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18 अप्रैल का राशिफल: कुछ राशियों के लिए सफलता का दिन, कुछ को झेलनी पड़ेंगी मुश्किलें

मेष राशि आज मेष राशि वालों को थोड़ा थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है। हालांकि प्यार और रिश्तों के मामले में दिन अच्छा रहेगा। पार्टनर के साथ नजदीकियां बढ़ेंगी। काम-धंधे में फायदा होगा। बस खर्चे पर थोड़ा कंट्रोल करना होगा। आराम के लिए थोड़ा टाइम निकालेंगे तो बेहतर महसूस कर पाएंगे। वृषभ राशि करियर में चीजें पहले से बेहतर होती दिख रही हैं। लव लाइफ भी ठीक रहेगी। ऑफिस में किसी बड़े से उलझने से बचें। सेहत ठीक है लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही ना करें। छोटी-छोटी बातों पर शांत रहेंगे तो दिन आसान रहेगा। मिथुन राशि आज का दिन आपके लिए अच्छा है। मन खुश रहेगा और कोई अच्छी खबर मिल सकती है। रिश्तों में मिठास बढ़ेगी और अपनापन भी बढ़ेगा। काम में थोड़ी भागदौड़ रहेगी लेकिन आखिर में आपको इसका फायदा भी होगा। दोस्तों या परिवार के साथ समय बिताकर अच्छा लगेगा। कर्क राशि आज थोड़ा संभलकर चलने वाला दिन है। सेहत का ध्यान रखें और बेवजह की टेंशन ना लें। रिश्तों में थोड़ी खटास आ सकती है इसलिए अपनों से बात सोच-समझकर करें। धैर्य रखेंगे तो स्थिति जल्दी संभल सकती है। सिंह राशि आज कोई जोखिम लेने से बचें। चोट-चपेट का ध्यान रखें। बाकी पार्टनर और परिवार का साथ अच्छा रहेगा। काम में धीरे-धीरे चीजें ठीक होती दिखेंगी। जल्दबाजी की जगह समझदारी से कदम बढ़ाना बेहतर रहेगा। तुला राशि दिन मिला-जुला रहेगा। पेट से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। काम में थोड़ा दबाव रहेगा। रिश्तों में भी छोटी-मोटी बातों पर मन खट्टा हो सकता है। ओवरथिकिंग ना करें। आप अपने खानपान पर ध्यान देंगे तो राहत मिलेगी और मन भी सही रहेगा। धनु राशि आप अपने विरोधियों पर भारी पड़ेंगे। काम में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। हालांकि मन थोड़ा अशांत रह सकता है। सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। आज के दिन थोड़ा पॉजिटिव सोचेंगे तो कॉन्फिडेंस बना रहेगा। मकर राशि मन थोड़ा परेशान रह सकता है। रिश्तों में बहस से बचें। कोई बड़ा फैसला आज टाल देना बेहतर रहेगा। सेहत भी थोड़ा कमजोर रह सकती है। शांत रहकर सोचेंगे तो बेहतर रास्ता मिल सकता है। कुंभ राशि घर-परिवार में थोड़ी खींचतान हो सकती है। मां की सेहत को लेकर चिंता रह सकती है। खर्च बढ़ सकते हैं। बाकी काम-धंधा ठीक चलता रहेगा। बजट बनाकर चलेंगे तो टेंशन कम रहेगी। कन्या राशि सेहत को लेकर थोड़ा ध्यान रखें, खासकर गला या नाक की दिक्कत हो सकती है। काम में उतार-चढ़ाव रहेगा। हालांकि प्यार और परिवार का साथ अच्छा मिलेगा। गर्म चीजें लेने से आराम मिल सकता है। वृश्चिक राशि पैसों के मामले में थोड़ा सावधान रहें। बेवजह खर्च या नुकसान हो सकता है। झगड़े-फसाद से दूर रहें। बाकी काम सामान्य चलता रहेगा। सोच-समझकर खर्च करेंगे तो स्थिति कंट्रोल में रहेगी। मीन राशि आज मन में थोड़ी घबराहट या डर बना रह सकता है। रिश्तों में भी थोड़ा तनाव आ सकता है। सेहत का खास ध्यान रखें। खुद को व्यस्त रखेंगे तो मन हल्का महसूस करेगा।

