आगरा.
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर मंजू भदौरिया ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने आलू किसानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि आगरा में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होती है। वर्तमान में बाजार में मूल्य लागत से भी कम है।
मंजू भदौरिया ने आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने, बाजार में हस्तक्षेप योजना लागू करने, निर्यात और परिवहन पर सब्सिडी देने के अलावा कोल्ड स्टोरेज के बिजली बिल में राहत देने की मांग की। जिले की विभिन्न जनसमस्याओं, जल संकट, किसानों की परेशानियों और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों को लेकर डॉ. मंजू भदौरिया और पूर्व विधायक डॉक्टर राजेंद्र सिंह ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखते हुए जनहित में शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बताया कि जल जीवन मिशन योजना अभी पूरी तरह संचालित नहीं हो पाई है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। उन्होंने मांग की, जब तक योजना सुचारु रूप से लागू नहीं होती, तब तक जिला पंचायत को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ग्राम स्तर पर सबमर्सिबल पंप, टंकी और पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने तथा सोलर सिस्टम युक्त जल मीनार स्थापित करने की अनुमति दी जाए।
बांध बनाए जाने की मांग भी उठाई
डॉक्टर भदौरिया ने आगरा की प्रमुख उटंगन नदी में जल संचयन के लिए फतेहाबाद तहसील के रेहावली गांव के पास स्लूस गेट युक्त बांध बनाए जाने की मांग भी उठाई। उन्होंने बताया कि राजस्थान के करौली क्षेत्र से आने वाली इस नदी में पर्याप्त जलराशि रहती है, जिसे बांध बनाकर संचित किया जा सकता है। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और बाह व फतेहाबाद क्षेत्र के गांवों को सिंचाई तथा पेयजल के लिए लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टर मंजू भदौरिया द्वारा उठाए मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।




