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युक्तियुक्तकरण से विद्यालय को मिले दो-दो शिक्षक, बच्चों के चेहरे पर फिर से लौटी मुस्कान

बिलासपुर

विकासखण्ड बिल्हा के शासकीय प्राथमिक शाला सड़कपारा भरारी जहां पर कभी तीन शिक्षक हुआ करते थे लेकिन प्रधान पाठक पदोन्नति में दो शिक्षिकाएं प्रधान पाठक पदोन्नत होकर अन्य विद्यालय चली गई और एक शिक्षक वहीं पर प्रधान पाठक के रूप में पदोन्नत हो गए। प्रधान पाठक के रूप में पदोन्नत हुए शिक्षक श्री अशोक साहू पदोन्नति से खुश तो थे लेकिन बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित भी रहते थे। अकेले प्रधान पाठक की जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए पांच कक्षाओं को कैसे पढ़ाए यह चिंता हमेशा लगी रहती थी। 

    शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने लगीं। पालक पढ़ाई नहीं होने की समस्या लेकर प्रधान पाठक के पास पहुंचते लेकिन प्रधान पाठक के पास भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं था उच्च कार्यालय से प्रधान पाठक ने कई बार पत्राचार किया और शिक्षक की मांग की लेकिन ट्रांसफर पर बैन लगा हुआ था ऐसे में उच्च कार्यालय भी शिक्षक उपलब्ध कराने में असमर्थ था। निराश होकर पालक धीरे-धीरे अपने बच्चों को विद्यालय से निकालकर अन्य विद्यालय में दाखिला कराने लगे। अन्य विद्यालय मोहल्ले से दूर था जहां छोटे बच्चों का पैदल चलकर जाना आसान नहीं था।

नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले प्रधान पाठक काफी चिंतित थे यदि इस बार भी ट्रांसफर से बैन नहीं खुला और विद्यालय को शिक्षक नहीं मिला तो कहीं ऐसा ना हो कि विद्यालय की दर्ज संख्या शून्य हो जाए। 

    इसी बीच शासन की महत्वपूर्ण योजना युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रधान पाठक को उम्मीद की एक नई किरण दिखने लगी। प्रधान पाठक को लगा कि शायद उनके बच्चों कि करुण पुकार शासन प्रशासन तक पहुंच गई और युक्तियुक्तकरण मानो उनके विद्यालय के लिए वरदान बनकर आयी है चलो अब तो उनके विद्यालय और बच्चों को शिक्षक मिल जाएंगे और पढ़ाई पहले जैसे पटरी पर आ जाएगी और हुआ भी यही। काउंसलिंग के दौरान दो शिक्षिकाओं ने शासकीय प्राथमिक शाला सड़कपारा भरारी का चयन किया उन्हें विद्यालय में ज्वाइनिंग भी मिल गई। अब बच्चों की पढ़ाई बहुत अच्छे से हो रही है बच्चे और पालक दोनों खुश है और इस तरह की योजना लाने के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दे रहे हैं।

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