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हॉकी में टीम इंडिया का जलवा जारी, कोरिया पर 8-2 की शानदार जीत; अभिषेक-दिलप्रीत चमके

काकामिगाहारा  एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीम का बेहतरीन प्रदर्शन जारी है। टीम इंडिया ने दक्षिण कोरिया को भी 8-2 के अंतर से रौंद दिया है। इससे पहले भी भारतीय टीम सभी टीमों को बड़े अंतर से हराती आई है। दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच में भारत के लिए फॉरवर्ड अभिषेक (14वां और 38वां मिनट), दिलप्रीत सिंह (26वां और 32वां) ने दो दो गोल किये। शिलानंद लाकड़ा (चौथा), सुखजीत सिंह (नौवां), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वां) और राजिंदर सिंह (60वां) ने एक एक गोल दागा। कोरिया के लिये किम जाएहो (42वां) और किम योंगबोक (52वां) ने गोल किए। भारत ने इससे पहले इंडोनेशिया को 13-1 और श्रीलंका को 16-1 से हराया था। अब भारत का सामना 26 सितंबर को जापान से होगा। इसके बाद भारत को बांग्लादेश के खिलाफ खेलना है। जापान वही टीम है, जिसने पिछले एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। इस बार जापान मेजबान भी है। ऐसे में टीम इंडिया को सतर्क रहना होगा। मजबूत टीम मानी जा रही थी कोरिया भारत ने इस टूर्नामेंट में जिस तरह की शुरुआत की थी। इसके बाद कहा जा रहा था कि दक्षिण कोरिया की टीम ही भारत को चुनौती दे सकती है। हालांकि, मैच के दौरान ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। भारत ने एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की और अब टीम इंडिया हॉकी में गोल्ड जीतने की सबसे मजबूत दावेदार है। भारत के लिए सेमीफाइनल का सफर आसान रहेगा, लेकिन नॉकआउट मुकाबलों में टीम इंडिया फंस सकती है। हॉकी में 12 टीमों के बीच मुकाबला एशियन गेम्स 2026 में कुल 12 हॉकी टीमें शामिल हैं। इन्हें 2 ग्रुप में बांटा गया है। दोनों ग्रुप से टॉप 2 टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। इन्हीं चार टीमों के बीच मैच कराकर हर पदक के विजेता तय किए जाएंगे। भारत के लिए गोल्ड मेडल इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि स्वर्ण पदक जीतने पर भारत 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर जाएगा। अब भारत के लिए बड़ी चुनौती जापान की टीम होगी।

शूटिंग में भारत को कांस्य पदक, अनंतजीत सिंह-परिनाज धालीवाल की जोड़ी चमकी

नागोया  एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटर्स का जलवा बरकरार है। गुरुवार को भी भारतीय शूटिंग टीम ने मिक्स्ड इवेंट में पदक अपने नाम किया। अनंतजीत सिंह और परिनाज धालीवाल की जोड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है। इस जोड़ी ने फाइनल इवेंट में कमाल का प्रदर्शन किया। इस इवेंट में सभी खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर रही। एक समय भारतीय जोड़ी और गोल्ड जीतने वाली चीनी जोड़ी के बीच अंतर न के बराबर था। हालांकि, पुरानी गलती के कारण भारतीय टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी ने 44 का स्कोर बनाया। वहीं, दक्षिण कोरिया की टीम ने 51 का स्कोर बनाकर सिल्वर मेडल जीता। चीनी टीम ने 52 का स्कोर हासिल कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल जीता। अंत में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन शुरुआती गलती के कारण उन्हें ब्रान्ज से संतोष करना पड़ा। क्या थी भारतीय टीम की गलती? भारतीय जोड़ी ने इस मैच में बेहद साधारण शुरुआत की थी। इसी का नुकसान उन्हें आगे चलकर उठाना पड़ा। पहली सीरीज में भारत ने 7 का स्कोर हासिल किया था। वहीं, चीन और कोरिया का स्कोर 8 था। यहीं पिछड़ने के कारण भारत कभी वापसी नहीं कर सका। छठी सीरीज में जाकर भारत ने दक्षिण कोरिया की बराबरी कर ली थी। दोनों का स्कोर 44 था, लेकिन टाई ब्रेकर में भारतीय टीम हार गई और भारत को 7वीं सीरीज शूट करने का मौका नहीं मिला। वहीं, चीन और जापान के बीच सातवें राउंड के बाद विजेता का फैसला हुआ। अगर भारत ने शुरुआत में अच्छा खेल दिखाया होता तो गोल्ड मेडल जीत सकता था फाइनल इवेंट तीनों टीमों का स्कोर चीन     कोरिया     भारत 8             8          7 16          14        14 23           22        21 30           30        29 38          38        36 45           44        44 (टाई ब्रेकर में बाहर) 52           51