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गांव में शुरू करें दूध का कारोबार, बिहार की 2 सरकारी योजनाओं में मिलेगी सब्सिडी और मुफ्त ट्रेनिंग

 पटना
गांव में रहकर अपना रोजगार शुरू करने का प्लान बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है। बिहार सरकार दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 2 ऐसी योजनाएं चला रही है, जिससे आपको डेयरी बिजनेस शुरू करने में सरकारी सहायता मिलेगी।

इन योजनाओं के तहत सरकार न सिर्फ सब्सिडी देती है, बल्कि व्यवसाय को चलाने की पूरी ट्रेनिंग भी देती है। Bihar Dairy Farming Scheme मदद से आप 2 से लेकर 20 दुधारू पशुओं तक की डेयरी यूनिट लगा सकते हैं। इस स्टोरी में हम आपको दोनों योजनाओं की पूरी जानकारी दने जा रहे हैं।

समग्र गव्य विकास योजना
Gavya Vikas Yojana Bihar के तहत बिहार सरकार 2 से 4 दुधारू पशुओं की खरीदी पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आवेदकों को 75% और सामान्य वर्गों को 50% अनुदान दिया जाता है।

वहीं, अगर आप 15 से 20 दुधारू पशुओं की बड़ी इकाई लगाना चाहते हैं, तो सभी वर्गों के आवेदकों को 40% तक का अनुदान मिलता है। इस योजना में अधिकतम अनुदान राशि 8 लाख रुपये से अधिक तक हो सकती है।

अगर आपको डेयरी फार्मिंग का कोई अनुभव नहीं है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार की तरफ से ट्रेनिंग फ्री में दी जाती है।

देसी गौ पालन प्रोत्साहन योजना
बिहार में स्वदेशी नस्लों के संरंक्षण को बढ़ावा देने के लिए ये योजना चलाई जा रही है। इसके तहत गिर,साहीवाल और थारपारकर जैसी देसी नस्लों को पालने पर सरकार सब्सिडी देती है।

Desi Gau Palan Protsahan Yojana के तहत 2 से 4 देसी गाय/बाछी की इकाई पर SC, ST और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पशुपालकों को 75% तथा अन्य वर्ग के आवेदकों को 50% सब्सिडी मिलती है।

वहीं, अगर 15 और 20 देसी गायों की बड़ी इकाई लगाना चाहते हैं, तो सभी वर्गों के लिए 40% सब्सिडी का प्रावधान है। इस योजना में भी ट्रेनिंग फ्री है।

कौन कर सकता है आवेदन?
    आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
    आवेदक की उम्र 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
    4 मवेशियों की इकाई के लिए कम से कम 15 डिसमिल और 15-20 मवेशियों के लिए 30 डिसमिल जमीन (अपनी या लीज पर) हरा चारा उगाने के लिए होनी चाहिए।
    विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त आवेदकों, दुग्ध सहकारिता समिति के सदस्यों और 'जीविका' स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को चयन में प्राथमिकता मिलती है।
    इस योजनान्तर्गत पिछले तीनों वर्षों में ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों में से वैसे आवेदक, जिन्हें योजना का लाभ प्राप्त नही हो सका है, वैसे आवेदकों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ दी जायेगी।

आवश्यक दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया
शर्तों को पूरा करने वाला कोई भी व्यक्ति बिहार सरकार के गव्य विकास निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट dairy.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकता है। Samagra Gavya Vikas Yojana Application Process के दौरान आपको जरूरी कागजात और जानकारी देनी होगी।

जरूरी कागजात
    आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र
    जाति प्रमाण पत्र (आरक्षित वर्ग के लिए)
    बैंक पासबुक की कॉपी
    जमीन के कागजात (LPC, लगान रसीद या लीज एग्रीमेंट)
    सपोर्ट साइज फोटो व पशुपालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र

आवेदन सबमिट होने के बाद जिला गव्य विकास पदाधिकारी (DDDO) और उनकी टीम द्वारा आपके कागजातों और स्थल (जमीन/शेड) का भौतिक सत्यापन (Physical verification) किया जाएगा।

यदि आपने पहले से डेयरी प्रशिक्षण नहीं लिया है, तो विभाग फ्री ट्रेनिंग कराएगा और चयन सूची जारी होने के बाद स्वीकृत इकाई के अनुसार बैंक लोन और सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में हस्तांतरित (DBT) की जाएगी।

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