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हजूर साहिब कानून पर फिलहाल रोक, तरुण चुघ बोले- महाराष्ट्र सरकार का फैसला सराहनीय

चंडीगढ़.

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने तख्त श्री हजूर साहिब से संबंधित प्रस्तावित कानून को महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्थगित किए जाने का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त किया।

चुघ ने कहा कि नानक नाम लेवा संगतों और विभिन्न सिख संगठनों की भावना थी कि इस विषय पर सभी पक्षों से व्यापक चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए। महाराष्ट्र सरकार ने संगतों की भावनाओं का सम्मान करते हुए कानून को स्थगित कर लोकतांत्रिक संवेदनशीलता का परिचय दिया है। चुघ ने कहा कि तख्त श्री हजूर साहिब करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े प्रत्येक निर्णय में सिख समाज की भावनाओं तथा परंपराओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संवाद और सहमति के माध्यम से ऐसा समाधान निकलेगा जो संगतों की अपेक्षाओं के अनुरूप होगा।
इसी दौरान राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने के उपरांत दिल्ली में आयोजित 'पंजाबी गौरव अभिनंदन समारोह' में राजधानी दिल्ली के 109 पंजाबी सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों ने तरुण चुघ तथा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा का भव्य नागरिक अभिनंदन किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोनों नेताओं को पंजाबी समाज की ओर से 'पंजाबी गौरव' अलंकरण एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

समारोह को संबोधित करते हुए चुघ ने कहा कि "पंजाबी कोई कौम नहीं बल्कि एक विचार है, जो हर परिस्थिति में सेवा और सहायता के लिए तैयार रहता है।" उन्होंने कहा कि पंजाबियों का संघर्ष और बलिदान का इतिहास हजार वर्षों से अधिक पुराना है तथा पंजाबी वही है जो संकट और संघर्ष के समय सबसे आगे खड़ा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि पंजाब केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं बल्कि जिंदादिली, साहस, राष्ट्रभक्ति और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की पहचान है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि पंजाबी पहचान को धर्म या जाति तक सीमित न करें, क्योंकि पंजाबी एक जीवंत सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।

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