूत्रों के अनुसार इस घटना में रेलवे गेटमैन की लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि फाटक खुला हुआ था। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। लोको पायलट की सतर्कता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया, अन्यथा भारी नुकसान हो सकता था।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here