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रूस की ओरेश्निक मिसाइल: यूक्रेन पर इस्तेमाल के बाद वैश्विक सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

कीव/मॉस्को
रूस ने गुरुवार देर रात यूक्रेन पर किए गए हवाई हमलों में अपनी अत्याधुनिक नई हाइपरसोनिक ‘ओरेश्निक’ मिसाइल का इस्तेमाल किया है। कड़ाके की ठंड के बीच हुए इस हमले को रूस की सैन्य कार्रवाई में एक बड़ा और चिंताजनक कदम माना जा रहा है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा, “रूसी सशस्त्र बलों ने उच्च-सटीकता वाले लंबी दूरी के जमीनी और समुद्री हथियारों से व्यापक हमला किया, जिसमें ओरेश्निक मोबाइल मीडियम-रेंज मिसाइल सिस्टम भी शामिल था।” हालांकि रूस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ओरेश्निक मिसाइल ने यूक्रेन में किस स्थान को निशाना बनाया। यह एक साल से अधिक समय बाद ऐसा पहली बार है जब मॉस्को ने ओरेश्निक मिसाइल का उपयोग किया है। यह मिसाइल एक साथ कई वॉरहेड ले जाने में सक्षम है और इसमें पारंपरिक या परमाणु हथियार लगाए जा सकते हैं।

क्या है ओरेश्निक मिसाइल?
ओरेश्निक (Oreshnik) रूस द्वारा विकसित एक नई मध्यम-दूरी की हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है। रूसी भाषा में 'ओरेश्निक' का अर्थ 'हेज़ल ट्री' (Hazel Tree) होता है। इस मिसाइल की मुख्य विशेषता इसकी हाइपरसोनिक स्पीड है। यह मिसाइल ध्वनि की गति से 10 गुना (Mach 10) से भी अधिक तेज गति से चल सकती है, जो लगभग 12,000 से 13,000 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी मारक क्षमता लगभग 3,000 से 5,500 किलोमीटर तक मानी जाती है। यानी यह लगभग पूरे यूरोप तक पहुँच सकती है और उसे अपनी चपेट में ले सकती है।

एक साथ कई ठिकाने ध्वस्त करने में सक्षम
यह मिसाइल MIRV (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicles) तकनीक से लैस है, जिसका अर्थ है कि एक ही मिसाइल हवा में अलग होकर कई अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ हमला कर सकती है। इतना ही नहीं यह मिसाइल पारंपरिक विस्फोटक और परमाणु हथियार, दोनों ले जाने में सक्षम है। यानी यह परमाणु विस्फोट कराने में सक्षम है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अनुसार, अपनी अत्यधिक गति के कारण इस मिसाइल को वर्तमान की किसी भी वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोकना लगभग असंभव है। यह मिसाइल संभवतः रूस की पुरानी RS-26 Rubezh मिसाइल प्रणाली का एक उन्नत संस्करण है।

ल्वीव में धमाके, अहम ढांचे को नुकसान
रूस ने पहली बार इसका इस्तेमाल 21 नवंबर, 2024 को यूक्रेन के निप्रो (Dnipro) शहर पर हमले के लिए किया था। अब रूस ने यूक्रेन के पश्चिमी शहर ल्वीव (Lviv) क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए फिर से इस मिसाइल का इस्तेमाल किया है। यूक्रेनी वायुसेना के वेस्टर्न एयर कमांड ने कहा कि मिसाइल करीब 13,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बैलिस्टिक मार्ग पर आगे बढ़ रही थी। यह गति आवाज़ की रफ्तार से लगभग 10 गुना अधिक है। रूस के मिसाइल बलों के प्रमुख के अनुसार, ओरेश्निक की रेंज इतनी है कि वह पूरे यूरोप तक पहुंच सकती है। पिछले महीने रूस ने अपने करीबी सहयोगी बेलारूस में ओरेश्निक मिसाइल सिस्टम की तैनाती का वीडियो भी जारी किया था।
 
यूरोप के लिए गंभीर खतरा
रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबीहा ने कहा, “EU और NATO की सीमा के इतने करीब इस तरह का हमला पूरे यूरोपीय महाद्वीप की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। यह ट्रांस-अटलांटिक समुदाय के लिए एक परीक्षा है।” उन्होंने रूस की “लापरवाह कार्रवाई” पर कड़े जवाब की मांग की। उधर, रूस ने कहा कि यह हमला यूक्रेन द्वारा पिछले महीने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को निशाना बनाने की कोशिश के जवाब में किया गया है। हालांकि, CIA और अमेरिकी अधिकारियों का आकलन है कि यूक्रेन ने पुतिन के किसी निजी निवास को निशाना नहीं बनाया था। यह दावा ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके दूत यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए बातचीत में जुटे हैं।

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