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स्मृति ईरानी का अखिलेश यादव पर जवाब: ‘गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं दम’

वाराणसी  लोकसभा में सपा सांसद अखिलेश यादव के बयान के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि पुराने विषयों को लेकर सवाल उठाना आसान है. अगर इतना ही दम है तो अपने पैतृक क्षेत्र (कन्नौज) को छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं. लेकिन उनमें इतना दम नहीं. हमने तो कांग्रेस अध्यक्ष को उनके गढ़ (अमेठी) में हराया है. ईरानी ने उपरोक्त बातें वाराणसी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं।  स्मृति ईरानी का पलटवार  दरअसल, संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए स्मृति ईरानी पर 'सास-बहू' सीरियल को लेकर तंज कसा. इस पर पलटवार करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है, उन्हें उनकी याद आना अच्छा है. उन्होंने अखिलेश को सीरियल छोड़कर संसद के काम पर ध्यान देने और महिला सशक्तीकरण बिल का समर्थन करने की सलाह दी. ईरानी ने कहा कि उन्होंने अपनी पहचान मेहनत से बनाई है।  बकौल स्मृति ईरानी- 'मुझ जैसी कामकाजी महिला ने किसी और के गढ़ में जाकर परचम गाड़ा और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को हराया है. अगर आप इतना ही दमखम रखते हैं तो पैतृक सीट छोड़कर गोरखपुर से लड़कर दिखाएं. कामकाजी महिला पर टिप्पणी करना आसान होता है, खासकर उनके लिए जिन्होंने कभी खुद कहीं नौकरी ना की हो. हम जैसे लोग टैक्स भरते हैं, इसलिए नहीं कि सदन में सास-बहू की बातें हो. संसद में जाकर अपने संसदीय कार्य पर ध्यान दें. हालांकि, इस बात की खुशी भी है कि उनका उत्तर प्रदेश में विपक्ष में रहना सुनिश्चित है. क्योंकि यूपी की राजनीति करने वालों को इतना पता है कि गांव-गांव और पात-पात घूमते-घूमते इतना वक्त बीत जाता है कि सीरियल देखने का टाइम एक गंभीर राजनेता के पास नहीं होता है।  इससे पहले पूर्व मंत्री ने 'एक्स' पर लिखा- 'सुना है आज अखिलेश जी ने संसद में मुझे याद किया. अच्छा है, जिनको राजनीति धरोहर में मिली, वे उनको भी याद करते हैं जो अपने दम पर आसमान में सुराख करते हैं. कामकाजी औरत पर वे टिप्पणी करते हैं जिन्होंने जिंदगी में कभी कोई नौकरी नहीं की. सीरियल से हटाकर संसद पर ध्यान लगाएं, महिलाओं के संबल हेतु अहम बिल पास कराएं।  अखिलेश यादव का शायराना तंज इसके बाद सपा मुखिया ने एक बार फिर पलटवार किया. चार लाइन लिखकर उन्होंने स्मृति ईरानी और बीजेपी पर जनता से दूर होने का आरोप लगाया. उन्होंने लिखा- हर बात से अगर साजिश की बू आई न होती, यकीन करते लोग अगर बात जुमलाई न होती, दरअसल अगर अवाम से दोस्ती निभाई होती, तो इतनी जल्दी विदाई की घड़ी आई न होती. फिलहाल, दोनों नेताओं के बीच यह जुबानी जंग अब और तेज हो गई है. यूपी चुनाव से पहले इस बयानबाजी ने सूबे का सियासी पारा हाई कर दिया है. अब देखना होगा कि ईरानी के इस बयान के बाद अखिलेश की ओर से क्या रिएक्शन आएगा। 

