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क्या घर बैठे अपडेट हो सकता है बच्चे का आधार? जानें नया तरीका, जब ऐप में न मिले सुविधा

नई दिल्ली बच्चों के आधार कार्ड नए UIDAI ऐप पर अपडेट हो सकते हैं लेकिन बायोमेट्रिक डिटेल्स अपडेट कराने के लिए आपको आधार सेंटर जाना होगा। क्या आपको अपने बच्चे का आधार अपडेट कराना है? सरकार ने 5 साल से बड़े बच्चों का आधार अपडेट कराना अनिवार्य कर दिया है। बता दें कि इसे MBU यानी कि Mandatory Biometric Update कहते हैं। इस उम्र से पहले बनने वाले आधार में बच्चों का बायोमेट्रिक डेटा जैसे कि आंखों का स्कैन (आईरिस स्कैन) और उंगलियों के निशान नहीं लिए जाते। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये ऑप्शन आपको UIDAI के ऐप में मिल जाएगा? क्या आप ऑनलाइन घर बैठे बच्चों का MBU करवा सकते हैं? इसका जवाब है नहीं। दरअसल नए आधार ऐप में आप आधार से जुड़ी कुछ जानकारी अपडेट करवा सकते हैं लेकिन बायोमेट्रिक डिटेल्स ऐप से अपडेट नहीं कराई जा सकती। क्या होता है MBU? MBU का मतलब है Mandatory Biometric Update, जो कि बच्चों के आधार कार्ड के लिए होता है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड बनवाते समय उनके बायोमेट्रिक डेटा नहीं लिए जाते। बच्चों का आधार कार्ड माता-पिता के आधार से लिंक होता है। हालांकि 5 साल की उम्र के बाद आधार को अपडेट कराना जरूरी होता है। इसे ही MBU कहते हैं। नए आधार ऐप से हो पाएगा काम? हाल ही में UIDAI ने नया आधार ऐप लॉन्च किया था। इसमें कई तरह के फीचर्स दिए गए हैं। मसलन मोबाइल नंबर और पता बदलने का ऑप्शन इस ऐप में दिया गया है। हालांकि बायोमेट्रिक अपडेट के लिए यूजर को आधार सेंटर विजिट करना पड़ता है। सेंटर पर ही क्यों अपडेट होता है डेटा? सवाल उठता है कि आखिर बायोमेट्रिक डेटा आधार सेंटर पर ही क्यों अपडेट होता है? ऐसा इसलिए क्योंकि बायोमेट्रिक डेटा लेने के लिए कुछ खास मशीनों जैसे कि फिंगरप्रिंट रीडर, आईरिस स्कैनर आदि की जरूरत पड़ती है। यह डिवाइस सेंटर पर मौजूद होते हैं और इसके लिए शख्स या बच्चे का सेंटर पर मौजूद होना जरूरी हो जाता है। वहीं नाम या पता जैसी जानकारी ऐप पर भी जरूरी डॉक्यूमेंट सबमिट करके अपडेट हो सकती है। Aadhaar ऐप ऐसे करेगा मदद हालांकि ऐसा नहीं है कि आधार ऐप बच्चे का आधार अपडेट कराने में बिल्कुल मदद नहीं कर सकती। अगर आप नया आधार ऐप इस्तेमाल करते हैं, तो ऐप में नीचे मौजूद Help ऑप्शन के जरिए मदद ले सकते हैं।     Help सेक्शन में आपको FAQ और CONTACT US का ऑप्शन मिलता है।     आप CONTACT US ऑप्शन के जरिए अपने पास मौजूद आधार सेंटर का पता लगा सकते हैं।     इसके अलावा बच्चों के स्कूलों और पोस्ट ऑफिस में भी MBU का काम किया जा रहा है। आप इन दो जगहों पर भी बच्चे की बायोमेट्रिक डिटेल्स आधार में अपडेट करवा सकते हैं।

विद्यार्थियों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट के लिए स्कूलों में शिविर, 21 हजार से अधिक स्टूडेंट्स शामिल