बकाया भुगतान नहीं करने पर सरकारी दफ्तर में कुर्की, मचा हड़कंप

 करौली राजस्थान के करौली कलेक्ट्रेट में  उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोर्ट की एक टीम अचानक सामान जब्त करने पहुंच गई. मामला इतना बढ़ गया कि टीम ने अल्प बचत अधिकारी के कार्यालय में रखी उनकी कुर्सी तक कुर्क कर ली. सरकारी दफ्तर में हुई इस कार्रवाई को देख वहां मौजूद कर्मचारी और अधिकारी दंग रह गए. दरअसल, यह पूरा मामला एक पुराने वित्तीय विवाद का नतीजा है, जिसमें अदालत के आदेश की पालना न होने पर यह सख्त कदम उठाना पड़ा. आखिर क्या है पूरा मामला? यह पूरी कहानी हिण्डौन के रहने वाले राजेश कुमार गुप्ता से जुड़ी है. राजेश ने अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ Court) में एक शिकायत दर्ज कराई थी. उनका दावा था कि अल्प बचत योजना के तहत उनके 1.91 लाख रुपये विभाग के पास बकाया हैं. सिर्फ पैसा ही नहीं, राजेश ने 780 ग्राम चांदी और 33 ग्राम सोने के आभूषणों का भी दावा कोर्ट के सामने रखा था. अदालत में लंबी सुनवाई चली, लेकिन जब विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कुर्की का वारंट जारी कर दिया. कलेक्ट्रेट में कुर्सी की जब्ती हिण्डौन कोर्ट के आदेश पर करौली कोर्ट की टीम कलेक्ट्रेट स्थित अल्प बचत अधिकारी के दफ्तर पहुंची. टीम का नेतृत्व सेल अमीन तस्लीम हसन कर रहे थे. उस समय वहां जिला कोषाधिकारी अवधेश कुमार भी मौजूद थे. कोर्ट की टीम ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दफ्तर का सामान समेटना शुरू किया. देखते ही देखते अधिकारी की कुर्सी को भी जब्त कर लिया गया. सरकारी दफ्तर से अधिकारी की कुर्सी उठाकर ले जाना विभाग की बड़ी किरकिरी माना जा रहा है. 'हक के लिए लड़ता रहूंगा' इस कार्रवाई के बाद परिवादी राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वे लंबे समय से न्याय के लिए भटक रहे थे. उन्होंने कहा कि कोर्ट का यह फैसला उनके हक में आया है और फिलहाल अधिकारी की कुर्सी को कुर्क किया गया है. राजेश के मुताबिक, यह तो बस शुरुआत है, यदि उनका बकाया पैसा और सोना-चांदी नहीं मिला, तो आगे की कार्रवाई भी न्यायालय के निर्देशानुसार ही की जाएगी.

रायपुर: यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर पर किया गया प्रदर्शन

रायपुर : यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में टिकाऊ और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उद्देश्य से हरी खाद के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में इस वर्ष 600 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी खाद का प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों से अपील की गई है कि वे कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर हरी खाद तकनीक अपनाएं, जिससे मिट्टी की सेहत में सुधार के साथ दीर्घकालीन उत्पादकता सुनिश्चित हो सके। हरी खाद के अंतर्गत ढेंचा, सनई, मूंग, उड़द और बरसीम जैसी फसलों को खेत में उगाकर 40 से 50 दिन बाद जुताई कर मिट्टी में मिला दिया जाता है। इसके पश्चात 2 से 3 सप्ताह बाद मुख्य फसल की बुवाई की जाती है। यह प्रक्रिया मिट्टी में प्राकृतिक पोषक तत्वों की पूर्ति करती है। हरी खाद के उपयोग से मिट्टी में नाइट्रोजन, पोटाश एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है, साथ ही जैविक पदार्थों में वृद्धि होती है। इससे मिट्टी की जलधारण क्षमता बेहतर होती है और भूमि भुरभुरी एवं अधिक उपजाऊ बनती है। हरी खाद अपनाने से रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, की आवश्यकता में कमी आती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हरी खाद का उपयोग कम लागत में अधिक लाभ देने वाला उपाय है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक है। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयास किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।

TCS नासिक कांड: निदा खान की प्रेग्नेंसी का खुलासा, गिरफ्तारी से बचने के लिए रचा नया जाल