अब तक 2937 स्थानों पर हुई जांच, 4527 गैस सिलेंडर जब्त किए गए

भोपाल  खाद्य, नागरिकआपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अभी तक 2937 स्थानों पर जांच की गई, 4527 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए तथा 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 7 64 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें 1 प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत् रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध है। मंत्री राजपूत ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पीएनजी पाइपलाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, उस क्षेत्र के उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन जरूर लें। इससे उन्हें गैस सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गैस की सतत आपूर्ति होगी। उपभोक्ताओं से आग्रह है कि किसी तरह का भ्रम नहीं पालें। पीएनजी पूरी तरह से सुरक्षित है। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil)का पर्याप्त भण्डार है, देश एवं प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर सप्लाई हो सके एवं सप्लाई में कोई रुकावट न आए। मध्यप्रदेश और पूरे देश में एलपीजी (LPG) पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मंत्री राजपूत ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित 70% सीमा के अधीन संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों को तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार सप्लाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये हैं। यह भी ध्यान रखा जाये कि सड़क पर कारोबार कर रहे छोटे व्यवसायी (स्ट्रीट वेण्डर) को भी उक्त अनुसार कमर्शियल सिलेण्डर प्रदाय किये जायें। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय ( Extended Hours) तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्लांट तथा वितरकों के पास उपलब्धता एवं प्रदाय की सतत् रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही माइग्रेन्ट लेबर, छात्रों आदि के लिए खाना पकाने के लिये 05kgके सिलेण्डेर ऑयल कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वह वैकल्पिक साधनों, जैसे इंडक्शन, सोलर कुकर, बायो गैस, गोबर धन तथा स्वससहायता समूहों द्वारा उत्पादित गो-काष्ठ का उपयोग करें। वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को उनके यहां रजिस्‍टर्ड 44 कम्‍प्रेस्‍ड बायोगैस (सीबीजी) प्रोजेक्‍ट को चालू करने के निर्देश दिये गये हैं। इसी प्रकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 44 जिलों में 136 बायोगैस प्‍लांट संचालित होना बताया गया है। इन बायोगैस प्‍लांटों को क्रियाशील करने के निर्देश भी दिये गये हैं। रसोई गैस की स्थिति रसोई गैस का प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कॉमर्शियल गैस सिलेण्डरों की सप्लाई सतत् रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। घरेलू एवं कॉमर्शियल सिलेण्डर की सप्लाई एवं वितरण सामान्य है। पीएनजी गैस सीजीडी संस्थाओं तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिन घरों में पाइप लाइन की अधोसंरचना उपलब्ध है, एवं सप्लाई प्राप्त नहीं कर रहे है, ऐसे घरों को आगामी 03 माह में पीएनजी से कनेक्ट करने के लिये निर्देशित किया गया। इस के लिये सभी सीजीडी संस्था एवं शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कैम्प लगाए जाएं, जिसमें जिला प्रशासन, खाद्य विभाग नगर निगम/नगर पालिका के अधिकारी, ऑयल कंपनी और सीजीडी संस्थाओं के जिला अधिका‍री को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे सभी घरों एवं व्यवसाईयों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराई जाये। अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित किया गया कि जिन स्थानों पर पूर्व से पीएनजी की पाइप लाइन है, सर्वप्रथम उन्हें प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जाएं। साथ ही नई पाइन लाइन डालकर कनेक्श‍न का कार्य भी साथ-साथ किया जाए। सीजीडी संस्थाओं द्वारा अवगत कराया गया कि उन्होंने जिला कलेक्टर्स के माध्यम से आवश्यक मैन पॉवर प्राप्त करने की कार्यवाही कर ली है तथा आगामी माहों में लक्ष्य् के अनुसार नये पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। भारत सरकार के निर्देशानुसार जिन स्थानों से पीएनजी की पाइन लाइन गई है, उसके आस पास के घरेलू एवं कॉमर्शियल उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर लें क्योंकि पीएनजी कनेक्शन प्राप्त न करने की स्थिति में आगामी 03 माह में एलपीजी की सप्लाई बंद की जा सकती है। समस्त सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरूद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शन की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य शासन द्वारा पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिए सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन किये जाने के 24 घंटे के अंदर पाइप लाइन बिछाने की आरओयूस्वी्कृतियां जारी की जा रही हैं। अभी तक प्राप्त सभी स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है तथा कोई भी आवेदन शेष नहीं है। गृह विभाग के अधीन आने वाले संस्थाओं/सुधार ग़ृ़हों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्यं प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्यालय, पुलिस कॉलोनी, आदि में जहां से आस-पास पाइप लाइन बिछी हुई है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जहां आस-पास पाइप लाइन गई है, उन क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों की पहचान की जाकर पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश सीजीडी संस्थाओं को दिये गये हैं।  