महासमुंद जिले में यूडाईस 2025-26 के अंतर्गत आधार से संबंधित बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया को तेज करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 06 फरवरी 2026 की स्थिति में जिले में कुल 30,587 विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाना है। इस हेतु विद्यालयों में विशेष बायोमेट्रिक अपडेट शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से यूआईडीएआई से डाटा अपडेट कर उसकी प्रविष्टि यूडाईस पोर्टल पर की जाएगी। अभियान के अंतर्गत ई.डी.एम. चिप्स से समन्वय कर 20 से अधिक लंबित बायोमेट्रिक वाले 352 विद्यालयों का चयन किया गया है, जिसमें लगभग 21,406 विद्यार्थियों का अपडेट किया जाना है। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा रेखराज शर्मा द्वारा सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयकों को निर्देशित करते हुए अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विद्यालयों को पालकों एवं विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं शिविर में उपस्थित होकर अपना बायोमेट्रिक अपडेट करवा सकें। इस कार्य के सफल संचालन के लिए विकासखंड स्तर पर बीआरसी एवं संकुल स्तर पर संकुल समन्वयकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पूरे अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद द्वारा किया जाएगा। प्रथम चरण में 5 से 7 वर्ष एवं 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट पर फोकस करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यूआईडीएआई द्वारा बायोमेट्रिक अपडेट की जानकारी यूडाईस पोर्टल पर अपडेट करने की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही यूआईडीएआई के निर्देशानुसार 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट एक वर्ष के लिए निःशुल्क किया गया है, जबकि 5 से 7 वर्ष एवं 17 वर्ष के बच्चों के लिए यह सुविधा पहले से ही निःशुल्क है। आधार ऑपरेटरों को प्रतिदिन शिविर की जानकारी निर्धारित प्रारूप में संधारित करने तथा शिविर स्थल पर आवश्यक दस्तावेज सूची, शुल्क सूची एवं अन्य निर्देश प्रदर्शित करने कहा गया हैं। 

जेब में Aadhaar, लाइन से छुटकारा! नया Aadhaar App लॉन्च — घर बैठे अपडेट और वेरिफिकेशन आसान

नई दिल्ली आज आधार कार्ड धारकों के लिए एक बड़ा बदलाव आया है। UIDAI ने नया Aadhaar App लॉन्च कर दिया है, जो पुराने mAadhaar ऐप से कहीं अधिक उपयोगी है। यह ऐप 28 जनवरी 2026 से पूरे देश में उपलब्ध हो गया है। स्क्रीन पर सिर्फ फिजिकल कार्ड देखने के बजाय, अब आप अपने मोबाइल फोन में पूरा डिजिटल Aadhaar ID रख सकते हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब आप मोबाइल नंबर और पता जैसे डिटेल्स को भी घर बैठे अपडेट कर सकेंगे, बिना Enrollment Center का चक्कर लगाए।   New Aadhaar App के 5 मुख्य फीचर्स और फायदे 1. अब फिजिकल Aadhaar कार्ड रखने की जरूरत खत्म नए Aadhaar App की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब आपको आधार कार्ड की फोटो कॉपी, PVC कार्ड या प्रिंटआउट साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस ऐप में आपका पूरा Aadhaar डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित तरीके से मौजूद रहेगा। जहां भी पहचान दिखाने की जरूरत हो बैंक, होटल, एयरपोर्ट, सरकारी दफ्तर वहां आप सीधे मोबाइल से Aadhaar दिखा सकते हैं। इससे आधार खोने, फटने या गलत इस्तेमाल का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। 2. Face Authentication से होगी पहचान, OTP की झंझट खत्म नया Aadhaar App Face Authentication सपोर्ट करता है। यानी अब सिर्फ मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। आप अपने चेहरे से ही पहचान वेरिफिकेशन कर सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनके पास हमेशा OTP लेने के लिए फोन उपलब्ध नहीं रहता। 3. QR कोड से तुरंत वेरिफिकेशन नए ऐप में QR-code आधारित वेरिफिकेशन की सुविधा दी गई है। इसका मतलब यह है कि: किसी को Aadhaar की फोटो कॉपी देने की जरूरत नहीं, सामने वाला सिर्फ QR स्कैन करके आपकी पहचान जांच सकता है, डेटा में छेड़छाड़ की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। यह फीचर होटल चेक-इन, इवेंट एंट्री, ऑफिस वेरिफिकेशन और किराए के मकान जैसे मामलों में बहुत काम आएगा। 4. एक ऐप में परिवार के कई Aadhaar (Multi-Profile Support) नया Aadhaar App Multi-Profile फीचर के साथ आता है। यानी: माता-पिता, बच्चे, परिवार के बुजुर्ग सदस्य। सबका Aadhaar एक ही ऐप में सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे अलग-अलग फोन या डॉक्यूमेंट संभालने की परेशानी खत्म हो जाती है। बच्चों और बुजुर्गों के आधार मैनेज करना अब बेहद आसान होगा। 5. घर बैठे Aadhaar डिटेल अपडेट करने की सुविधा नए Aadhaar App में कई जरूरी अपडेट्स अब घर बैठे किए जा सकेंगे, जैसे: मोबाइल नंबर, पता (Address)। इससे अब Aadhaar Center के चक्कर, लंबी लाइनें और समय की बर्बादी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यह फीचर खासतौर पर कामकाजी लोगों और ग्रामीण इलाकों के लिए राहत लेकर आया है। Aadhaar फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक QR वेरिफिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन और सिलेक्टिव शेयरिंग जैसे फीचर्स की वजह से: फर्जी Aadhaar इस्तेमाल करना मुश्किल होगा, फोटो कॉपी के दुरुपयोग पर रोक लगेगी, पहचान चोरी के मामलों में कमी आएगी, यानी नया Aadhaar App सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच भी है।

