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राजगीर दौरे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, 31 मार्च को नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल

राजगीर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 मार्च को बिहार में राजगीर के दौरे पर आएंगी, जहां वह नालंदा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक जानकारी दी। यह अवसर नालंदा विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि नव-निर्मित स्थायी परिसर में आयोजित होने वाला यह पहला दीक्षांत समारोह होगा।

इस परिसर का उद्घाटन जून 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। पुनरुद्धार के बाद यह विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह है; पहला समारोह वर्ष 2016 में आयोजित हुआ था। विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक राष्ट्रपति इस अवसर पर दीक्षांत भाषण देंगी, विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करेंगी तथा मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित भी करेंगी। इसके साथ ही वह विश्वविद्यालय के नवनिर्मित 2,000 सीटों वाले सभागार "विश्वमित्रालय" का उद्घाटन भी करेंगी।

कुल 10 PHD उपाधियां और 36 स्वर्ण पदक किए जाएंगे प्रदान
दीक्षांत समारोह में स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रमों के सभी विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से डिग्री प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया गया है। ये विद्यार्थी अर्जेंटीना, वियतनाम, भूटान, इंडोनेशिया, केन्या, लाओस, म्यांमार, सर्बिया, घाना, थाईलैंड, नेपाल, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे सहित विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। समारोह में कुल 10 पीएचडी उपाधियां और 36 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे, जो विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाते हैं। इस अवसर पर "मंजिरी" नामक एक विशेष पत्रिका का भी विमोचन किया जाएगा, जो विश्वविद्यालय के मौजूदा छात्रों द्वारा तैयार की गई है।

कई गणमान्य अतिथि होंगे शामिल
इसमें प्रथम बैच से लेकर अब तक के पूर्व छात्रों की यात्राओं, अनुभवों और उपलब्धियों को संकलित किया गया है। इसके अतिरिक्त, दिन के उत्तरार्ध में दक्षिण-पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इस केंद्र की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22वें आसियान–भारत शिखर सम्मेलन के दौरान की थी। करीब नौ वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित हो रहे इस दीक्षांत समारोह में देश-विदेश से आए छात्र, उनके परिजन और कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे। प्रमुख अतिथियों में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर तथा विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पेरियासामी कुमारन शामिल रहेंगे।

 

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