इंदौर
इंदौर अग्निकांड की खबर ने देशभर को झकझोरकर रख दिया है। सुनते ही लोगों की रूह कांप रही है। पीएम नरेंद्र मोदी इंदौर में आग लगने के कारण आठ लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की भी घोषणा की है। मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव, राज्य सरकार के मंत्री कैलाश विजय वर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने इस हादसे में गहरा दुख जताया है।
प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे
इंदौर की घटना पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में आग लगने की घटना में हुई जान-माल की हानि से गहरा दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।" उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में अग्नि दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गहन शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है, हमारी संवेदनाएं सभी शोकाकुल परिजन के साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की है।
गर्भवती थी पुगलिया परिवार की बहू सिमरन
ब्रजेश्वरी कॉलोनी में पुगलिया परिवार के मकान में लगी आग ने दो परिवारों को तबाह कर दिया। पुगलिया परिवार के मुखिया मनोज पुगलिया और उनकी बहू सिमरन की इस हादसे में मौत हो गई। सिमरन, मनोज के बेटे सौरभ की पत्नी थी। वह तीन साल पहले ही इस घर की बहू बनकर आई थी और गर्भवती थी। उसने इस परिवार के साथ एक नई जिंदगी के सपने भी संजोए थे।
चार माह का गर्भ था
चार महीने से अधिक की गर्भवती सिमरन अब इस दुनिया में नहीं रहीं और उनके साथ ही उस नन्ही जान ने भी दम तोड़ दिया, जो अभी इस दुनिया में आने वाली थी। गर्भवती होने के कारण डाॅक्टरों ने आराम की सलाह दी थी। इस कारण सिमरन नीचे की मंजिल पर थी।
जनवरी में हुई थी शादी, सामान लेने कमरे में गई थी
हादसे में मृत कारोबारी मनोज पुगलिया के तीन बेटे हैं। दूसरे नंबर के बेटे की जनवरी माह में शादी हुई थी। उसकी पत्नी मायके में थी। तीसरे बेटे की शादी नहीं हुई है। बताया जाता है कि सौरभ ने अपनी पत्नी सिमरन को भी छत पर चलने के लिए कहा, लेकिन वह कुछ जरूरी सामान लेने कमरे के भीतर चली गई। इसके बाद पूरे घर में इतना धुआं भर गया कि नीचे के हिस्से में लोगों का दम घुटने लगा। मनोज के तीनों बेटे और पत्नी छत के रास्ते पड़ोसी की छत पर चले गए, जबकि मेहमानों को छत पर जाने का मौका भी नहीं मिल पाया।
साले विजय सेठिया का परिवार रात में ही आया था
मनोज के साले विजय सेठिया और उनका परिवार रात को ही घर आया था। खाना खाने के बाद रात 12 बजे तक सभी नीचे बैठकर बातें करते रहे। इसके बाद सभी अलग-अलग कमरों में सोने चले गए थे।
बेटा आया कीमती सामान लेने
आग लगने पर तीनों बेटों को भागने के अलावा कुछ नहीं सूझा। सबसे पहले उन्होंने अपनी जान बचाई। घर में कीमती सामान और जेवर रखे थे। इन्हें निकालने के लिए बेटा सौरभ सुबह आठ बजे अपने जले हुए घर पर फिर पहुंचा। सौरभ ने बताया कि जब आग लगी, तब पूरे घर में काला धुआं भरा हुआ था और सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी।
9 गैस सिलिंडर मिले, एक फूटा था
फायर ब्रिगेड ने जले हुए घर से 9 गैस सिलिंडर भी निकाले, जिनमें कुछ खाली थे। आग उन सिलिंडर तक नहीं पहुंची, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था। हालांकि, रसोई घर में रखे एक सिलिंडर में विस्फोट हुआ था।
गैस सिलिंडरों में धमाका हुआ
इंदौर में कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई, जिसने विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में कम से कम 8 लोग आग के चलते जान खो दी। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को बंगाली चौराहा क्षेत्र में स्थित बृजेश्वरी कॉलोनी में कार को चार्ज किया जा रहा था, तभी चार्जिंग के दौरान आग लग गई और देखते ही देखते इस आग ने विकराल रूप ले लिया। पूरी इमारत में आग की लपटें नजर आने लगीं। इस आग की चपेट में घर के अंदर रखे गैस सिलेंडर भी आ गए और एक-एक कर कई गैस सिलिंडर में धमाका हुआ। इसके चलते मकान का कुछ हिस्सा भी ढह गया।
इस हादसे को लेकर जानें पुलिस कमिश्नर ने क्या बताया?
इस हादसे में आठ लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, तिलक नगर थाना क्षेत्र में सुबह 4 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। तीन मंजिला मकान में पुगलिया परिवार रहता था।
इस परिवार के सदस्य ऊपरी मंजिल में सो रहे थे जबकि इनके यहां बिहार से मनोज सेठिया का परिवार आया हुआ था जो ग्राउंड फ्लोर में सो रहा था। इसी सेठिया परिवार के छह लोगों की मौत हादसे में हुई है जबकि दो लोग पुगलिया परिवार के हैं। वहीं घटना में तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।