Aadhaar और मोबाइल लिंक कराया है? सावधान! नई साइबर फ्रॉड ट्रिक से खाली हो सकता है अकाउंट

नई दिल्ली अगर आपने भी आधार और मोबाइल नंबर को लिंक कराया है, तो आपको भी चौकन्ना हो जाना चाहिए। दरअसल साइबर अपराधियों ने लोगों के बैंक खाते खाली करने का नया तरीका निकाल लिया है। गुजरात के नडियाद में एक होटल मैनेजर के साथ ऐसा कुछ हुआ है, जिसने प्रशासन समेत आम आदमी की नींद भी उड़ा दी है। इस काम को अंजाम देने के लिए अपराधियों ने उस शख्स के मोबाइल नंबर और आधार कार्ड तक को कैंसिल कर दिया ताकि उसे कोई बैंक अलर्ट या OTP न मिल सके। क्या है ठगी का नया तरीका? इस मामले में पीड़ित नवलकिशोर सिंह बोहरा ने हाल ही में अपना आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर बदला था। उनके नए नंबर से आधार कनेक्ट होता, उससे पहले ही उनके पुराने सिम के नेटवर्क गायब हो गए। जब वह टेलीकॉम सेंटर गए, तो मालूम पड़ा कि उनका आधार कार्ड कैंसिल हो गया है। इसी वजह से उनका सिम भी डिक्टिवेट हो गया था। पुलिस की मानें, तो साइबर अपराधियों ने अपने जुर्म को सफाई से अंजाम देने के मकसद से ही पीड़ित के आधार कार्ड को बंद किया था, ताकि बैंक खाता खाली होते समय उन्हें कोई मैसेज न मिल पाए। इस दौरान अपराधियों को पीड़ित के HDFC और SBI बैंक खातों में सेंध लगाने का मौका मिल गया। बिना OTP कैसे हो पाई ठगी? इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि ठगों को पीड़ित का बैंक खाता खाली करने के लिए किसी OTP की जरूरत नहीं पड़ी। इससे भी बड़ी बात यह थी कि बिना ओटीपी बैंक से लाखों रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार,(REF.) पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पीड़ित की आधार डिटेल्स और बैंक खातों की जानकारी जुटाई थी। इसके बाद उनके आधार ऑथेंटिकेशन और सिम कार्ड को ब्लॉक करा दिया गया। सिम के चालू न होने के चलते पीड़ित को बैंक खातों के खाली होने का पता नहीं चल पाया और ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में 3.09 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। आप किन बातों का ध्यान रखें? पुलिस के मुताबिक यह साइबर अपराधियों का ठगी का नया तरीका है। नडियाद पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड्स और टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर उन खातों की तलाश शुरू कर दी है जिनमें पैसा भेजा गया है। पुलिस के अनुसार अगर आपके सिम कार्ड के नेटवर्क भी अचानक गायब हो जाएं और आपको कुछ भी संदिग्ध लगे, तो तुरंत बैंक को सूचित करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