नासिक  नासिक टीसीएस धर्मांतरण कांड पर बड़ा खुलासा हुआ है. टीसीएस नासिक कांड की मास्टरमाइंड मानी जा रही निदा खान ने जेल जाने से बचने के लिए नया दांव खेला है. पहले कहा ग या कि निदा खान कंपनी की एचआर है. मगर परिवार का दावा है कि वह कंपनी की एचआर हेड नहीं है. वह कंपनी में एक टेलीकॉलर थी. बहरहाल, उस पर आईटी की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट में जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप है. उसके परिवार वालों का कहना है कि निदा खान प्रेग्नेंट है और मुंबई में हैं।  आरोपी निदा खान अभी टीसीएस के नासिक यूनिट में कथित धर्मांतरण मामले में फरार चल रही है. सूत्रों का कहना है कि आरोपी निदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए स्थानीय अदालत में अर्जी दाखिल कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, निदा खान अपनी गर्भावस्था को मुख्य आधार बनाकर अग्रिम जमानत की मांग करेगी।  सूत्रों के मुताबिक, 26 वर्षीय निदा खान ने पिछले साल जनवरी में शादी के बाद मुंबई शिफ्ट किया था. उसने कंपनी के मुंबई ब्रांच में ट्रांसफर लिया था. निदा खान गर्भावस्था के शुरुआती चरण में है. उसे अग्रिम जमानत के लिए मुख्य तर्क के रूप में पेश किया जाएगा. वहीं, अभियोजन पक्ष जमानत का विरोध कर सकता है. उनका कहना है कि निदा खान इस मामले की ‘मास्टरमाइंड’ हैं, जिन्होंने पीड़ितों को धार्मिक गतिविधियों के लिए मजबूर किया।  अब तक फरार निदा खान को लेकर कंपनी ने खुद दिया बड़ा अपडेट आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टीसीएस (TCS) नासिक के बीपीओ सेंटर में हुआ कांड अब चर्चा का विषय बन गया है. ऑफिस के अंदर धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न जैसे मामले आने के बाद सबसे चर्चित नाम वहां की HR हेड बताई जा रही निदा खान का है. इस पूरी केस के खुलासे के बाद से ही वह फरार चल रही है. उसकी तलाश में महाराष्ट्र पुलिस और एसआईटी टीम लगी है. हालांकि अभी तक उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा है. इस बीच TCS की तरफ से निदा खान को लेकर कुछ जानकारियां दी गई है।  टीसीएस से पूछे गए कुछ सवालों के जवाब में वहां से जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक TCS सूत्रों का कहना है कि निदा खान वहां HR हेड या मैनेजर के तौर पर काम नहीं करती थी. वह वहां सिर्फ टेलीकॉलर के रूप में काम करती थी. नासिक में दर्ज नौ एफआईआर में पहली रिपोर्ट से ही निदा खान का नाम सामने आया था. आरोपों के मुताबिक, वह उन लोगों के समूह का हिस्सा थी, जिन पर महिला और पुरुष कर्मचारियों को निशाना बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं. मामले सामने आने के बाद से ही निदा खान फरार बताई जा रही है. महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) उसकी तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक उसका कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया है. जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद ही कई अहम पहलुओं से पर्दा उठ सकता है खासकर यह कि वह इस पूरे नेटवर्क में उसकी क्या भूमिका थी।    मुंबई में निदा खान के परिवार का क्या दावा?     निदा खान BPO की ह्यूमन रिसोर्स टीम के लिए काम नहीं करती है. उसका पद टेली-कॉलर का है और वह सेल्स टीम का हिस्सा है. उसने दिसंबर 2021 में BPO जॉइन किया था और वह इसके सीनियर कर्मचारियों में से नहीं हैं।      वह कभी भी HR टीम से जुड़ी नहीं रही है.     उसका परिवार मुंबई में लकड़ी का कारोबार करता है.     निदा खान और उसके दो भाई-बहन हैं. एक छोटा भाई और एक बड़ी बहन. सबने नासिक में पढ़ाई की है.     निदा ने कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया है और अभी काम करने के साथ-साथ कॉरेस्पोंडेंस के जरिए MBA की पढ़ाई भी कर रही है.     निदा खान मुंबई में है और अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही है. अग्रिम जमानत के लिए अर्ज़ी दी गई है. टीसीएस नासिक धर्मातंरण मामला क्या है? दरअसल निदा खान उन आठ कर्मचारियों में शामिल है, जिन पर टीसीएस के नासिक बीपीओ में अपने सहकर्मियों के साथ कथित बलात्कार, यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और अन्य प्रकार के उत्पीड़न का आरोप है. इस मामले ने कॉरपोरेट कल्चर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. आठ में से सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि निदा खान अभी भी फरार है।  कैसे सामने आया पूरा मामला यह मामला तब सामने आया, जब नासिक पुलिस ने 23 वर्षीय बीपीओ कर्मचारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की. पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके सीनियर सहकर्मी दानिश शेख ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. यह केस भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 69 (शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना), 75 (यौन उत्पीड़न) और 299 (धर्म या धार्मिक आस्था का अपमान) शामिल हैं. पीड़िता ने क्या आरोप लगाए पीड़िता ने आरोप लगाया कि दानिश और एक अन्य सहकर्मी तौसीफ ने उसे इस्लाम धर्म हिंदू धर्म से बेहतर है, यह समझाने की कोशिश की. उसने दावा किया कि तौसीफ और निदा खान ने एक हिंदू देवी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की. इस मामले ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है. शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि आरोपी एक गैंग की तरह काम करते थे और 18 से 25 साल की महिला कर्मचारियों को निशाना बनाते थे. कौन-कौन अरेस्ट अब तक इस मामले में आठ लोगों दानिश शेख, तौसीफ अत्तर, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसार, शाहरुख शेख और एक महिला को गिरफ्तार किया जा चुका है.

