samacharsecretary.com

Punjab Assembly Special Session: मजदूर दिवस पर BJP के खिलाफ निंदा प्रस्ताव की तैयारी तेज

चंडीगढ़.

एक मई को मजदूर दिवस के मौके पर पंजाब सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए सदन में प्रस्ताव लाने पर भी मुहर लगी।

हालांकि, सियासी हलकों में इस सत्र को लेकर महज औपचारिकता से कहीं ज्यादा राजनीतिक तापमान बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस विशेष सत्र में विभिन्न मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जा सकता है।

मजदूरों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना
मनरेगा और उससे जुड़े ढांचागत बदलावों के चलते मजदूर वर्ग पर पड़ रहे प्रभावों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच श्रमिकों के सामने खड़ी चुनौतियों को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। सत्र का सबसे अहम और चर्चित पहलू राजनीतिक रहने वाला है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में जाने के घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि विधानसभा के भीतर भाजपा के खिलाफ जोरदार बहस हो सकती है और निंदा प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। यह पहला मौका नहीं है जब ऐसे मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाया जा रहा हो। इससे पहले सितंबर 2022 में भी ‘ऑपरेशन लोटस’ को लेकर पंजाब सरकार ने विशेष सत्र बुलाने की कोशिश की थी।

27 सितंबर को विश्वास प्रस्ताव पास किया
उस समय राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव भी सामने आया था। बाद में 27 सितंबर को सत्र आयोजित कर सरकार ने अपना विश्वास प्रस्ताव पास किया था।उस दौरान आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि उनकी सरकार गिराने के लिए भाजपा विधायकों को लालच दे रही है। इस मामले में मोहाली में केस भी दर्ज कराया गया था। अब एक बार फिर राज्यसभा सदस्यों के घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।ऐसे में माना जा रहा है कि मजदूर दिवस के बहाने बुलाए गए इस विशेष सत्र में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज रहेगा और सत्ता पक्ष भाजपा को घेरने की पूरी कोशिश करेगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here