samacharsecretary.com

पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान की डीजीपी कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट

डीजीपी कैलाश मकवाणा से पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने की सौजन्य भेंट

डीजीपी ने दी बधाई

भोपाल 

डीजीपी कैलाश मकवाणा से  पुलिस मुख्यालय में पावरलिफ्टिंग की क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने भेंट की। मध्यप्रदेश पुलिस के जिला पुलिस लाइन उज्जैन में पदस्थ आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने पावरलिफ्टिंग की क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन

करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया हैं। उन्‍होंने यह पदक क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में 82 किग्रा भार वर्ग में हासिल किया है। डीजीपी मकवाणा ने आरक्षक को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई एवं निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने के लिये शुभकामनायें दीं। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी शारीरिक क्षमताओं को बढ़ाते हुए व्यावसायिक दक्षता भी सिद्ध कर रही है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस बल के कर्मचारी जब खेलों में इस प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, तो यह पूरे विभाग के मनोबल को सुदृढ़ करता है।

      उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता का आयोजन 23–24 नवंबर 2025 को उज्जैन में किया गया था। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पूरे मध्यप्रदेश से 400 से अधिक खिलाड़ियों ने सहभागिता की। आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने 82 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

   ऑल इंडिया क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता  7 से 11 जनवरी तक फरीदाबाद, हरियाणा में आयोजित होगी। इस ऑल इंडिया क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में आरक्षक सौदान सिंह चौहान मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी  सहित लगभग 800 खिलाड़ी भाग लेंगे।

      आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया है कि वे आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश के लिए स्वर्ण पदक अर्जित करने का हरसंभव प्रयास करेंगे।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here