भारत ने अरब सागर में 400 किलोमीटर का नो फ्लाई जोन घोषित किया, ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान में खलबली

मुंबई  ईरान जंग की वजह से दुनियाभर में उथल-पुथल की स्थिति है. होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण एनर्जी सप्‍लाई चेन भी चरमरा गई है. इसके चलते एशिया से यूरोप तक में पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति में बाधा आई है. इन सबके बीच अरब सागर में अलग ही घमासान मचा हुआ है. पहले पाकिस्‍तान ने मिसाइल टेस्टिंग को लेकर नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया. इसके बाद भारत ने अरब सागर में ही पाकिस्‍तान से दोगुने दायरे तक के लिए NOTAM जारी कर दिया. भारत के इस कदम से पड़ोसी देश में खलबली मच गई है. भारत की तरफ से कुछ सप्‍ताह पहले अंडमान सागर क्षेत्र में भी NOTAM जारी किया गया था. यह 1500 से 3500 किलोमीटर तक के लिए था. अब अरब सागर में नो फ्लाई जोन का नोटिस इश्‍यू किया गया है।  अरब सागर एक बार फिर रणनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनता दिख रहा है, जहां भारत और पाकिस्तान ने मिसाइल परीक्षणों को लेकर लगातार नेविगेशनल चेतावनियां (NOTAM) जारी की हैं. दोनों देशों द्वारा जारी इन अलर्ट्स से क्षेत्र में समानांतर सैन्य गतिविधियों का संकेत मिलता है, जिसने सुरक्षा विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित किया है. आधिकारिक सूचनाओं के मुताबिक, पाकिस्तान ने 20 अप्रैल को सुबह 3 बजे से 21 अप्रैल दोपहर 3 बजे तक मिसाइल परीक्षण के लिए समय निर्धारित किया है. इसके तुरंत बाद भारत ने भी 22 अप्रैल सुबह 9:30 बजे से 25 अप्रैल रात 9:30 बजे तक अपने मिसाइल टेस्टिंग प्रोग्राम की घोषणा की है. NOTAM और समुद्री एडवाइजरी आमतौर पर नागरिक विमानों और जहाजों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए जारी की जाती हैं, ताकि सैन्य अभ्यास के दौरान किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।  पाकिस्‍तान 200 तो भारत का 400 किलोमीटर का NOTAM इन परीक्षणों के लिए चिन्हित क्षेत्र अरब सागर में एक-दूसरे की समुद्री सीमाओं के काफी करीब बताए जा रहे हैं. पाकिस्तान का परीक्षण क्षेत्र लगभग 200 किलोमीटर तक फैला है, जबकि भारत का क्षेत्र करीब 400 किलोमीटर का है, जो अपेक्षाकृत बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास की ओर इशारा करता है. हालांकि, भारत और पाकिस्तान दोनों ही नियमित रूप से अपनी सैन्य तैयारियों के तहत मिसाइल परीक्षण करते रहे हैं, लेकिन इस बार इनका लगभग एक साथ होना विशेष महत्व रखता है. दोनों देश परमाणु क्षमता से लैस मिसाइल सिस्टम रखते हैं और इस तरह के परीक्षण पूर्व-निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किए जाते हैं, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या तनाव की स्थिति से बचा जा सके।  अरब सागर में भारत का सर्विलांस शिप इसी बीच, क्षेत्र में नौसैनिक गतिविधियों के बढ़ने की भी खबरें सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि भारत ने अरब सागर में निगरानी के लिए अपने सर्विलांस पोत (INS ध्रुव) तैनात किए हैं, जबकि पाकिस्तान की नौसेना के फ्रिगेट्स इस समय श्रीलंका के आधिकारिक दौरे पर हैं. हालांकि ये गतिविधियां सामान्य सैन्य संचालन का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन मिसाइल परीक्षणों के साथ इनका समय मेल खाना दोनों देशों की सतर्कता को दर्शाता है. इस तरह की समानांतर सैन्य गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन स्थापित संचार तंत्र और पारदर्शिता के चलते स्थिति नियंत्रण में रहती है. यह घटनाक्रम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लगभग एक साल बाद सामने आया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देश अपनी सैन्य क्षमताओं को लगातार मजबूत करने और रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में सक्रिय हैं। 