एमसीबी :प्रवासी मजदूरों को 5 किलोग्राम FTL एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश जारी

एमसीबी जिले में प्रवासी मजदूरों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने हेतु संचालनालय, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, नवा रायपुर द्वारा 5 किलोग्राम फी ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर प्रदाय करने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत एलपीजी वितरकों के माध्यम से पात्र मजदूरों तक योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रवासी मजदूरों को 5 किलोग्राम FTL एलपीजी सिलेंडर केवल अधिकृत वितरण केंद्रों के माध्यम से ही उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे श्रमिकों को राहत प्रदान करना है, जो अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं और नियमित घरेलू गैस कनेक्शन से वंचित हैं। निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य लाभार्थियों को सिलेंडर प्रदान करते समय उनसे पहचान प्रमाण (आधार कार्ड) प्राप्त किया जाएगा। साथ ही उनकी सहमति से श्रम विभाग द्वारा जारी श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रति भी ली जाएगी। इन दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार गैस कनेक्शन एवं रिफिल की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे। स्टॉक एवं वितरण पर कड़ी निगरानी एलपीजी वितरकों को निर्देशित किया गया है कि वे दैनिक स्टॉक, विक्रय तथा शेष सिलेण्डरों का नियमित अभिलेख संधारित करें। संबंधित अधिकारियों द्वारा इन अभिलेखों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा, ताकि वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार के दुरुपयोग या व्यपवर्तन को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्तियों या एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं एलपीजी वितरकों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है, ताकि प्रवासी मजदूरों तक इस सुविधा का लाभ समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

धनबाद-बोकारो सड़क हादस,गैस रिसाव और भू-धंसान के बाद विस्थापन ही अंतिम विकल्प

धनबाद केंदुआडीह में धनबाद-बोकारो सड़क धंसने के दूसरे दिन वहां बड़े पैमाने पर गैस रिसाव शुरू हो जाने से हड़कंप मच गया है। गैस रिसाव की सूचना पर पहुंचे धनबाद डीसी आदित्य रंजन एवं बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि विस्थापन ही अब अंतिम विकल्प है। अधिकारियों ने साइंटिफिक एजेंसियों की स्टडी के हवाले से बताया कि यह इलाका डेंजर जोन है। भूमिगत आग, भू-धंसान और गैस रिसाव पर नियंत्रण संभव नहीं लग रहा है। इसलिए बेलगड़िया शिफ्टिंग ही विकल्प है। एसएसपी प्रभात कुमार भी मौके पर मौजूद थे। डीसी ने कहा कि भूमिगत आग के कारण गैस रिसाव बंद नहीं होगा। समय के साथ-साथ इसका दायरा बढ़ेगा। आईआईटी आईएसएम, खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस), सिंफर सहित अन्य तकनीकी संस्थानों ने इस स्थान का निरीक्षण कर निष्कर्ष निकला है कि पूरा क्षेत्र डेंजर जोन है। भविष्य में इससे भी अधिक भयावह स्थित हो सकती है। इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रभावित क्षेत्र से परिवारों का शिफ्ट होना ही एकमात्र विकल्प है। प्रभावितों को दिए जाएंगे दो फ्लैट झरिया मास्टर प्लान 2.0 में सरकार के स्पष्ट निर्देशानुसार प्रभावित परिवारों को बेलगड़िया में दो फ्लैट दिए जा रहे हैं। उनके रोजगार के लिए कौशल विकास केंद्र भी बनाया गया है। बिजली, पानी, सोलर स्ट्रीट लाइट, आवागमन के लिए बस का परिचालन, ई-रिक्शा, विद्यालय, हेल्थ सेंटर, रानी रोड का चौड़ीकरण, गुणवत्तापूर्ण कंस्ट्रक्शन सहित सभी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। आनेवाले दिनों में यहां के निवासियों को किसी भी निजी सोसाइटी से अधिक सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के कारण डेंजर जोन में रहने वाले भोले-भाले परिवारों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं। 535 परिवार प्रभावित डीसी ने बताया कि प्रभावितों की सूची में 535 परिवार हैं, लेकिन सर्वे में कुछ परिवार छूट गए हैं। जिला प्रशासन को अग्नि प्रभावित क्षेत्र में रहनेवाले हर परिवार की सुरक्षा की चिंता है। इसलिए प्रशासन का प्रभावित परिवारों से अनुरोध है कि वे तत्काल बेलगड़िया में शिफ्ट हो जाएं। वहीं अग्नि एवं भू-धंसान से प्रभावित धनबाद-बोकारो सड़क को लेकर डीसी ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग करने का अनुरोध किया। साथ में कहा कि एनएचएआई एवं आरसीडी नई सड़क का आकलन कर रहे हैं। यह सड़क अब उपयोग के लायक नहीं है। मौके पर निदेशक तकनीकी (संचालन) संजय कुमार सिंह भी मौजूद थे। रूट होगा डायवर्ट, थाना दूसरी जगह शिफ्ट होगा आरसीडी की रिपोर्ट के अनुसार सड़क को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। डायवर्ट रूट पर विचार किया जाएगा। अधिकारियों ने गैस रिसाव स्थल का भ्रमण किया। इसके बाद डीसी, सीएमडी एवं एसएसपी सहित जीएम आदि की मौजूदगी में बैठक की गई। डीसी ने बताया कि अग्नि एवं भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र से परिवारों को बेलगड़िया शिफ्ट करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ में सोमवार तक केंदुआडीह थाना, जो भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र में है, उसे भी दो दिन में केंदुआ स्थित पुराने बीएसएनएल के टेलीफोन एक्सचेंज में शिफ्ट कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बैठक के बाद उक्त स्थल का भी निरीक्षण किया।

