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रायपुर : रोजगार दिवस से बदली तस्वीर — 107 पंचायतों में मनरेगा जानकारी अब QR कोड पर

रायपुर : रोजगार दिवस से बदली तस्वीर — 107 पंचायतों में मनरेगा जानकारी अब QR कोड पर

छुईखदान में हर माह 07 तारीख को रोजगार दिवस, आजीविका डबरी से आय बढ़ाने की पहल

ग्रामीणों को डिजिटल रूप से सशक्त कर रहा रोजगार दिवस — जियोफेंसिंग व e-KYC पर जोर

रायपुर 

खैरागढ़ जिले के छुईखदान विकासखंड की सभी 107 ग्राम पंचायतों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक माह की 07 तारीख को मनरेगा आधारित रोजगार दिवस का आयोजन किया जा रहा है। वनांचल से मैदानी पंचायतों तक आयोजित हो रहे इन शिविरों में मनरेगा से जुड़े दिशा-निर्देशों, प्रक्रियाओं और अधिकारों की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों तथा जॉब कार्डधारियों को दी जा रही है। रोजगार सहायक मौके पर ही मनरेगा में संधारित सात रजिस्टर व वर्क/केस फाइल प्रस्तुत करते हैं, साथ ही जॉब कार्ड प्रविष्टियों को अद्यतन कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक श्रमिक तक तथ्यात्मक एवं पारदर्शी जानकारी पहुंचे। ग्रामीणों को नए परिवारों का पंजीयन, जॉब कार्ड में सदस्यों के नाम जोड़ने, अपूर्ण आवासों की पूर्णता, मातृत्व भत्ता, क्षतिपूर्ति सहित विभिन्न लाभों के बारे में भी स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है।

इस वर्ष रोजगार दिवस की विशेष पहल के रूप में QR कोड आधारित सूचना प्रणाली को जोड़ा गया है। अब कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर मनरेगा योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी—जैसे पिछले वर्षों के श्रमिक बजट, स्वीकृत कार्य, लागत, व्यय और प्रगति—एक ही स्थान पर देख सकता है। यह व्यवस्था न केवल जानकारी को सुलभ बना रही है, बल्कि योजना क्रियान्वयन में पारदर्शिता भी दृढ़ कर रही है।

रोजगार दिवस के माध्यम से ग्रामीणों को केवल जानकारी ही नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें आजीविका उन्नयन की दिशा में भी प्रेरित किया जा रहा है। प्रोजेक्ट उन्नति 2.0 के तहत राज मिस्त्री सहित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण आत्मनिर्भर बनें और मनरेगा श्रमिक से कुशल श्रमिक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें। इसके साथ ही बड़ी संख्या में आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसान मछली पालन और पूरक कृषि गतिविधियों से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए श्रमिक बजट का निर्माण युक्तधारा के माध्यम से किया जा चुका है। परिसंपत्तियों के जियो टैगिंग कार्य को अब जियोफेंसिंग तकनीक के जरिए लागू किया जाएगा, साथ ही e-KYC के महत्व की विस्तृत जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई है। नियमित रूप से आयोजित हो रहा यह रोजगार दिवस ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने, उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ने और सतत आर्थिक मजबूती की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

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