samacharsecretary.com

शिक्षा में उत्कृष्टता की ओर कदम — एमबी पावर स्कूल अब DAV प्रबंधन के साथ।

अनुपपुर.

एमबी पावर (मध्य प्रदेश) लिमिटेड, प्रबंधन के द्वारा, परियोजना टाउनशिप स्थित 10+2 सीबीएसई संबद्ध विद्यालय का संचालन एवं प्रबंधन, DAV कॉलेज ट्रस्ट एवं मैनेजमेंट सोसायटी को सौंपने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय विद्यालय के शैक्षणिक मानकों, आधारभूत संरचना और समग्र प्रशासन को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विद्यालय की स्थापना, कर्मचारियों के बच्चों, परियोजना प्रभावित परिवारों तथा आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। बता दें कि यह संस्थान वर्षो से सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास के क्षेत्र में जाना जाने बाला एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

देश की अग्रणी शैक्षणिक श्रृंखला DAV वर्तमान में भारतभर में 1000 से अधिक शिक्षण संस्थानों का संचालन कर रही है। मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में 136 से अधिक विद्यालयों का सफल संचालन DAV द्वारा किया जा रहा है। उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणाम, अनुशासित वातावरण, संस्कारयुक्त शिक्षा एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए DAV विद्यालयों की व्यापक पहचान है।

‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकास :

"कंपनी परिसर में स्थित इस स्कूल को पेशेवर प्रबंधन द्वारा शिक्षा के एक 'उत्कृष्टता केंद्र' (Center of Excellence) के रूप में निखारा जाएगा।"
उत्कृष्टता (Excellence) की दिशा में विशेष प्रयास इन बिंदुओं पर आधारित होंगे :

* शैक्षणिक गुणवत्ता एवं परिणामों में निरंतर सुधार
* शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का अनुपालन
* सह-पाठयक्रम एवं खेल गतिविधियों का विस्तार
* डिजिटल लर्निंग एवं स्मार्ट शिक्षण साधनों का समावेश
* मूल्य-आधारित शिक्षा, अनुशासन एवं चरित्र निर्माण
"नया प्रबंधन विद्यालय की आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सेवा के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करने के प्रति संकल्पित है, ताकि सेवा का मूल उद्देश्य निरंतर बना रहे।"

"कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह परिवर्तन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए किया गया है। संस्थान इस परिवर्तन की अवधि (Transition Period) को पूर्णतः पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।"
बेहतर शिक्षा की ओर एक मजबूत कदम — उज्ज्वल भविष्य की नई नींव।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here