बिहार आदेश: टीसी के आधार पर बच्चों का नामांकन नहीं रोका जाएगा

 सुपौल  जिले में अब निजी स्कूलों से स्थानांतरण प्रमाण-पत्र अर्थात टीसी लेकर आने वाले बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं रोका जा सकेगा। जिला शिक्षा विभाग ने इसे लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान प्रवीण कुमार ने इसको लेकर सभी सरकारी व निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर कहा कि कई अभिभावकों से शिकायत मिली है कि निजी स्कूल की टीसी के आधार पर सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन नहीं लिया जा रहा। तुरंत लिया जाएगा एक्शन विभाग ने इसे विभागीय निर्देशों की अवहेलना माना है। कहा है कि ऐसी शिकायत पर अब सीधे कार्रवाई की जाएगी। जारी निर्देश में डीपीओ ने कहा है कि निजी स्कूल की टीसी के आधार पर सरकारी स्कूल में बच्चे का एडमिशन होगा। अगर बच्चे का आधार नहीं बना है, तो जन्म प्रमाण-पत्र या अन्य पहचान पत्र देखकर भी दाखिला देना होगा। आधार के नाम पर किसी का नामांकन नहीं रोका जाएगा। नामांकन लटकाना गलत जिला कार्यालय से टीसी सत्यापित कराने के नाम पर दाखिले को लटकाना गलत है। यदि टीसी में वर्णित जानकारी पर कोई शक होता है तो सरकारी स्कूल के प्रधान निजी स्कूल से मौखिक या पत्राचार से एक सप्ताह में सत्यापन करा लेंगे। हालांकि, निजी विद्यालयों को भी इसमें कुछ बिंदुओं को अंकित करना अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने कहा है कि ट्रांसफर सर्टिफिकेट पर स्कूल का यू-डायस कोड, मान्यता अवधि आदि अंकित रहना अनिवार्य होगा। विभाग ने साफ किया है कि सभी स्कूल सरकार के नियम से बंधे हैं। किसी बच्चे का दाखिला रोकना अब कार्रवाई के दायरे में आएगा। दरअसल, कई निजी स्कूल संचालक सरकारी स्कूल में जाने वाले बच्चों को टीसी देने में आनाकानी करते हैं या सरकारी स्कूल टीसी को अमान्य बता देते थे। इससे बच्चों का एक साल बर्बाद होने का खतरा रहता था। नए आदेश से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।  

