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बढ़ती दौलत की रफ्तार: भारत में 308 अरबपति, वैश्विक रैंकिंग में तीसरा स्थान

नई दिल्ली
भारत में अरबपतियों की संख्या बढ़कर 308 हो गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 24 ज्यादा है। यह जानकारी हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट की 'हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2026' में सामने आई है। इस बढ़ोतरी के साथ भारत अरबपतियों की संख्या के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस लिस्ट में अमेरिका और चीन क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अरबपतियों की कुल संपत्ति में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह बढ़कर 112.6 लाख करोड़ रुपए हो गई है। इनमें से 199 अरबपतियों की संपत्ति में वृद्धि दर्ज की गई है।

हालांकि 109 अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट आई या उनकी संपत्ति स्थिर रही। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के अरबपतियों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 7 प्रतिशत है। हुरुन रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में अरबपतियों की संख्या अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर कई नए क्षेत्रों में भी बढ़ रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि देश में आर्थिक विकास कई अलग-अलग सेक्टरों में हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, हेल्थकेयर सेक्टर से सबसे ज्यादा 53 नए अरबपति सामने आए। इसके बाद इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स सेक्टर से 36 और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर से 31 नए अरबपति जुड़े।

हालांकि नए अरबपतियों की संख्या कम होने के बावजूद ऊर्जा सेक्टर के पास सबसे ज्यादा संपत्ति है। इस सेक्टर के सिर्फ 8 अरबपतियों के पास कुल 18.3 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है, जो भारत के कुल अरबपतियों की संपत्ति का लगभग 16 प्रतिशत है। भारत में मुंबई अब भी अरबपतियों का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है, जहां 95 अरबपति रहते हैं। हालांकि एशिया में अरबपतियों की राजधानी का दर्जा अब चीन के शेन्जेन को मिल गया है, जहां 133 अरबपति हैं। मुंबई में इस साल 15 नए अरबपति जुड़े, जो न्यूयॉर्क (14) और लंदन (9) से भी ज्यादा हैं।

वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क अरबपतियों के शहरों की सूची में पहले स्थान पर है, जहां 146 अरबपति रहते हैं। इसके बाद शंघाई (120), बीजिंग (107) और लंदन (102) का स्थान है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारतीय अरबपतियों की औसत उम्र 67 वर्ष है, जो वैश्विक औसत 65 वर्ष से थोड़ी ज्यादा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 23 महिला अरबपतियों के पास कुल मिलाकर 9.8 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है।

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