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यूपी में मतदाता सूची सुधारने की तैयारी, राशन दुकानों पर चिह्नित होंगे छूटे हुए वोटर

लखनऊ
उत्तर विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण से पहले निर्वाचन विभाग ने मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मतदाता सूची में एक परिवार के सभी सदस्यों के नाम एक ही पोलिंग बूथ पर रहने का निर्देश दिया है। इसके लिए बीएलओ को जांच करनी होगी कि किसी परिवार का सदस्य दूसरे बूथ पर तो नहीं चला गया है। ऐसा होने पर संबंधित मतदाता से फार्म-8 भरवाकर उसका नाम परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक ही मतदेय स्थल पर रखने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।

साथी ही नए बनाए गए मतदेय स्थलों पर बीएलओ की तैनाती सुनिश्चित करने के साथ ही बूथ बदलने वाले मतदाताओं को इसकी लिखित जानकारी देनी होगी। बीएलओ घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं को उनके नए मतदेय स्थल के बारे में अवगत कराएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी निर्देश में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

निर्देश के मुताबिक, मतदेय स्थल बदलने से प्रभावित मतदाताओं को उनके नए बूथ की जानकारी देने की जिम्मेदारी बीएलओ की होगी। इस काम का पर्यवेक्षण संबंधित सुपरवाइजर करेंगे, जबकि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। इसके अलावा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को नए बनाए गए मतदेय स्थलों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मतदेय स्थलों के नाम, स्थान या अन्य विवरण में संशोधन किया गया है, उनकी जानकारी भी राजनीतिक दलों को देनी होगी।

राशन की दुकानों पर चिह्नित होंगे छूटे हुए मतदाता
वहीं मतदाता सूची में छूटे हुए लोगों को जोड़ने के लिए अब सरकारी राशन की दुकानों की भी मदद ली जाएगी। खाद्य एवं रसद विभाग के तहत संचालित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर पंजीकृत राशन कार्ड धारकों में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे लाभार्थियों को चिह्नित किया जाएगा, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। इनमें खासतौर पर महिलाओं और युवा मतदाताओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने पर जोर दिया गया है। दरअसल निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत 12 नवम्बर से 11 दिसम्बर के बीच आपत्तियां व दावे लिए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की राशन दुकानों पर दर्ज लाभार्थियों के राशन कार्ड का सत्यापन कर पात्र छूटे हुए मतदाताओं की पहचान की जाएगी। इसके बाद संबंधित विभाग के माध्यम से उनका फार्म-6 भरवाकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों से राशन की दुकानों से निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट प्राप्त करने को कहा है। पुनरीक्षण अभियान के तहत दावे और आपत्तियां लेने की अंतिम तिथि के तीन दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजनी होगी।

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