samacharsecretary.com

SC की सुनवाई पर प्रशांत भूषण का तीखा रुख, उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में बोले

नई दिल्ली
दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं मिलने पर कई लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी इस फैसले पर हैरानी जाहिर करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और इसे अनुचित और अन्याय तक कह डाला। उन्होंने उमर खालिद और शरजील इमाम का बचाव करते हुए कहा कि वे खुद हिंसा करने के आरोपी नहीं हैं। भूषण ने यह भी कहा कि भाषणों में वह हिंसा के खिलाफ बोलते हुए दिखे थे।
 
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपने बहुप्रतिक्षित फैसले में दिल्ली दंगों से जुड़े 5 आरोपियों को 11 शर्तों के आधार पर जमानत दे दी। हालांकि, देश की सबसे बड़ी अदालत ने उमर खालिद और शरजील इमाम को 'अपराध के अलग पायदान' पर बताते हुए राहत देने से इनकार किया। सर्वोच्च अदालत ने उन पर लगे आरोपों को आतंकवाद की श्रेणी में भी माना और ट्रायल में देरी के आधार पर राहत देना उचित नहीं समझा। अदालत के फैसले से जहां आरोपियों को झटका लगा तो उनके लिए बेल की इच्छा रखने वाले लोगों ने भी गहरी निराशा जाहिर की।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठा, खालिद-शरजील का बचाव
प्रशांत भूषण ने कहा, 'उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार करना पूरी तरह से चौंकाने वाला, अनुचित और अन्यायपूर्ण है। वह खुद हिंसा करने के नहीं, बल्कि साजिश के आरोपी हैं। उनके भाषणों के कई वीडियो हैं जिसमें वो हिंसा के खिलाफ बोल रहे हैं। ट्रायल के बिना वे 5 साल जेल में गुजार चुके हैं। फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने गोपनी पहचान वाले 'संरक्षित गवाहों' के पुलिस के बयान के आधार पर बेल देने से इनकार कर दिया। शर्मनाक और जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का मजाक।'

शरजील के चाचा ने जमानत से इनकार पर जताया अफसोस
दिल्ली दंगों की साजिश मामले में शरजील इमाम को जमानत देने से उच्चतम न्यायालय के इनकार पर उसके चाचा ने सोमवार को अफसोस व्यक्त किया, लेकिन कहा कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। शरजील के चाचा अरशद इमाम ने संवाददाताओं से कहा, 'फैसले की जानकारी पाकर मैं बेहद आहत हूं। मुझे पूरी उम्मीद थी कि इस बार अदालत जमानत देगी, क्योंकि बहस के दौरान हर बिंदु से यही संकेत मिल रहा था कि शरजील निर्दोष है। फिर भी, एक भारतीय नागरिक के रूप में मैं अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं।' उन्होंने हालांकि उम्मीद जताई कि शरजील को अंततः जमानत मिल जाएगी।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here