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RTO ने बदले रजिस्ट्रेशन नियम: पुरानी गाड़ियों के मालिक हो जाएं सावधान

लुधियाना 
आर.टी.ओ. विभाग ने 2 साल बाद पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन और फिटनैस रिन्यूअल की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है लेकिन इसके साथ ही जुर्माने का बोझ इतना बढ़ा दिया गया है कि अब कई वाहन मालिकों के लिए पुराना वाहन रखना घाटे का सौदा बन गया है। विभाग की नई प्रणाली के तहत अब 2023 में फिटनैस रिन्यू न कराने वालों से 7200 से 12000 रुपए तक का अतिरिक्त जुर्माना वसूला जा रहा है। इतना ही नहीं, दोपहिया वाहनों पर हर महीने 300 रुपए और चौपहिया वाहनों पर 500 रुपए तक का विलंब शुल्क भी लगाया जा रहा है।

कई लोगों का कहना है कि जुर्माने की राशि उनके पुराने वाहन की कीमत से भी ज्यादा हो चुकी है। उदाहरण के तौर पर 19 साल पुराने स्कूटर का रजिस्ट्रेशन न करवाने पर अब 16 हजार रुपए तक का जुर्माना बन रहा है, जबकि उसी मॉडल का सैकेंड हैंड स्कूटर मार्कीट में 10-12 हजार रुपए में मिल जाता है।

ऑनलाइन सिस्टम में गड़बड़ी से बढ़ी परेशानी
वाहन मालिकों के अनुसार ऑनलाइन फिटनैस पोर्टल पर सिस्टम बार-बार फेल हो रहा है जिससे वे समय पर फीस जमा नहीं कर पा रहे। कई लोगों को फिटनैस फीस के साथ लेट फीस भी भरनी पड़ रही है। कुछ लोगों ने कहा कि वे कई बार दफ्तर के चक्कर लगाकर थक चुके है, लेकिन क्लीयरैंस नहीं मिल रही।

1992 से पहले के मॉडल पर भी वसूला जा रहा टैक्स
नियमों के अनुसार 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को तभी सड़क पर चलाया जा सकता है जब उनका फिटनैस सर्टीफिकेट रिन्यू हो लेकिन अब विभाग 1992 या उससे पुराने वाहनों से भी टैक्स और पैनल्टी वसूल रहा है, जबकि ये वाहन अधिकांशतः चलने लायक ही नहीं बचे।
 
लुधियाना के वाहन मालिक हरविंदर सिंह ने कहा, “मेरे स्कूटर की कीमत 12 हजार है और फिटनैस के साथ जुर्माना 16 हजार रुपए लग गया। यह नाइंसाफी है। विभाग को व्यावहारिक नीति बनानी चाहिए, नहीं तो आम लोग पुराने वाहन सड़क से हटा देंगे।”

विशेषज्ञों की राय- नीति में राहत की जरूरत
ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि विभाग को पुराने वाहनों के लिए एकमुश्त रजिस्ट्रेशन स्कीम लानी चाहिए जिससे मालिकों को राहत मिले और प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रिया भी सरल बने।

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