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इंदौर में कड़ाके की ठंड, पारा 4.5° तक गिरा, 10 साल में सबसे कम तापमान, पचमढ़ी भी ठंडी

भोपाल 

 मध्य प्रदेश में बुधवार को भीषण सर्दी का असर देखने को मिला। शहडोल का कल्याणपुर ठंड से कांप उठा। यहां सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज हुआ। आज गुरुवार को भी कई जगहों पर शीतलहर चलने की चेतावनी दी गई है। आइए एक नजर डालते है मौसम के ताजा हाल पर…

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिससे एमपी में भीषण ठंड पड़ रही है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। जिससे प्रदेश में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। आज भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में कोल्ड वेव का अलर्ट है।

पचमढ़ी में पारा 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.2 डिग्री, उज्जैन में 8.2 डिग्री और जबलपुर में तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे ही रहा।

रायसेन में 5 डिग्री, रीवा में 5.9 डिग्री, शिवपुरी में 6 डिग्री, उमरिया में 6.1 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 6.8 डिग्री, नौगांव में 7.1 डिग्री, मंडला में 7.3 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री, रायसेन-छिंदवाड़ा में 7.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.4 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, दमोह में 8.8 डिग्री, रतलाम में 9.2 डिग्री, श्योपुर-गुना में पारा 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसलिए बढ़ी सर्दी मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर भी है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। इस कारण गुरुवार को भी शीतलहर का अलर्ट है।

सबसे ठंडा शहडोल का कल्याणपुर

बात करें बीती रात की तो इस सीजन में पहली बार पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शहडोल के कल्याणपुर में 3 डिग्री दर्ज हुआ। उमरिया में 4.9 डिग्री, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, इंदौर में 5.4 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 5.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

जबकि रीवा में 5.8 डिग्री, मलाजखंड में 6.7 डिग्री, भोपाल में 6.8 डिग्री, मंडला-नौगांव में 7 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, सतना में 8.1 डिग्री, बैतूल में 8.2 डिग्री, खजुराहो में 8.4 डिग्री, उज्जैन में 8.7 डिग्री, दमोह में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, जबलपुर में 9.1 डिग्री और ग्वालियर में 9.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

अधिकतम तापमान में भी गिरावट

मध्य प्रदेश में जहां न्यूनतम में काफी गिरावट दर्ज की गई है तो वहीं अधिक तापमान भी लुढ़का है। बालाघाट के मलाजखंड में पारा 22.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। वहीं नरसिंहपुर, धार, सीधी, रीवा और बैतूल में पारा 26 डिग्री से कम रहा।

क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की मानें तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इसकी रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है।

पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ाएगी। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही होना है।

उत्तर से बर्फीली हवाएं आ रही देश के उत्तरी हिस्से यानी, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बर्फबारी हुई है। इस वजह से हवा की रफ्तार उत्तरी हो गई है। बर्फीली हवा की वजह से ही प्रदेश में शीतलहर की स्थिति है। बुधवार को भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर और रायसेन में शीतलहर का असर देखा गया।

दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी मौसम विभाग की मानें तो इस बार सर्दी का असर तेज है। भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है। ऐसी ही सर्दी दिसंबर में भी है। इंदौर में दिसंबर की सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है।

नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

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