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पालकी यात्रा बनी भक्ति और आस्था का प्रतीक, मंत्री टेटवाल ने किया विधिवत शुभारंभ

भोपाल 

राजगढ़ जिले के सारंगपुर में सावन के पावन माह में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां बटकेश्वर महादेव मंदिर से निकली महादेव की भव्य पालकी यात्रा में लाखों शिवभक्तों ने भाग लिया। यात्रा का शुभारंभ कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने महाकाल के जयकारों के साथ किया। उन्होंने पालकी यात्रा की अगुवाई करते हुए पूर्ण श्रद्धा के साथ नगर भ्रमण कराया। बड़ी संख्या में सहभागिता के लिये श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

कलशधारी महिलाओं ने दी यात्रा को भव्यता

पालकी यात्रा में हजारों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश लेकर मंगल कलश लेकर यात्रा को भव्यता प्रदान की। मंत्री टेटवाल ने सभी माताओं-बहनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह दृश्य जनशक्ति और आस्था की एक अनुपम मिसाल है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत को सजीव करती है।

भक्ति, संस्कृति और अनुशासन का संगम

ढोल-नगाड़ों, मंजीरों और बम-बम भोले के जयघोष के साथ जब पालकी यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकली, तो पूरा वातावरण शिवमय हो गया। शिव के गण, नंदी की झांकियां और भक्तों की टोलियों ने यात्रा को एक दिव्य स्वरूप प्रदान किया। मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने यात्रा का पुष्प-वर्षा एवं आरती कर स्वागत किया।

बटकेश्वर महादेव ‘चंद्रमौलेश्वर’ रूप में करते हैं नगर भ्रमण

बटकेश्वर महादेव को चंद्रमौलेश्वर के रूप में जाना जाता है। वे प्रतिवर्ष इस यात्रा के माध्यम से नगर में भ्रमण करते हैं और अपनी प्रजा का हाल जानते हैं। यात्रा के समापन पर मंदिर में विशेष श्रृंगार आरती व भंडारे का आयोजन किया गया।

टेटवाल ने श्रद्धालुओं का किया अभिनंदन

मंत्री टेटवाल ने नगर निगम, पुलिस बल, सफाई मित्रों, श्रद्धालुओं एवं समस्त प्रशासनिक अमले का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आप सभी के सहयोग से यह यात्रा न केवल अनुशासित रही, बल्कि भक्ति और संस्कृति का अनुपम उदाहरण भी बनी। सारंगपुर की इस ऐतिहासिक पालकी यात्रा ने न केवल धार्मिक समरसता का संदेश दिया, बल्कि प्रशासनिक समन्वय और जन आस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

 

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