samacharsecretary.com

सोयाबीन और SMP पाउडर से बनाया जा रहा था पनीर, दिल्ली-NCR तक फैला नेटवर्क

 अलवर

राजस्थान के मेवात इलाके में स्वास्थ्य और कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस ने एक बहुत बड़ा एक्शन लिया है. डीग जिले में पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों ने दो अलग-अलग जगहों पर छापेमारी करते हुए 1800 किलो मिलावटी और जहरीला पनीर जप्त किया है. हैरान करने वाली बात यह है कि यह नकली पनीर असली दूध के बजाय सोयाबीन, पामोलीन ऑयल, एसएमपी (स्कॉम्ड मिल्क पाउडर) और मशीन क्लीन पाउडर को मिलाकर तैयार किया जा रहा था, जिसे तुरंत मौके पर नष्ट करवा दिया गया। 

पुलिस अधीक्षक (SP) शरण गोपीनाथ के निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई. पुलिस को सूचना मिली थी कि मेवात क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिलावटी पनीर तैयार कर बाहर राज्यों में भेजा जा रहा है। 

गांव जाजमका में कार्रवाई

पुलिस ने शरीफ के मकान में संचालित मकसूद की डेयरी पर छापा मारा. यहां सोयाबीन और पामोलीन से नकली पनीर बनाया जा रहा था. पुलिस को देखकर कई लोग भाग खड़े हुए, लेकिन मौके से मुनीम साहिल पुत्र इस्लाम, निवासी गढ़ी झील पट्टी को गिरफ्तार कर लिया गया. इस प्लांट से 1600 किलो मिलावटी पनीर जप्त कर मौके पर ही नष्ट कराया गया। 

मांची के जंगल में कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई मांची के जंगल में अयूब और मुफीद की डेयरी पर की गई, जहां पिकअप गाड़ी और टीनशेड के प्लांट में पनीर तैयार हो रहा था. पुलिस ने आरोपी अल्ली उर्फ अलीजान को दबोच लिया. यहां से 200 किलो पनीर, 18 कट्टे एसएमपी पाउडर, रिफाइंड पामोलीन ऑयल, सोयाबीन ऑयल और मशीन क्लीन पाउडर के साथ पिकअप वाहन को जप्त किया गया। 

दिल्ली-NCR, यूपी और हरियाणा में होती थी सप्लाई
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि यह जहरीला पनीर हर दो-तीन दिन में तैयार कर दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश के शहरों के बाजारों में बेचा जाता था। 

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यह सामान्य पनीर नहीं बल्कि एक तरह का जहर है, जिसके सेवन से लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। 

फिलहाल पुलिस ने दोनों कारखानों को सील कर दिया है और फरार चल रहे मुख्य सरगनाओं मकसूद, साद, अयूब, मुफीद और उनके साथियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here