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आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में भक्तों की आस्था का अनोखा रिकॉर्ड, 12.4 लाख लोगों ने करवाया मुंडन

तिरुपति
 आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर को बाल चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।मंदिर प्रबंधन तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अनुसार, 1 से 27 मई तक कुल 12,43,063 श्रद्धालुओं ने अपने बाल अर्पित किए। यह आंकड़ा पिछले वर्षों को पीछे छोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बना है।

पिछले सालों से तुलना
मई 2024 में यह संख्या लगभग 10.65 लाख थी, जबकि इससे पहले की अवधि में 10.18 लाख भक्तों ने बाल चढ़ाए थे। मंदिर अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों की छुट्टियों, हफ्ते के आखिरी मे भीड़ और देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों के आने से इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एक दिन का रिकॉर्ड
18 से 23 मई के बीच रोजाना 50,000 से अधिक भक्तों ने मुंडन करवाया। खासतौर पर 23 मई को 57,580 बाल चढ़ावे दर्ज किए गए, जो हाल के वर्षों में एक दिन का सबसे अधिक आंकड़ा है।

24 घंटे मुंडन सेवाएं
भीड़ को ठीक तरीके से संभालने के लिए TTD ने मुख्य कल्याणकट्टा सहित 11 मिनी मुंडन केंद्रों पर सेवाएं 24 घंटे चालू रहती हैं। 1,150 से अधिक नाई (जिनमें 269 महिला नाई शामिल हैं) शिफ्ट में काम कर रहे हैं ताकि भक्तों को बिना इंतजार के समय में सेवा मिल सके।

167 करोड़ के बाल
धार्मिक आस्था के साथ-साथ ये बाल TTD के लिए बड़े राजस्व का स्रोत भी बन गए हैं। इन्हें 'काला सोना' कहा जाता है। इकट्ठा किए गए बालों को सॉर्टिंग और ग्रेडिंग के बाद चीन, इटली, अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों में नीलाम किया जाता है, जहां इनका उपयोग विग, हेयर एक्सटेंशन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में होता है।

आंकड़ों के मुताबिक, 2020-21 में बाल नीलामी से 67 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी, जो 2023-24 में बढ़कर 167 करोड़ रुपये हो गई। 2024-25 में यह 190 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है और अगले वित्तीय वर्ष में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने की उम्मीद है।

भक्तों की सुविधा पर जो
TTD ने मुंडन केंद्रों पर स्वच्छता, स्टरलाइज्ड ब्लेड, गर्म पानी, पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था और टोकन सिस्टम जैसी सुविधाएं बढ़ा दी हैं ताकि भक्तों को सुरक्षित और आरामदायक अनुभव मिले।

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