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धर्मेंद्र की मृत्यु पर पंजाब में गम, साहनेवाल से मुंबई तक चले जीवन और करियर की यात्रा

साहनेवाल

 बाॅलीवुड के ही-मैन एवं प्रख्यात अभिनेता धर्मेंद्र की माैत की सूचना से पूरा पंजाब गमगीन है। धर्मेंद्र पिछले लंबे समय बीमार थे और उनका मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार को उनके निधन की सूचना से प्रशंसकों में  शोक की लहर दाैड़ गई। धर्मेंद्र के गांव साहनेवाल में लोग गमजदा हैं। 

साहनेवाल में मांगी जा रही थीं दुआएं
साहनेवाल में गांव की चौपाल पर उनके लिए दुआएं की जा रही थी। 91 वर्षीय सतपाल सिंह ने कहा कि धर्मेंद्र के निधन की खबर से वे बेहद दुखी हैं। धर्मेंद्र का साहनेवाल से गहरा नाता है। उनका बचपन साहनेवाल में ही गुजरा और वे हमेशा साहनेवाल को याद करते रहते थे।

फगवाड़ा में गुजरा था बचपन
धर्मेंद्र का जन्म लुधियाना के पास साहनेवाल में हुआ था। उनका बचपन फगवाड़ा में बीता। उनके पिता मास्टर केवल कृष्ण चौधरी आर्य हाई स्कूल में गणित और सामाजिक अध्ययन पढ़ाते थे। धर्मेंद्र ने 1950 में यहीं से मैट्रिक की। 1952 तक रामगढ़िया कॉलेज में आगे की पढ़ाई की और फिर एक सपने के साथ मुंबई चले गए। 

आर्य हाई स्कूल में उनके सहपाठी, वरिष्ठ एडवोकेट एस.एन चोपड़ा ने बताया कि धर्मेंद्र मृदुभाषी, विनम्र और हमेशा मुस्कुराते रहते थे। उनमें एक खास चमक थी। प्रसिद्धि ने उनकी विनम्रता को कभी नहीं बदला। हरजीत सिंह परमार ने कहा कि जब भी वह आते, तो हमारे साथ बैठना, पुरानी बातें करना, मजाक करना और पुरानी यादें ताजा करना चाहते थे। वह कभी किसी स्टार की तरह नहीं आए, वह हमारे दोस्त की तरह आए।

 

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