आधार यूजर्स सावधान! फोटोकॉपी पर लगी रोक, UIDAI ने जारी किया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली आपको होटल में चेक इन करना है, बैंक में खाता खुलवाना हो, लोन लेना है या फिर अपने बच्चों का स्कूल-कॉलेज में दाखिला करवाना है आदि। आपको यही नहीं बल्कि, ऐसे ही कई अन्य कामों के लिए भी आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई द्वारा भारत के नागरिकों का आधार कार्ड बनाया जाता है। आधार कार्ड में आपकी बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक जानकारियां होती हैं। जैसे, नाम, पता, जन्मतिथि और फिंगर प्रिंट आदि। इन सबके बीच आपने एक चीज नोटिस की होगी या आप खुद ही इसे करते होंगे कि होटल में चेक इन करने के लिए या कई अन्य जगहों पर अपने आधार की फोटोकॉपी देते होंगे? पर अब ऐसा बंद होने जा रहा है क्योंकि यूआईडीएआई इसको लेकर जल्द ही एक नया नियम लागू कर सकता है। तो चलिए जानते हैं इस नए नियम के बारे में। आधार कार्डधारक अगली स्लाइड्स में इस बारे में जान सकते हैं… क्या कहता है नया नियम?     दरअसल, अब तक आपको जहां पर आधार की फोटोकॉपी देनी पड़ती थी। उस पर अब जल्द ही रोक लग जाएगी, क्योंकि आधार एक ऐसा नया नियम लाने जा रही है जिसके तहत अब कोई भी आपसे आधार की फिजिकल फोटोकॉपी न ले सकेगा और न ही उसे स्टोर कर सकेगा। क्यों पड़ी इस नए नियम का जरूरत?  अभी कई जगहों पर लोगों को अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी देनी होती है जिसे यूआईडीएआई द्वारा गलत माना गया। सरकार का मानना है कि पेपर आधारित आधार कार्ड वेरिफिकेशन न सिर्फ कानून के खिलाफ है बल्कि, ये कार्डधारकों की प्राइवेसी के लिए भी बड़ा खतरा बन जाता है। इसलिए अब इस नए नियम को लाया जा रहा है। कैसे काम करेगा और कब से लागू हो सकता है नया नियम?     यूआईडीएआई ने इस नए नियम को लेकर नया फ्रेमवर्क मंजूर किया है जिसके बाद अब जो भी संस्था ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन करना चाहते हैं उसे पहले यूआईडीएआई में रजिस्टर करना होगा और इसके बाद वो क्यूआईर कोड या एप बेस्ड वेरिफिकेशन का इस्तेमार कर सकेगी। जिसे भी ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन करना है उसे यूआईडीएआई के साथ रजिस्ट्रेशन के बाद एक सुरक्षित एपीआई का एक्सेस मिलेगा जिससे वे डिजिटल तरीके से आधार की जांच कर सकेंगे। यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार के मुताबिक, इस नियम को मंजूरी मिल चुकी है और उसे जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। कहां-कहां देनी होती है आधार की फोटोकॉपी?     दरअसल, मौजूदा समय में हमें कई जगहों पर आधार की फोटोकॉपी देनी पड़ती है। इसमें होटल में चेक इन करते समय, इवेंट आयोजन करवाते समय, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, कई एग्जाम सेंटर पर आदि। पर इस नए नियम के बाद फिजिकल फोटोकॉपी लेना और उसे स्टोर करना रूक जाएगी।  

अक्टूबर से छात्रों के लिए आधार अभियान का दूसरा चरण शुरू, फाइनल मुकाबले के दिन से होगा आगाज़

दूसरे चरण में 26 लाख विद्यार्थियों के किये जायेंगे आधार अपडेट भोपाल  प्रदेश में 26 लाख विद्यार्थी अब तक अपने आधार में आवश्यक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं करा पाए हैं। अपडेट विद्यार्थियों के 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर अनिवार्य होता है। आधार में नवीनतम बायोमेट्रिक दर्ज होने के बाद ही विद्यालय प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को सहज रूप से मिल सकेगा। विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईएडीएआई) और स्कूल शिक्षा विभाग ने 18 अगस्त 2025 को ‘विद्यार्थी के लिए "आधार, अब विद्यालय के द्वार" अभियान प्रारंभ किया था। अभियान के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधार नामांकन एवं अपडेट शिविर लगाए गए थे। अब प्रदेश के सभी जिलों में एक अक्टूबर से इस अभियान का दूसरा चरण प्रारंभ किया जा रहा है। दूसरे चरण में उन विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई है, जहाँ सबसे अधिक विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट लंबित हैं। साथ ही, ऐसे बड़े विद्यालयों का भी चयन किया गया है, जिनके आसपास अन्य विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। यूआईएडीएआई और शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के आधार का बायोमेट्रिक स्टेटस देखने के लिये यू-डाइस+ पोर्टल पर विशेष सुविधा विकसित की है। इसके माध्यम से विद्यालय आसानी से उन विद्यार्थियों की पहचान कर सकेंगे जिनका अपडेट लंबित है। अभियान के सफल संचालन के लिए 26 सितम्बर को जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रोग्रामर, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रशिक्षित किया गया। इससे पूर्व यूआईएडीएआई आधार ऑपरेटरों को भी प्रशिक्षित कर चुका है। विद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यू-डाइस+ पोर्टल से लंबित विद्यार्थियों की सूची प्राप्त करें। सूची में शामिल विद्यार्थियों को पूर्व सूचना दें और शिविर के लिए रोस्टर तैयार करें। साथ ही, विद्यार्थियों को नजदीकी आधार सेवा केंद्रों में भी बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए प्रेरित करें।  

