पटना
राज्य के 22 हजार गांवों में डेयरी को ऑपरेटिव सोसाइटी का गठन हो गया है। ऐसे गांवों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने पर सरकार कार्य कर रही है।
इसको गति देने के लिए सहकारिता विभाग इन गांवों में काम्फेड के सहयोग से दूध संग्रह का कार्य जल्द शुरू कराने की तैयारी में है।
साथ ही, दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट लगाने के लिए महिलाओं, युवाओं और किसानों को प्रोत्साहन देने एवं सहकारी बैंकों के माध्यम से दुधारू पशुओं की खरीद हेतु ऋण सुविधा दिलाने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कराई जा रही है।
महिलाओं, युवाओं और किसानों को दुधारू पशुओं का पालन कराने के लिए मिलेगा प्रोत्साहन
सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव के मुताबिक गांवों में पशुपालन को बढ़ावा देने सरकार की प्राथमिकता में है। इसका लक्ष्य डेयरी के माध्यम से हर गांव को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना तथा ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देना है।
खास बात यह कि डेयरी को ऑपरेटिव सोसाइटी में ग्रामीण महिलाओं को जोड़ने को प्राथमिकता दी जा रही है। अगले साल तक राज्य के शेष बचे 23 हजार राजस्व गांवों में डेयरी को ऑपरेटिव सोसाइटी का गठन कर दिया जाएगा।
सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा दिलाने को सहकारिता विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव
राजस्व गांवों के अलावा दलित, महादलित और आदिवासी समेत अन्य टोलों को भी उसके पास के गांवों की डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी से जोड़ा जा रहा है।
अभी राज्य सरकार ग्रामीण युवाओं और किसानों को दो दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट लगाने के लिए एक लाख 74 हजार तक अनुदान दे रही है।
यह योजना पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के गव्य विकास निदेशालय के अधीन लागू है। सहकारिता विभाग सहकारी बैंकों के माध्यम से डेरी यूनिट को बढ़ावा देने की कार्य योजना पर कार्य कर हा है।
पांच लाख रुपये तक मिलेगी ऋण सुविधा
विभागीय प्रस्ताव के मुताबिक दुधारू पशुओं का पालन और डेरी यूनिट लगाने पर सहकारी बैंकों से पांच लाख रुपये तक ऋण सुविधा मिलेगी। इसके लिए बैंक गारंटी सरकार लेगी।
डेयरी यूनिट हर गांव में गठित को ऑपरेटिव सोसाइटी चलाएगी। अच्छे कार्य करने पर ऋण सुविधा बढ़ायी जाएगी।




