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मध्य पूर्व हालात पर भारत अलर्ट: दूतावासों ने जारी की चेतावनी, यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह

बेरूत मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर लेबनान में स्थित भारतीय दूतावास, बेरूत ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने, सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा व आपातकालीन निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। रविवार को जारी एडवाइजरी में दूतावास ने कहा, “क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए लेबनान में रह रहे सभी भारतीय नागरिक अनावश्यक यात्रा से बचें, सतर्क रहें और स्थानीय स्तर पर जारी सुरक्षा एवं आपातकालीन दिशानिर्देशों का पालन करें।” दूतावास ने आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को मोबाइल नंबर +96176860128 या ईमेल के जरिए संपर्क करने को कहा है। इससे पहले भारत सरकार ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सभी पक्ष संयम बरतें, हालात को और न बिगाड़ें और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीयों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने तथा स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास, तेहरान ने ईरान में रह रहे भारतीयों को अत्यधिक सतर्क रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और संभव हो तो घरों के भीतर रहने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास, दोहा ने कतर में भारतीयों से स्थानीय प्रशासन और दूतावास द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने को कहा है। भारतीय दूतावास, अबू धाबी और दुबई स्थित वाणिज्य दूतावास ने भी संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह जारी की है। कतर में जारी एडवाइजरी में विशेष रूप से कहा गया है कि लोग सैन्य स्थलों के आसपास न जाएं और सार्वजनिक सुरक्षा के हित में अधिकतम समय तक घरों के भीतर ही रहें। भारत ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। साथ ही सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किए जाने पर भी बल दिया गया है। मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात के बीच भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे की एडवाइजरी जारी की जाएगी।

कड़ाके की ठंड को देख बच्चों और बुजुर्गों को बेहद सतर्क रहने के निर्देश

चंडीगढ़/फाजिल्का. सेहत विभाग फाजिल्का द्वारा डायरेक्टर सेहत विभाग पंजाब के दिशा-निर्देशों के अनुसार सर्दी और धुंध से छोटे बच्चों, बुजुर्गों, ज्यादा समय से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों और गर्भवती महिलाओं के बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, क्योंकि ये सर्दी में ज्यादा प्रभावित होते हैं। इन शब्दों का प्रकटावा सिविल सर्जन फाजिल्का डॉक्टर कविता सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि सर्दी लगने के कारण अगर समय पर इलाज न करवाया जाए तो कई बार यह खतरे का कारण बन सकता है। जिला एपिडिमोलॉजिस्ट डॉ. सुनीता कंबोज ने बताया कि सुबह और देर शाम या रात को ठंड और घनी धुंध के कारण घरों से बाहर जाने से परहेज करना चाहिए। घनी धुंध के कारण होने वाले हादसे खतरनाक हो सकते हैं। घरों में बंद कमरे में अंगीठी जलाकर कभी भी आग न सेंकी जाए, क्योंकि आग जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है जिससे बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जो कि सेहत के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। अगर किसी को कोई भी समस्या आती है तो तुरंत डॉक्टरी सलाह के अनुसार इलाज करवाना चाहिए। विनोद कुमार जिला मास मीडिया और सूचना अफसर तथा दिवेश कुमार ने बताया कि छोटे बच्चे इस मौसम में ज्यादा बीमार होते हैं, इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने चाहिए और जूते-जुराबें तथा सिर पर टोपी पहननी चाहिए। बुजुर्ग, दमा और सांस की बीमारी के मरीज बहुत ज्यादा ठंड होने पर घरों से बाहर जाने से गुरेज करें और खुराक में भी गर्म चीजें जैसे सूप, चाय, कॉफी और संतुलित खुराक का सेवन करें। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए थोड़े-थोड़े समय बाद या जरूरत के अनुसार गुनगुना पानी पीना चाहिए।