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रबी बुवाई से पहले कृषि विभाग अलर्ट, खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए दुकानों का निरीक्षण

  जैसलमेर  रबी सीजन की बुवाई से पहले किसानों को रासायनिक उर्वरकों की किल्लत से बचाने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने जिले में निगरानी बढ़ा दी है। अगले सात दिनों में जिले की सभी उर्वरक, बीज और कीटनाशक विक्रय दुकानों का निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान मौके पर उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। विभाग के अनुसार जिले की निजी दुकानों और सहकारी समितियों के पास यूरिया के 1,27,437 बैग, डीएपी के 38,530 बैग, एनपीके के 12,653 बैग तथा सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) के 14,522 बैग उपलब्ध हैं। विभाग का उद्देश्य रबी बुवाई के दौरान किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराना है। लाइसेंस नंबर डालते ही खुलेगी विक्रेता की प्रोफाइल डिजिटल निरीक्षण प्रक्रिया में जांच अधिकारी मौके पर पहुंचकर विक्रेता का लाइसेंस नंबर ऐप में दर्ज करेंगे। इससे संबंधित डीलर की प्रोफाइल सामने आएगी। इसके बाद दुकान में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एसएसपी और अन्य कृषि आदानों के स्टॉक की गिनती कर विवरण ऐप पर अपलोड किया जाएगा। इससे निरीक्षण रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज होगी और उच्चाधिकारी उपलब्ध रिकॉर्ड की निगरानी कर सकेंगे। बिल, स्टॉक रजिस्टर और मूल्य सूची रखनी होगी अपडेट कृषि विभाग ने सभी खाद-बीज विक्रेताओं को खरीद-बिक्री के बिल, स्टॉक रजिस्टर और मूल्य सूची अद्यतन रखने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को संबंधित दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा। अभियान के जरिए खाद की कालाबाजारी, निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने और खाद के साथ अनावश्यक उत्पाद खरीदने के लिए किसानों पर दबाव डालने जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने और जांच में सहयोग नहीं करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कानूनी एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ियों को रोकने की कवायद औचक जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लगाना, कृषकों को सरकार की ओर से निर्धारित उचित मूल्यों पर ही खाद उपलब्ध कराना और खाद के साथ जबरन अन्य गैर-जरूरी उत्पाद थमाने (टैगिंग) जैसी गड़बड़ियों को प्रभावी ढंग से रोकना है – महावीर प्रसाद छींपा, संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद जैसलमेर  

अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार किसानों को निर्धारित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरगुजा जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर के नेहरूनगर (डीगमा) स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण कर 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए हैं तथा विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक कृषक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी कि नेहरूनगर (डीगमा) स्थित मेसर्स सरगुजा कृषि राय केंद्र द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता किसान के बयान एवं ऑनलाइन भुगतान से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर जिला स्तरीय टीम ने 25 जून को संबंधित प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिसर में उपलब्ध 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए तथा संपूर्ण विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया। कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में स्पष्ट संदेश गया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषिकुंवर साय पैंकरा, उर्वरक निरीक्षकजे. आलम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारीसीताराम भगत सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार निरीक्षण एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।