डॉ. मोहन यादव बोले – समाज के हर वर्ग तक संवाद एवं संपर्क बढ़ाना आवश्यक

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में संभाग और जिला प्रभारियों की बैठक को संबोधित किया। बैठक में पार्टी के आगामी कार्यक्रमों, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग-2026 पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं की एकजुटता से ही भाजपा के उद्देश्यों की प्राप्ति संभव- डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने के लिए कार्यकर्ताओं की मेहनत और एकजुटता अनिवार्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार के विकासोन्मुखी योजनाओं को समाज के हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ जुटना है। जब तक हम सब मिलकर पार्टी के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए एकजुट होकर काम नहीं करेंगे, तब तक हमारी योजनाओं में सफलता नहीं मिल सकती। पार्टी की सफलता केवल चुनावी जीत में नहीं, बल्कि समाज में भाजपा की स्थायी पहचान और सेवा की भावना से भी जुड़ी हुई है। हमें समाज के हर वर्ग से संवाद बढ़ाना होगा, उनकी समस्याओं को समझते हुए पार्टी की नीतियों का लाभ समाज तक पहुंचाना होगा। भाजपा का विचार और उसकी नीतियां समाज के हर वर्ग के हितों की रक्षा करते हुए अधिक प्रभावी बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। चुनौतियों का सामना करते हुए हमें पार्टी के उद्देश्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि यही भाजपा की असली ताकत है और यही पार्टी के भविष्य की सफलता सुनिश्चित करेगा। संगठन के कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत – हेमंत खण्डेलवाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन के कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत हैं। पार्टी की सफलता कार्यकर्ताओं की मेहनत, निष्ठा और एकजुटता पर निर्भर करती है। हमारी सरकार और संगठन की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा, ताकि भाजपा की नीतियों और योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके। भाजपा की जीत केवल चुनावी दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि समाज में पार्टी की स्थायी पहचान और सेवा की भावना से जुड़ी हुई है। पार्टी की सफलता का आधार सिर्फ चुनावी जीत नहीं है, बल्कि समाज के प्रति हमारी सेवा और भाजपा की स्थायी पहचान भी है। हमें सिर्फ चुनावी सफलता ही नहीं, बल्कि समाज में स्थायित्व और विकास के लिए सक्रिय रूप से काम करना होगा। संगठन के संभाग और जिला प्रभारी संगठन की गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे हमारा संगठन जमीनी स्तर पर सशक्त होता है। 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करना भाजपा की प्राथमिकता है। यह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा और उन्हें समाज में समान अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इस दिशा में किए गए ऐतिहासिक कदमों की सराहना करते हुए कहा कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक दूरदर्शी पहल है। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग-2026 पार्टी के कार्यकर्ताओं को नई दिशा और प्रेरणा देगा, संगठन को अधिक मजबूत करेगा और हमारे कार्यकर्ताओं को पार्टी के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए तैयार करेगा। बैठक में पार्टी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी एवं गौरव रणदिवे मंचासीन रहे।

शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन,कंप्यूटर शिक्षकों की फाइलों की जांच तेज