राजस्थान विधानसभा में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कल

जयपुर राजस्थान विधानसभा में कल अंतर्राष्ट्रीय ट्रेनिंग प्रोग्राम होगा. इसमें बांग्लादेश, भूटान, घाना, केन्या, श्रीलंका, तंजानिया और जाम्बिया सहित कुल 17 देशों के 43 प्रतिभागी भाग लेंगे. यह 37वां अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम लोकसभा सचिवालय के पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी द्वारा आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान प्रतिभागी राज्य की विधायी प्रक्रिया, संसदीय परंपराओं और कार्यप्रणाली से अवगत कराया जाएगा. साथ ही प्रतिभागियों का पीठासीन अधिकारियों और विधानसभा सचिव के साथ संवाद, विधि विशेषज्ञों से मुलाकात और राज्य के प्रमुख विधि संस्थानों का दौरा भी निर्धारित है. ITEC के तहत होगा कार्यक्रम कार्यक्रम का विषय इंटरनेशनल लेजिस्लेटिव ड्राफ्टिंग है, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों को विधायी मसौदा तैयार करने की वैचारिक समझ, कौशल और तकनीकी ज्ञान प्रदान करना है. यह आयोजन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ITEC) योजना के अंतर्गत संचालित हो रहा है. कल आएगा प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि 18 अप्रैल को विदेशी प्रतिनिधियों का दल राजस्थान विधानसभा के सदन, भवन और राजनीतिक आख्यान संग्रहालय का भ्रमण करेगा. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराया जाएगा, जिसके तहत स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण शामिल है. संसदीय सहयोग को मिलेगी मजबूती इस पहल से विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने का मौका मिलेगा. प्रतिनिधिमंडल राज्यों की विधायी प्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा. साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संसदीय सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को मजबूती मिलेगी.

