samacharsecretary.com

पटना में बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, सड़क-गली से स्कूल-मंडी तक जलभराव

पटना.

अनुमंडल क्षेत्र में मंगलवार की शाम से रात तक वर्षा हुई। उमस भरी असहनीय गर्मी झेल रहे लोगों को जहां राहत मिली वहीं जगह-जगह जल जमाव के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ी रही। अशोक राजपथ, कई महत्वपूर्ण सड़कें, स्कूल परिसर, गलियों से लेकर मंडी तक जलमग्न हो गया।

बरसात में जल जमाव की स्थिति उत्पन्न होने देने के लिए नगर निगम की तमाम प्रयासों पर पानी फिर गया। नाला उड़ाही और सफाई के नाम पर महीनों की मेहनत और करोड़ों रुपये बरसात की बारिश में बह गए। एक बार फिर जनता परेशानियों से घिर गई।

श्री गुरु गोविंद सिंह पथ पर जल जमाव, गड्ढों में वाहन खा रहे हिचकोले
श्री गुरु गोविंद सिंह पथ पर वर्षा के समय लगभग 6 इंच तक पानी जम गया। पथ के सटे दीरापर मोहल्ला का मार्ग जलमग्न हो गया । इसी पथ से पैदल व साइकिल से श्री गुरु गोविंद सिंह स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी हुई। मोहल्ले के नागरिक घरों में कैद हो गए हैं । नगर निगम की गाड़ी मोहल्ले के नालों से पानी निकाल कर दूसरी जगह फेंक रहे हैं। छात्र-छात्राएं बुधवार की सुबह नाले के जमे पानी से होकर आते-जाते रहे।

गायघाट से दीदारगंज जाने वाले मार्ग पर जमा हुआ दो फीट पानी
गंगा किनारे निर्मित गायघाट से दीदारगंज सड़क पर कई स्थानों पर जल जमाव से वाहनों का परिचालन बाधित हो रहा है। भद्रघाट और महावीर घाट के पास घुटने भर से अधिक जल जमाव होने गुजरने वाले वाहन बंद हो जा रहे हैं। कंगन घाट की 30 सीढ़ियां डूब गई हैं और चबूतरा पर गंगा का पानी आने से सुबह में व्यायाम करने वाले लोगों को परेशानी हुई। इस मार्ग में सड़क पर पानी जम जाने के कारण रास्ता खतरनाक हो गया। रेलवे लाइन के दक्षिण के कई हिस्सों में भी रास्ते पर पानी भरा गया है।

मंडियों पर भी वर्षा का असर
पटना सिटी के मारूफगंज, मंसूरगंज, गुलजारबाग, मीनाबाजार, दलहट्टा, हाजीगंज, मुसल्लहपुर बाजार समिति क्षेत्र की मंडियों में भी जल जमाव से लोगों की परेशानी बढ़ी। चौकशिकारपुर स्थित पटना सिटी स्कूल के खेल मैदान में भी वर्षा का पानी जमा होने से मैदान में जलजमाव का स्तर बढ़ा है । नागरिकों ने बताया कि इस खेल मैदान में लगभग 100 दिनों से जल जमाव है। वहीं बेगमपुर स्थित रघुनाथ हिंदू विद्यालय परिसर में भी जलजमाव के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here