 भागलपुर  जिले में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की जांच को लेकर शिक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। कुल 282 कंप्यूटर शिक्षकों की शैक्षणिक कुंडली खंगालने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस प्रक्रिया के तहत विभाग ने सभी संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है, जिससे नियुक्ति और योग्यता की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। 207 शिक्षकों की फाइल उपलब्ध, 75 की मांगी गई जानकारी जिला शिक्षा विभाग के पास फिलहाल 207 कंप्यूटर शिक्षकों की शैक्षणिक फाइल उपलब्ध है, जबकि ट्रांसफर होकर आए 75 शिक्षकों की फाइल अब तक विभाग को प्राप्त नहीं हो सकी है। इसको लेकर डीपीओ स्थापना ने सभी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर फाइल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी शिक्षकों की सूची भी भेजी गई है, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न हो। प्रधानाध्यापक करेंगे काउंटर सिग्नेचर जारी निर्देश के अनुसार, संबंधित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों वाली फाइल पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक का काउंटर सिग्नेचर अनिवार्य किया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जमा किए गए दस्तावेज सत्यापित और प्रमाणिक हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना काउंटर सिग्नेचर के फाइल को अधूरा माना जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में हो रही कार्रवाई डीपीओ स्थापना द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यह पूरी कार्रवाई उपनिदेशक, माध्यमिक शिक्षा के पत्रांक 383 दिनांक 13 अप्रैल 2026 तथा माननीय उच्च न्यायालय में लंबित सीडब्ल्यूजेसी संख्या 874/2024 (निरंजन कुमार एवं अन्य बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) में 14 अक्टूबर 2025 को पारित आदेश के आलोक में की जा रही है। विभाग ने इस आदेश को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की है। लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई शिक्षा विभाग ने इस कार्य को ‘अति आवश्यक’ श्रेणी में रखा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर फाइल उपलब्ध नहीं कराने वाले संबंधित विद्यालयों और प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई की जा सकती है। आदेश जारी होते ही विद्यालयों में बढ़ी हलचल जैसे ही विभाग की ओर से यह आदेश जारी हुआ, जिले के विभिन्न विद्यालयों में हलचल तेज हो गई। प्रधानाध्यापक संबंधित शिक्षकों के दस्तावेज जुटाने और उन्हें व्यवस्थित करने में जुट गए हैं। कई स्कूलों में रिकॉर्ड को अपडेट करने का काम तेजी से चल रहा है। इन प्रखंडों से मांगी गई है फाइल जिला शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार ट्रांसफर होकर आए 75 कंप्यूटर शिक्षकों की शैक्षणिक फाइल विभिन्न प्रखंडों से मांगी गई है। इनमें बिहपुर से तीन, गोपालपुर से चार, गोराडीह और जगदीशपुर से एक-एक, इस्माइलपुर से तीन, कहलगांव और खरीक से सात-सात शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम क्षेत्र से 11, नारायणपुर से चार, नाथनगर से तीन, नवगछिया से एक, पीरपैंती से नौ, रंगरा चौक से दो, सबौर से तीन, सन्हौला से सात, शाहकुंड से पांच और सुल्तानगंज से चार शिक्षक शामिल हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग का उद्देश्य शिक्षा विभाग का मानना है कि इस जांच के जरिए नियुक्ति प्रक्रिया और शिक्षकों की योग्यता में पारदर्शिता लाई जा सकेगी। साथ ही भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।  

संसद में महिला आरक्षण पर सियासी झटका: संविधान संशोधन बिल गिरा, बहुमत से रह गया दूर

नई दिल्ली. लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल यानी 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर दो दिनों तक लगातार चली चर्चा के बाद आज (शुक्रवार, 17 अप्रैल को) शाम हुई वोटिंग में ये बिल गिर गया है। यानी ये संविधान संशोधन बिल लोकसभा से पारित नहीं हो सका। कुल 298 सांसदों ने इस बिल के पक्ष में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। मतदान में कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया। सांसदों के इस संख्या के हिसाब से बिल के पारित होने के लिए दो तिहाई यानी 352 वोटों की दरकार थी, जो नहीं मिल सका। बता दें कि लोकसभा में किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। बिल के पक्ष में पड़े वोटों की बात करें तो सत्ता पक्ष के पास कुल 293 सांसदों का समर्थन हासिल था, जबकि उससे पांच वोट ज्यादा मिले लेकिन विपक्ष के बड़े दलों ने एकजुट होकर इस बिल के लिए जरूरी दो तिहाई संख्या बल जुटने नहीं दिया। इस तरह लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया। सरकार ने इस विधेयक के साथ 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को आगे नहीं बढ़ा सकते।

मुख्यमंत्री साय ने ‘मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया’ महाअभियान अंतर्गत 500 नए तरिया का किया शिलान्यास

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान” का आज जशपुर के रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ किया। अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया, आय के जरिया” के तहत प्रदेश में 500 नए तरिया (तालाब) के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इससे जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि और कृषि कार्यों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार होगा। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण, जल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य किए जाएंगे। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत इस महाअभियान के तहत प्रदेशभर में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 15 अप्रैल 2026 तक 13,000 से अधिक डबरी निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। यह उपलब्धि अभियान की गति और प्रभावशीलता को दर्शाती है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि जल ही जीवन और विकास का आधार है। ‘मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया’ अभियान के माध्यम से हम गांव-गांव में जल संरक्षण को जन आंदोलन बना रहे हैं। इससे न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आजीविका डबरी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, सब्जी उत्पादन और वृक्षारोपण जैसे विविध आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे।  ग्रामीण स्तर पर इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन, बैनर, ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान तथा क्यूआर कोड के माध्यम से विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी व्यापक प्रचार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए आजीविका डबरी से जुड़े कार्यों में स्व सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। हितग्राही परिवार की महिला सदस्य का नाम नागरिक सूचना पटल में अंकित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की अधिकारिता और भागीदारी मजबूत हो सके। इसके तहत उन्नत तकनीक आधारित योजना निर्माण और ग्राम सभा की स्वीकृति के आधार पर कार्यों को मंजूरी दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो रही है। सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से यह अभियान ग्राम पंचायतों के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य करेगा। “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया” महाअभियान जशपुर सहित पूरे प्रदेश में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाते हुए ग्रामीणों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभर रहा है। इस अवसर पर  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अध्यक्ष छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बालवाटिका को सक्षम, संवेदनशील और सृजनशील नागरिक गढ़ने की पहली प्रयोगशाला बना रही योगी सरकार