योगी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी तेज, अप्रैल में फैसला

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ ही भाजपा संगठन को दुरुस्त करने की उलटी गिनती शुरु हो गई है। यह सब अप्रैल महीने में ही होगा। बीते पखवारे लखनऊ से लेकर दिल्ली तक भाजपा के प्रदेश और शीर्ष नेतृत्व के बीच गहन मंथन के बाद अब बदलाव और विस्तार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुहर लगनी है। भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और भारत सरकार में मंत्री पंकज चौधरी की शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात प्रस्तावित है। उनकी हरी झंडी के बाद लखनऊ में तैयारी प्रारंभ होगी। रविवार या सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार होने की पूरी संभावना है। इसके बाद संगठन के नये पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी जाएगी। दिल्ली में गुरुवार को समीकरणों को फिर मथा गया। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी व प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ बैठक कर सभी पहलुओं को समझा। इससे पहले इन सभी ने भाजपा के थिंक टैंक माने जाने वाले अमित शाह के साथ मंत्रिमंडल और संगठन विस्तार पर मंथन किया। भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार के सियासी समीकरण को दुरुस्त कर लेना चाहती है। अब भाजपा उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। जिसके तहत योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल और प्रदेश संगठन में भी फेरबदल होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भेंट के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा उत्तर प्रदेश संगठन में बदलाव हो जाएगा। भाजपा प्रमुख कार्यकर्ताओं और नेताओं को निगम आयोग और बोर्ड में समायोजन करना चाहती है, इससे पहले सभासदों और नगर पंचायत सदस्यों को भी मनोनीत किया गया था। संगठन से ज्यादातर नेताओं की विदाई तय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश को लेकर संगठन महामंत्री बीएम संतोष, भाजपा यूपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और यूपी के प्रभारी राष्ट्रीय संगठन मंत्री विनोद तावड़े के साथ बैठक की। इसके बाद यूपी बीजेपी संगठन की नई टीम फाइनल कर दी गई। महामंत्री और उपाध्यक्ष पदों पर जमे ज्यादातर नेताओं की विदाई तय हो गई है। इसके साथ युवा मोर्चा का नया अध्यक्ष और प्रवक्ताओं की सूची पर भी विचार किया गया। ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर क्षेत्रीय अध्यक्षों व प्रदेश पदाधिकारियों का नाम तय होने के साथ ही वहीं निगम, आयोग व बोर्ड में समायोजन करना है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर है। सबसे ज्यादा बदलाव स्वतंत्र प्रभार के मंत्रियों में होने की संभावनाएं हैं। तीन से चार चेहरों को हटाकर संगठन में लाने पर मंथन किया गया है। पिछले दो माह की तस्वीर देखें कि लखनऊ में आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के साथ बैठक कर चुके हैं। अप्रैल में ही सभी कसरतों को किया जाएगा पूरा इसके बाद संघ और भाजपा के बड़े पदाधिकारियों की बैठक सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर हुई। अब राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने दो दिन लखनऊ में रुककर प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री संगठन से मिलकर सभी बिंदुओं पर चर्चा की। दोनों उप मुख्यमंत्रियों से अलग-अलग मिले थे। इसके बाद तत्काल बाद दिल्ली में फिर बैठक से साफ है कि पार्टी अप्रैल में ही सभी कसरतों को पूरा कर लेगी। मंत्रिमंडल में होगा बड़ा बदलाव माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में 12-14 बदलाव होंगे। संगठन और शीर्ष नेतृत्व ने मंत्रियों के चार वर्ष के कार्य की समीक्षा करने के साथ क्षेत्र में उनके कामों का खाका तैयार किया है। मंत्री के काम काज के आकलन के बाद नॉन या लेस परफॉर्मर मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह पर नए चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है।  

विवेक खंड-2 में 410 कारों की अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने की योजना