ग्वालियर के स्कूलों में आधार अपडेशन कैंप, किशोरों का होगा बायोमैट्रिक अपडेट

 ग्वालियर स्कूली बच्चों को पहले से ही बता दें कि आधार अपडेशन के लिये कौन-कौन से दस्तावेजों की जरूरत होगी, जिससे स्कूलों में लगने जा रहे आधार शिविरों में सभी बच्चों के आधार संबंधी काम हो सकें। यह निर्देश कलेक्टर रुचिका चौहान ने आधार शिविरों की तैयारियों की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस स्कूल में शिविर लगने जा रहा है उस स्कूल सहित अन्य जनप्रतिनिधि स्कूलों में भी शिविर की तिथियों के बारे में जानकारी दी जाए। सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य शिक्षा केन्द्र की पहल पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के समन्वय से 'विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार' अभियान के तहत जिले के सभी विकासखंडों के अंतर्गत कुल 32 स्कूलों में 10–10 दिवसीय आधार शिविर लगने जा रहे हैं। शिविरों की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। इन शिविरों में 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के स्कूली बच्चों का अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट-2 खासतौर पर किया जायेगा। साथ ही आधार पर सुधार संबंधी अन्य कार्य भी कराए जायेंगे। यह पहल मुख्य रूप से बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पर केंद्रित है। इसमें उनके आधार में उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और एक तस्वीर अपडेट करना शामिल है। पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। पहला एमबीयू 5 से 7 वर्ष की आयु के बीच पूराहोने पर निःशुल्क रखा गया है। विद्यार्थी के उम्र 7 वर्ष की आयु से अधिक होने के बाद शुल्क लागू होगा। दूसरा एमबीयू तब आवश्यक है जब विद्यार्थी 15 वर्ष का हो जाएगा। तीसरा एमबीयू 15 से 17वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निःशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष की आयु के बाद शुल्क लागू होगा।

अब तक जिले में आयोजित शिविरों के माध्यम से 2340 से अधिक जनजातीय नागरिकों को आधार कार्ड बनाया

 रायपुर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जनजातीय समुदाय के जीवन में आशा की नई किरण बनकर उभरी है। इस योजना के अंतर्गत लगाए जा रहे शिविरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों तक आधार से संबंधित सेवाएं पहुँचाई जा रही हैं, जिससे हजारों नागरिकों को घर के पास ही राहत मिल रही है।          अब तक जिले में आयोजित शिविरों के माध्यम से 2340 से अधिक जनजातीय नागरिकों को आधार कार्ड बनाया, अद्यतन एवं समस्याओं का समाधान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इससे यह स्पष्ट होता है कि धरती आबा योजना केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के लिए एक डिजिटल सशक्तिकरण अभियान बन गई है।          जिले के आधार सेवा संचालक श्री लखन लाल साहू को जिला अंतर्गत राज्य में Best performing Operator in Aadhaar Enrolment &Update services in LWE Districts of Chhattisgarh State यह पुरस्कार  UIDAI REGIONAL OFFICE HYDERABAD द्वारा 20 जून 2025 को रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह में प्रदान किया गया।                          धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत नागरिकों को डिजिटल सेवा आधार, आय, जाति, निवास, बिजली की बिल भुगतान, गैस रिफिलिंग, ट्रेन टिकट, बैंकिग, किसानों का फसल बीमा, किसान पंजीयन, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आदि सेवाएं जनजातीय समुदाय के नागरिकों को धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान शिविर में ग्राम स्तर पर ही मुहैया हो रहा है।          धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान आज ग्राम विकास, जन सुविधा और डिजिटल समावेश का प्रतीक बन चुकी है। यह पहल न केवल आधार जैसी महत्वपूर्ण सेवा को सुलभ बना रही है, बल्कि जनजातीय अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।