samacharsecretary.com

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पुलिस परिवार ने किया सामूहिक योगाभ्यास

भोपाल

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज धृति कल्याण शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा 25वीं वाहिनी के हॉल में योग कार्यक्रम एवं धृति 23वीं वाहिनी परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस परिवार के सदस्यों में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, सकारात्मक जीवनशैली तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती सीमा मकवाणा के साथ श्रीमती प्रियंवदा सक्सेना, श्रीमती अनुपमा कुमार, श्रीमती टिंग रॉय, श्रीमती भारती प्रसाद तथा श्रीमती गीता गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर पुलिस लाइन नेहरू नगर, 23वीं वाहिनी विसबल, 25वीं वाहिनी विसबल, 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल तथा झूला घर पुलिस मुख्यालय भोपाल से जुड़े पुलिस परिवार की महिलाओं एवं बच्चियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

योग कार्यक्रम के दौरान सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया तथा महिलाओं एवं बच्चियों द्वारा योग आधारित विभिन्न आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से योग के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली, आत्मानुशासन एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

योग कार्यक्रम के उपरांत धृति 23वीं वाहिनी परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण का संदेश देते हुए सभी ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।

संपूर्ण कार्यक्रम सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) श्रीमती इरमीन शाह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस की सभी इकाइयों, जिलों, रेंज कार्यालयों, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों एवं वाहिनियों में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों तथा जवानों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। योग सत्रों में सहभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन एवं शारीरिक फिटनेस का संदेश दिया।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here