 लखनऊ  गोमती नगर के विवेक खंड दो में भूमिगत पार्किंग बनाने के लिए गोमती नगर जनकल्याण महासमिति ने प्रयास तेज कर दिए हैं। विवेक खंड दो में बनने वाली यह ऐसी भूमिगत पार्किंग होगी जो आधुनिक सुविधाओं से जहां लैस होगी, वहीं गोमती नगर के विवेक खंड दो व आसपास क्षेत्र का जाम पूरी तरह नियंत्रित करने में सहायक भी होगी। इसमें स्मार्ट व्हीकल गाइडेंस एंड नेविगेशन होगा। आधुनिक सिक्योरिटी और सर्विलांस की सुविधा भी। आटोमेटेड पार्किंग के साथ ही वैलेट सिस्टम भी होगा। एसेस कंट्रोल, इलेक्ट्रानिक व्हीकल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा सहित अन्य सुविधाओं से यह परिसर लैस होगा। खासबात है कि विवेक खंड दो स्थित लक्ष्मण मण्डपम के सामने स्थित पार्क में यह पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है। महासमिति के महासचिव डा. राघवेंद्र शुक्ल कहते हैं कि प्रस्ताव बनकर तैयार है, लखनऊ विकास प्राधिकरण को इसे बनाना है। जल्द ही लोकार्पण इसका होना है। इस प्रयास से पत्रकारपुरम से लेकर विवेक खंड दो, तीन, रेलवे स्टेशन, मिठाई वाला चौराहे के आसपास के व्यापारी व ग्राहक अपने चार पहिया वाहन खड़ा कर सकेंगे। भूमिगत पार्किंग में चार पहिया वाहन 410 खड़े हों सकेंगे और दो पहिया वाहन 84 खड़े हो जाएंगे। पार्किंग का कुल क्षेत्र 14,176 वर्ग फिट का होगा। यह अपर ग्राउंड व लोअर ग्राउंड में बनाई जाएगी। महासिमित के अध्यक्ष प्रो (डा.) बीएन सिंह और सचिव संजय निगम कहते हैं कि गोमती नगर में सरकारी महिला डिग्री कालेज का स्थान तो है लेकिन डिग्री कालेज खुलवाने का प्रयास जारी है। महिला डिग्री कालेज में ही ला कालेज की स्थापना भी की जाएगी। उद्देश्य होगा कि छात्राओं को एक छत के नीचे उच्च शिक्षा मिल सके। इसके अलावा गोमती नगर में रेलवे स्टेशन तो खुल गया है, इससे गोमती नगर, इंदिरा नगर, चिनहट, शहीद पथ सहित चार लाख से अधिक आबादी को लाभ मिल रहा है। भविष्य में मुंशी पुलिया तक जाने वाली मेट्रो को विस्तार देते हुए गोमती नगर से भी जोड़ने की जरूरत है। निगम कहते हैं कि अगर यह सुविधा मिल जाए तो गोमती नगर भी चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट के साथ ही नए व पुराने लखनऊ से मेट्रो के जरिए गोमती नगर से जुड़ा जाएगा। लखनऊ मेट्रो का विस्तार राजधानी में केंद्र व प्रदेश सरकार कर रही है। पुराने लखनऊ में मेट्रो का विस्तार इसी की बानगी है। समिति सदस्य कर्नल एएन पांडे व पीआर पांडे ने बताया कि विक्रांत खंड में जर्जर सड़कों एवं नालों के फिर से निर्माण को लेकर आवाज उठाई जा चुकी है। उम्मीद है कि कार्यदायी संस्थाएं जल्द ही इस दिशा में काम करेंगी। महासमिति सदस्य केके मौर्य और सी गोपाल कृष्णन नायर ने बताया कि विनीत खंड पांच और छह में पुरानी सीवर पाइपलाइन को बदलना और विकास खंड पांच में जिम जैसे कार्य भी महासमिति की सूची में प्राथमिकता है। इन पर जल्द ही काम होगा।

BCCI ने राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर लगाया जुर्माना, बड़ा फैसला

जयपुर   राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर को आईपीएल के सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले में बीसीसीआई से बड़ी राहत मिली है. गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मुकाबले के दौरान भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए देखा गया था, जो सीधे तौर पर PMOA नियमों का उल्लंघन है. हालांकि, भ्रष्टाचार निरोधक इकाई की जांच के बाद, बोर्ड ने उनके द्वारा बताए गए ‘मेडिकल कारणों’ को स्वीकार कर लिया है. इसके चलते उन पर किसी गंभीर प्रतिबंध के बजाय केवल जुर्माना और चेतावनी देकर मामला सुलझा लिया गया है. इस घटना में युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की भूमिका पर भी बोर्ड ने उदारता दिखाई है।  यह मामला तब गरमाया जब बीसीसीआई के कड़े नियमों (PMOA प्रोटोकॉल) के उल्लंघन की तस्वीरें सामने आईं. गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान यह वाकया पेश आया. राजस्थान की पारी के 11वें ओवर में टीवी कैमरों ने टीम मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन चलाते हुए कैद कर लिया. उनके ठीक बगल में 13 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी बैठे थे, जो उत्सुकतावश रोमी भिंडर (Romi Bhinder) के फोन की स्क्रीन में झांक रहे थे. क्रिकेट के मैदान पर, विशेष रूप से आईपीएल जैसे हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में, भ्रष्टाचार को रोकने के लिए खिलाड़ियों और अधिकारियों के क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सख्त बैन है।  ACSU की जांच और ‘मेडिकल’ राहत बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने इस घटना का तुरंत संज्ञान लिया और रोमी भिंडर को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया. सूत्रों के मुताबिक, भिंडर ने अपनी सफाई में एक ठोस चिकित्सा कारण (Medical Reasoning) पेश किया. उन्होंने बताया कि उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति ऐसी थी कि उन्हें आपातकालीन स्थिति या स्वास्थ्य निगरानी के लिए फोन अपने पास रखना अनिवार्य था।  एक वरिष्ठ बीसीसीआई अधिकारी ने बताया, ‘ ACSU ने पूरी जांच की और फ्रेंचाइजी को औपचारिक पत्र भेज दिया गया है. भिंडर पर जुर्माना लगाया गया है और भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है. हालांकि, जांचकर्ता उनके मेडिकल कारणों से संतुष्ट थे, इसलिए उन पर कोई गंभीर प्रतिबंध या निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई नहीं की गई.’ बीसीसीआई ने रोमी भिंडर मामले में तोड़ी चुप्पी।  क्या कहता है PMOA प्रोटोकॉल? बीसीसीआई के PMOA (Players and Match Officials Area) प्रोटोकॉल के नियम बहुत स्पष्ट हैं: ड्रेसिंग रूम बनाम डगआउट: टीम मैनेजर को ड्रेसिंग रूम के भीतर फोन रखने की अनुमति तो होती है, लेकिन डगआउट (मैदान के किनारे बैठने की जगह) में इसका उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।  अनुमति प्राप्त सदस्य: टीम के केवल कुछ चुनिंदा सदस्यों (जैसे मीडिया मैनेजर) को ही पीएमओए क्षेत्र में फोन रखने की अनुमति होती है, लेकिन उनके उपयोग के नियम भी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही स्पष्ट कर दिए जाते हैं।  उद्देश्य: इन नियमों का मुख्य उद्देश्य सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसी अवैध गतिविधियों की संभावना को शून्य करना है. वैभव सूर्यवंशी पर क्यों नहीं हुई चर्चा? इस पूरे प्रकरण में युवा वैभव सूर्यवंशी की मौजूदगी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, बीसीसीआई ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई या चर्चा से साफ इनकार कर दिया है. अधिकारी ने इस पर स्पष्ट करते हुए कहा, ‘वैभव अभी बच्चा है. वह सिर्फ बगल में बैठा था और फोन की तरफ देख रहा था. उसे डराने-धमकाने का कोई मतलब नहीं है. यह फ्रेंचाइजी की जिम्मेदारी है कि वे अपने युवा खिलाड़ियों को नियमों के बारे में बेहतर ढंग से समझाएं.’ वैभव को केवल एक सीखने वाले अनुभव के तौर पर देखा गया है, न कि किसी साजिश के हिस्से के रूप में। 

