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अकाली सरकार के विकास कार्यों को विधानसभा क्षेत्रों में गिनाएगी आम आदमी पार्टी

चंडीगढ़. 2007 से लेकर 2017 तक अपने कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों को लेकर मास कांटेक्ट प्रोग्राम के तहत हर विधानसभा हलके में जाने का शिरोमणि अकाली दल ने फैसला लिया है। आज यहां जिला प्रधानों और हलका प्रभारियों के साथ बैठक के बाद में यह फैसला लिया गया। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल की प्रधानगी में हुई बैठक में यह भी कहा गया कि हर हलके रैलियां की जाएंगी और लोगों के पास जाकर न केवल अपनी सरकार की प्राप्तियों के बारे में बताया जाएगा बल्कि आप सरकार की नकारात्मक कार्यवाहियों को भी उनके सामने रखा जाएगा। बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से बात करते हुए पार्टी के सीनियर उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता डा दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मास कांटेक्ट प्रोग्राम फरवरी महीने से शुरू होगा जिसमें हलका वाइस बड़ी रैलियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इन रैलियों को पार्टी प्रधान सुखबीर बादल और पार्टी के अन्य बड़े सीनियर लीडर संबोधित करेंगे। एक सप्ताह में चार रैलियां करने का कार्यक्रम रखा गया है लेकिन इन की तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। उन्होंने बताया कि अपनी सरकार के दौरान हुए डेवलपमेंट के काम और इस सरकार में बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था और प्रापर्टियों को बेचने का मुद्दा उभारा जाएगा। इन सभी मुद्दों को लेकर हम लोगों की कचहरियों में जाएंगे। सेहत बीमा योजना के नाम पर लोगों को मूर्ख बनाया जा रहा डॉ. चीमा ने कहा की मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना लोगों को मूर्ख बनाने के लिए है। इसका मकसद चुनाव के लिए सिर्फ लोगों का डाटा एकत्रित करना है। अगर सब को बीमा की सुविधा मिलनी है तो फिर फार्म क्यों भरवाए जा रहे हैं। अगर फार्म भरवाए जाने हैं तो उन पर आम आदमी पार्टी के नेता के हस्ताक्षर की क्या जरुरत है? चीमा ने कहा कि योजना चलाने के लिए पैसा ही नहीं है। एक सवाल के जवाब में चीमा ने कहा कि आपरेशन प्रहार भी लोगों को गुमराह करने के लिए है। रेलवे पटरी पर धमाका हो जाता है और अगर पुलिस इतनी सचेत और बारीकी से काम कर रही है तो धमाका कैसे हुआ? पुलिस बिना किसी सर्च वारंट के लोगों के घरों में घुस रही है। लोगों को परेशान किया जा रहा है। सरकार ने एजेंडा सेट करने के लिए बनाया वार रूम सरकार ने एक वार रुम बना रखा है जिस का मकसद लोगों की भलाई करना नहीं बल्कि एजेंडा सेट करना है कि किस दिन कौन सा एजेंडा चला लोगों का असली मुद्दों से ध्यान भटकाना है। यह सिर्फ लोगों को गुमराह करने का जरिया है ताकि असली मुद्दे न उठे। पार्टी संगठन को लेकर डाॅ. चीमा ने कहा कि आज जिला प्रधानों से का गया है कि वे सर्कल , कोर कमेटी और बूथ लेवल कमेटियों के नेताओं की नियुक्तियां दस फरवरी तक पूरी कर लें। इसके अलावा पार्टी के समस्त विंगों का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। ब्लाक समिति चुनावों में कार्यकर्ताओं ने दिखाया दमखम उन्होंने कहा कि जिला परिषद और ब्लाक समितियों के चुनाव में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बेहतर दमखम दिखाया है जहां भी हमारे पर्चे रद नहीं हुए वहां हमने जीत प्राप्त की है। अब स्थानीय निकाय चुनाव को भी मजबूती से लड़ा जाएगा। पंचायतों में ट्यूबवेलों के बकाया बिल लेने को लेकर डाॅ. चीमा ने कहा कि सभी पंचायतों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे वित्त कमीशन ग्रांट को ट्यूबवेलों के बिल भरने पर लगाएं। डाॅ. चीमा ने कहा कि सरकार पैसा देने की बजाए अफसरों के माध्यम से बिल भरने पर लगा रही है। नियमों के मुताबिक वित्त कमीशन के पैसे को डाइवर्ट नहीं किया जा सकता।

जालंधर नगर निगम का एक कौंसलर जल्द ही आम आदमी पार्टी में हो सकता है शामिल

जालंधर  जालंधर से जुड़ी बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जालंधर नगर निगम का एक कौंसलर जल्द ही आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकता है। बताया जा रहा है कि संबंधित कौंसलर फिलहाल कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है और आज ही पार्टी बदलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कौंसलर आज आम आदमी पार्टी शामिल हो सकता हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 

आम आदमी पार्टी को गुजरात में बड़ा झटका, रावल ने छोड़ी पार्टी

अहमदाबाद गुजरात में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता चेतन रावल ने अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। रावल ने अपने इस्तीफे में व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है, लेकिन वास्तविक वजहों को लेकर अटकलों को दौर शुरू हो गया है। गुजरात में पार्टी के मुखिया इशुदान गढ़वी को भेजे इस्तीफे में रावल ने कहा है कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों की वजह से तत्काल प्रभाव से आम आदमी पार्टी से से इस्तीफा दे दिया है। चेतन रावल पूर्व टीवी एक्टर हैं और गुजरात के अहमदाबाद में प्रमुख राजनीतिक शख्सियत हैं। 2022 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर 'आप' का दामन थाम लिया था। वह अहमदाबाद शहर के कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य महासचिव भी रह चुके हैं। वह असारवा और खाडिया सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। गौरतलब है कि रावल के पिता प्रबोध रावल भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं और गुजरात गृह मंत्री भी रह चुके हैं। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए वह कांग्रेस में सक्रिय हुए और अहमदाबाद शहर के कांग्रेस अध्यक्ष बने। बाद में खुद को दरकिनार बताते हुए वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे। अब तीन साल बाद उन्होंने अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाली पार्टी छोड़ दी है। रावल का अगला कदम क्या होगा, इसको लेकर उन्होंने कोई खुलासा नहीं किया है।