लखनऊ. बालवाटिका को प्रारंभिक शिक्षा के केंद्र के साथ-साथ योगी सरकार उसे भविष्य के सक्षम, संवेदनशील और सृजनशील नागरिकों के निर्माण की पहली प्रयोगशाला के रूप में विकसित करने की दिशा में निर्णायक पहल कर रही है। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को नई दिशा देते हुए बालवाटिका (3 से 6 वर्ष आयु वर्ग) को समग्र विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। बालवाटिका के नवीन पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा के ‘पंचकोश’ सिद्धांत को बाल विकास के पांच प्रमुख आयामों से वैज्ञानिक रूप से जोड़ा गया है। अन्नमय कोष को शारीरिक विकास, प्राणमय कोष को सामाजिक-भावनात्मक एवं नैतिक विकास, मनोमय कोष को भाषा एवं साक्षरता, विज्ञानमय कोष को संज्ञानात्मक विकास तथा आनंदमय कोष को सौंदर्यबोध विकास से जोड़ा गया है। इसी के अनुरूप एससीईआरटी द्वारा इनके लिए चहक, कदम और कलांकुर जैसी वर्कबुक, गतिविधि पुस्तिकाएं, चित्र कथा, संख्या ज्ञान, कला एवं संगीत आधारित सामग्री विकसित की गई है। ये खेल, कहानी और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करतीं हैं।  योगी सरकार की इस पहल से बच्चों का विकास शैक्षणिक स्तर के साथ-साथ उनके शरीर, मन, बुद्धि और भावनाओं के संतुलित व समग्र विकास के रूप में होगा। वे प्रारंभिक अवस्था से ही सृजनशील, संवेदनशील और सक्षम नागरिक के रूप में विकसित भी होंगे।  यह है उद्देश्य इस पाठ्यक्रम को तैयार करने का उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू को संतुलित रूप से विकसित करना है, ताकि प्रारंभिक अवस्था से ही उनकी सीखने की नींव मजबूत हो सके। बालवाटिका के लिए तैयार यह पाठ्यक्रम खेल, गतिविधि और अनुभव आधारित शिक्षण पर आधारित है। बच्चों को कहानी, संवाद, चित्रकला और समूह गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जा रहा है, जिससे वे बिना दबाव के भाषा और संख्यात्मक दक्षताओं के साथ-साथ सामाजिक व्यवहार भी विकसित कर सकें। यह हैं पाठ्यक्रम-बाल विकास के निर्धारित चरण पाठ्यक्रम में शारीरिक विकास के लिए खेलकूद, भाषा विकास के लिए संवाद आधारित गतिविधियां, संज्ञानात्मक विकास के लिए जिज्ञासा आधारित सीखने की प्रक्रिया, सामाजिक एवं नैतिक विकास के लिए समूह सहभागिता तथा सौंदर्यबोध के लिए रचनात्मक गतिविधियों को शामिल किया गया है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और सृजनात्मक सोच का विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। भविष्य में दिखेगा सकारात्मक प्रभाव एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान का कहना है कि 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के विकास की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है, जिसमें विकसित होने वाली लगभग 85% क्षमताएं बच्चे के भविष्य की दिशा तय करती हैं। ऐसे में इस आयु वर्ग के लिए समग्र और गुणवत्तापूर्ण बाल केंद्रित पाठ्यक्रम विकसित किया गया है।