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Madhya Pradesh में UCC की दिशा में कदम, रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में 60 दिन में तैयार होगा ड्राफ्ट

भोपाल 

भोपाल से बड़ी खबर सामने आ रही है. मध्यप्रदेश में अब ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) को लेकर हलचल तेज हो गई है. राज्य सरकार ने इसे लागू करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठा लिया है.

रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनी कमेटी
विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. इस 6 सदस्यीय समिति की कमान सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है.

60 दिन में तैयार होगा ड्राफ्ट
यह कमेटी अपनी रफ्तार से काम करेगी. इसे अगले 60 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट और ‘UCC ड्राफ्ट बिल’ तैयार कर सरकार को सौंपना होगा. इस दौरान समिति उत्तराखंड और गुजरात में अपनाए गए मॉडलों का भी गहराई से अध्ययन करेगी.

इन कानूनों पर रहेगा फोकस
समिति का मुख्य काम विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे कानूनों की समीक्षा करना है. इसके अलावा, लिव-इन रिलेशनशिप और दत्तक ग्रहण (Adoption) से जुड़े नियमों पर भी विशेष अध्ययन किया जाएगा. इसका उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है.

महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को प्राथमिकता
इस पूरी प्रक्रिया में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. समिति केवल बंद कमरों में काम नहीं करेगी, बल्कि आम लोगों की राय जानने के लिए जनसुनवाई और परामर्श बैठकें भी आयोजित करेगी.

विशेषज्ञों से ली जाएगी राय
समिति सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ विधि विशेषज्ञों से भी सुझाव मांगेगी. प्रशासनिक और क्रियान्वयन से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी, ताकि कानून को सही ढंग से लागू किया जा सके.

6 सदस्यीय समिति में कौन?
जारी आदेश के अनुसार, 6 सदस्यीय समिति की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई होंगी. शत्रुघ्न सिंह (सेवानिवृत्त भा.प्र.से), अनूप नायर (कानूनविद), गोपाल शर्मा (शिक्षाविद), बुधपाल सिंह (सामाजिक कार्यकर्ता) और अजय कटेसरिया (अपर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग).

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