एमसीबी: जिला प्रशासन की त्वरित संवेदनशीलता, दिव्यांग रामकृपाल को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल

एमसीबी आज मानवीय संवेदना, त्वरित कार्रवाई और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का एक प्रेरक उदाहरण सामने आया। जनपद भरतपुर के ग्राम कुदरा निवासी दिव्यांग रामकृपाल अगरिया (पिता हीरालाल अगरिया) के लिए यह दिन नई उम्मीद और खुशियों की सौगात लेकर आया। रामकृपाल अगरिया, जो लंबे समय से आवागमन की समस्या से जूझ रहे थे, अपनी समस्या लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। उनकी स्थिति को समझते हुए डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए मामले पर संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि हितग्राही को बिना विलंब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाए। प्रशासनिक सक्रियता से सुगम हुई राह डिप्टी कलेक्टर के निर्देश के बाद विभागीय अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए आवश्यक औपचारिकताओं को तेजी से पूर्ण किया और कुछ ही समय में रामकृपाल को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान कर दी गई। इस त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति के साथ जनहित के कार्यों में देरी की कोई गुंजाइश नहीं रहती। रामकृपाल के चेहरे पर लौटी मुस्कान ट्राई साइकिल की चाबी हाथ में मिलते ही रामकृपाल के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। अब वे अपने दैनिक कार्यों और आजीविका के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहेंगे। उनकी यह मुस्कान वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए एक भावुक क्षण बन गई। रामकृपाल अगरिया ने भावुक होकर कहा “मैंने सोचा नहीं था कि इतनी जल्दी मेरी समस्या का समाधान हो जाएगा। जिला प्रशासन और इंदिरा मिश्रा मैडम का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। इस ट्राईसाइकिल से अब मेरी जिंदगी आसान हो जाएगी और मैं अपने काम खुद कर पाऊंगा।“ संवेदनशील प्रशासन का सशक्त उदाहरण जिला प्रशासन की इस त्वरित एवं मानवीय कार्यप्रणाली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि मंशा स्पष्ट हो और व्यवस्था संवेदनशील हो, तो शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने में देर नहीं लगती। यह पहल न केवल एक दिव्यांग व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली साबित हुई है, बल्कि आमजन के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास को भी और मजबूत करती है।