samacharsecretary.com

कलेक्टोरेट पहुंचे आवासीय विद्यालय के बच्चे, सात घंटे बाद प्रशासन ने दिया जांच का भरोसा

नारायणपुर.

जिस आवासीय विद्यालय में आदिवासी बच्चों को सुरक्षित माहौल और बेहतर शिक्षा मिलनी चाहिए, उसी के प्रबंधन पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. नारायणपुर जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शामपुर में कथित अव्यवस्थाओं और दुर्व्यवहार को लेकर विद्यार्थियों और पालकों का आक्रोश सामने आया.

विद्यार्थी और अभिभावक जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टोरेट पहुंचे और दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक धरने पर बैठे रहे. प्रदर्शनकारियों ने प्राचार्या चंद्रकिरण तिवारी, अधीक्षक राजवीर यादव और अधीक्षिका निशा पंगाल को निलंबित करने की मांग की. शिकायतों में आदिवासी विद्यार्थियों के साथ कथित जातिगत टिप्पणी, मानसिक प्रताड़ना और छात्रावास की बदहाल व्यवस्था के आरोप लगाए गए हैं. टूटे दरवाजे, गंदे शौचालय और बालिकाओं के शौचालय में सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने जैसे गंभीर मुद्दे भी उठाए गए.

विद्यालय की पीजीटी कंप्यूटर साइंस शिक्षिका प्रियंकाध ने भी कथित वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी बिलिंग के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है. हालांकि इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी और संबंधित प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है. प्रशासन ने 3 नवंबर को जांच समिति गठित करने का आश्वासन दिया है. इस समिति में प्रशासन के तीन और पालकों की ओर से दो सदस्य शामिल होंगे. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच में बच्चों की शिकायतें कितनी गंभीरता से परखी जाती हैं और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here