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राजस्थान निकाय चुनाव में चौंकाने वाले नतीजे, एक प्रत्याशी को नहीं मिला एक भी वोट

जयपुर
 चुनावी मैदान में कई बार ऐसे हैरान कर देने वाले नतीजे सामने आ जाते हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल होता है। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में भी कुछ परिणामों ने प्रत्याशियों के साथ-साथ राजनीतिक दलों को चौंका दिया। कहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रत्याशी को एक भी वोट नहीं मिला, तो कहीं भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खाते में महज एक वोट आया।

बालोतरा जिले के सिणधरी नगरपालिका के वार्ड संख्या 3 का यह चुनावी परिणाम कुछ ऐसा ही अनूठा किस्सा लेकर आया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। इस वार्ड में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के उम्मीदवार ओम प्रकाश को एक भी वोट नहीं मिला। ओमप्रकाश खुद इस वार्ड के मतदाता नहीं हैं, इसलिए खुद का वोट भी नहीं मिल सका। वहीं नोटा का बटन दबाने वाला एक मतदाता जरूर मिल गया। यानी यहां नोटा आरएलपी से आगे निकल गया। इस वार्ड में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच रहा, जहां बीजेपी के खेमाराम को 93 वोट मिले और कांग्रेस के भंवरा राम ने 133 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। कुल डाले गए मतों की संख्या 226 रही, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार ने बाजी मार ली।

एक वोट वाले नतीजे ने खड़े किए कई सवाल
परबतसर नगर पालिका चुनाव के इन दोनों नतीजों ने राजनीतिक दलों के सामने प्रत्याशी चयन और स्थानीय संगठन की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

BJP जैसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी का एक वोट तक सीमित रहना इसलिए ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि उम्मीदवार खुद भी उस वार्ड का मतदाता नहीं था. वहीं, RLP प्रत्याशी के खाते में भी सिर्फ एक वोट आना पार्टी के स्थानीय जनाधार और उम्मीदवार चयन पर चर्चा का कारण बन रहा है। 

फिलहाल परबतसर नगर पालिका चुनाव का यह 'एक वोट' वाला मामला स्थानीय राजनीति से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा में है. खासकर BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र का खुद को वोट नहीं दे पाना इस पूरे चुनावी नतीजे को और दिलचस्प बना रहा है। 

परबतसर में BJP प्रत्याशी को सिर्फ एक वोट
दूसरा हैरान करने वाला नतीजा डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगरपालिका के वार्ड नंबर 13 से सामने आया। यहां भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी कैलाशचंद को महज एक वोट मिला। वहीं कांग्रेस की प्रत्याशी हिना खानम ने 376 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। निर्दलीय प्रत्याशी रसीद खां को भी 195 वोट मिले। यानी निर्दलीय प्रत्याशी भी भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी से 194 वोट आगे रहा। इस वार्ड में कुल 573 वोट पड़े। खास बात यह रही कि भाजपा प्रत्याशी कैलाशचंद के खाते में एक वोट आया और नोटा को भी एक वोट मिला।

पत्नी और माता-पिता भी नहीं दे पाए वोट!
कैलाशचंद के लिए यह नतीजा इसलिए और चौंकाने वाला है क्योंकि उनके मुताबिक उनका परिवार जिस वार्ड में रहता है, वहां परिवार के 12 वोट थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें वार्ड नंबर 13 से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा। ऐसे में उनके परिवार के सदस्य भी उन्हें वोट नहीं दे सके।

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