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नशा तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, झालावाड़ में 125 करोड़ की संपत्ति स्थाई रूप से जमींद कर दी

झालावाड़/जयपुर

नशे के खिलाफ जिले में अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए झालावाड़ पुलिस ने नशा माफियाओं की आर्थिक कमर तोड़ दी है। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन दिव्य प्रहार के तहत नशा तस्करी से अर्जित लगभग 125 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई में आलीशान मकान पेट्रोल पंप कृषि भूमि कॉमर्शियल प्लॉट्स और महंगी गाड़ियां शामिल हैं।

तीन महीने की खुफिया तैयारी
पुलिस की एमओबी शाखा ने पिछले कुछ महीनों से नशा नेटवर्क से जुड़े अपराधियों और उनके रिश्तेदारों की अवैध संपत्तियों का गोपनीय डाटाबेस तैयार किया। इसके बाद थाना प्रभारियों साइबर टीम और विशेष जांच दल ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए इन संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया।

स्पेशल टीम ने संभाला मोर्चा
आर्थिक कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय में चार सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई। इसमें हेमन्त शर्मा पिंकू मैरोठा वीकेश और नीतेश शामिल रहे। पूरी कार्रवाई का संचालन और मॉनिटरिंग स्वयं एसपी अमित कुमार ने की।

दिल्ली से मिली कानूनी मंजूरी
एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया को दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिल चुकी है। अब तस्कर इन संपत्तियों को बेच नहीं सकेंगे गिरवी नहीं रख सकेंगे और न ही किसी तरह उपयोग कर सकेंगे। इस कार्रवाई ने जिले में नशा कारोबार करने वालों के बीच दहशत फैल दी है। साफ संदेश है कि नशा बेचोगे तो जेल भी होगी और काली कमाई भी खत्म होगी।
 
एसपी का संदेश

एसपी अमित कुमार ने कहा यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं बल्कि नशा व्यापार की जड़ों पर आर्थिक प्रहार है। अपराधियों को समझना होगा कि नशे से अर्जित संपत्तियां स्थाई नहीं रह सकतीं। सभी तस्करों के मामलों में थाना प्रभारी को केस अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब तक 71 नशा तस्कर जांच में हैं और उनकी 107 संपत्तियां स्थाई रूप से फ्रीज की जा चुकी हैं। जिले में नशा नेटवर्क पर यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
 

 

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