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सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाएगी

जिलों में एकता दौड़ सहित अनेक कार्यक्रम होंगे

भोपाल
भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर को प्रदेश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाएगा। इस दिन राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के योगदान का स्मरण करने तथा राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव एवं नागरिक कर्तव्यों के प्रति जन-जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ ‍दिलाए जाने के साथ ही जिला मुख्यालयों पर 'रन फॉर यूनिटी' के साथ ही शैक्षणिक संस्थाओं में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने पर केंद्रित कई गतिविधियां आयोजित होंगी।

सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी कलेक्टर और कमिश्नर को निर्देश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डाँ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 21 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुई बैठक में भी निर्देश दिए गए थे। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों सहित समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

जिला मुख्यालयों पर आयोजित होगी 'रन फॉर यूनिटी'
जिला मुख्यालयों पर जिला-प्रशासन द्वारा पुलिस बल तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से 3 से 5 किलोमीटर की एकता दौड़ (रन फॉर यूनिटी) आयोजित की जायेगी। इसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पुलिस बल, खिलाड़ियों, युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी।

शासकीय कार्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थाओं में दिलाई जाएगी शपथ और होंगी विभिन्न गतिविधियां
राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय एकता की शपथ विभिन्न शासकीय/अशासकीय कार्यालयों, महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थाओं में 'राष्ट्रीय एकता शपथ दिलायी जायेगी। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए निबंध, भाषण, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर, स्लोगन एवं लघु वीडियो प्रतियोगिताएँ आयोजित की जायेगी। प्रतियोगिताओं के विषय 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' तथा 'युवाओं की राष्ट्रीय एकता में भूमिका' आदि रखे जा सकते हैं। आयोजन में सुरक्षा, स्वच्छता, आपातकालीन चिकित्सा, यातायात एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

समाज के सभी वर्गों सहित शहीद सैनिकों के परिवारों को किया जायेगा आमंत्रित
जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थाओं, शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों, जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों एवं शहीद सैनिकों के परिवारों आदि को विशेष तौर पर आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी।

 

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