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सिलेंडर की मारामारी, शादी समारोहों का मेन्यू तक घटा

नई दिल्ली

शादियों का सीजन शुरू होते ही गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। जिन घरों में विवाह समारोह हैं उनके लिए सिलेंडर का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। एजेंसियों के चक्कर लगाने के बाद भी लोगों को व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। परेशान लोग पेट्रोलियम मंत्रालय तक शिकायत कर रहे हैं।

ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने से पहले एलपीजी की किल्लत नहीं थी। शादी या अन्य समारोह के लिए लोगों को व्यावसायिक सिलेंडर आसानी से मिल रहे थे। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि लोग आकर शादी का कार्ड दिखाते थे और जरूरत के अनुसार व्यावसायिक सिलेंडर ले जाते थे। अब गैस कंपनियों की ओर से सख्ती कर दी गई है। मौजूदा समय में कनेक्शन धारकों को भी उनकी जरुरत का सत्यापन करने के बाद सिलेंडर दिए जा रहे हैं।

किसी कनेक्शन धारक की औसत खपत अगर महीने में 10 सिलेंडर की है, तो उसे महज 6-7 सिलेंडर ही दिए जा रहे हैं। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि शादी-समारोह के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर सिर्फ शादी के कार्ड के आधार पर उपलब्ध करा पाना अब संभव नहीं हो पा रहा है।

सोशल मीडिया के जरिये मंत्रालय को बता रहे समस्या
सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान लोग सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये अपनी शिकायतें गैस कंपनियों और मंत्रालय तक पहुंचा रहे हैं। किरण नाम के एक्स हैंडल से की गई शिकायत में बताया गया कि घर में शादी है, लेकिन गैस नहीं मिल रही है। ऐसे ही कई अन्य यूजर्स ने अपनी शिकायतें साझा की हैं। इन सभी शिकायतों पर उत्तर दिया गया है और गैस सिलेंडर दिलाने का प्रयास किया गया है। शादी के लिए सिलेंडर लेने के लिए लोग जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भी मदद ले रहे हैं।

छापेमारी में 2027 सिलेंडर जब्त
कालाबाजारी को रोकने के लिए दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों ने अब तक 540 स्थानों पर छापेमारी की है। इसमें 2027 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 44 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए विकास भवन स्थित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यहां पर शिकायत मिलने के बाद जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की टीमें भी गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सक्रिय हैं।

सगाई-शादी में व्यंजनों की संख्या को कम करना पड़ा
गैस सिलेंडर मिलने में हो रही परेशानी का असर अब शादी-विवाह जैसे बड़े आयोजनों पर साफ नजर आने लगा है। गैस की कमी के चलते लोगों को अपने कार्यक्रमों में व्यंजनों की संख्या कम करनी पड़ रही है। जिससे आयोजनों का स्वाद और रंग दोनों फीके पड़ते जा रहे हैं। ज्योति नगर निवासी महेश शर्मा ने बताया कि उनके बड़े बेटे आलोक की शादी 23 अप्रैल को तय है। 21 अप्रैल को सगाई का कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने बताया कि पहले सगाई के लिए करीब 25 व्यंजनों का मेन्यू तय किया गया था, लेकिन गैस की किल्लत के चलते अब इसमें कटौती करनी पड़ी है। महेश ने बताया कि इस बदलाव के लिए वधू पक्ष से भी सहमति ली गई, जिसके बाद उन्होंने भी शादी के मुख्य कार्यक्रम में सात-आठ व्यंजन कम करने का फैसला किया है।

दिल्ली के बजाय गांव से करना पड़ रहा आयोजन
राजधानी में रहने वाले उत्तराखंड के कुछ लोग शादी समारोह को एलपीजी संकट की वजह से गांव से करने का मन बना चुके हैं। उनका कहना है कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कैटरिंग संचालक अधिक रुपये की मांग कर रहे हैं। इससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। आरके पुरम निवासी मोहित सिंह ने बताया कि उनकी बहन की शादी इस माह के आखिरी सप्ताह में है। काफी कोशिश के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जैसे ही एलपीजी का संकट शुरू हुआ, वैसे ही कैटरिंग संचालक ने अधिक रुपये की मांग कर दी। साथ ही मेन्यू में भी कटौती की बात की थी। ऐसे में उन्होंने बीते माह ही शादी समारोह का आयोजन अपने गांव में करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि गांव में लकड़ी से खाना बनेगा, जिससे कोई परेशानी नहीं होगी।

समारोह के लिए ऐसे मिल सकता है गैस सिलेंडर
दिल्ली की एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने बताया कि शादी के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर लेने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब सिलेंडर तभी मिल पाएगा, जब डीलर्स के पास उपलब्धता होगी। सिलेंडर पाने के लिए शादी का कार्ड लेकर नजदीकी एलपीजी डीलर के कार्यालय जाकर वहां अस्थायी कनेक्शन लेना होगा। इसके बाद प्रत्येक सिलेंडर के लिए तय करीब 2500 रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करानी होगी। गैस की कीमत अलग से देनी होगी। अगर डीलर के पास व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध है, तो वे कार्ड के आधार पर ही सिलेंडर दे देंगे। सिलेंडर लौटाने पर सिक्योरिटी की रकम वापस हो जाएगी।

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