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रोहित गोदारा गैंग पर शिकंजा, मोस्ट वांटेड कृष्ण सिंह दबोचा गया

जयपुर राजस्थान में संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ प्रदेश की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है. एडीजी दिनेश एम एन के कड़े निर्देशन में काम कर रही टीम ने सुजानगढ़ के बहुचर्चित 'जेडीजे ज्वैलर्स' फायरिंग मामले के मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. वह पिछले 3 सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था. रोहित गोदारा गैंग का सक्रिय मोहरा गिरफ्तार पकड़ा गया आरोपी कृष्ण सिंह कुख्यात अपराधी रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण गैंग का बेहद सक्रिय सदस्य है. कृष्ण सिंह पर रंगदारी वसूलने के लिए फायरिंग करने और हत्या जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं. पुलिस लंबे समय से इसकी तलाश में जुटी थी. एजीटीएफ की पैनी नजर और सटीक मुखबिरी के चलते इस मोस्ट वांटेड अपराधी को सलाखों के पीछे भेजा जा सका है. 27 मुकदमों का अपराधी लक्ष्मण सिंह भी दबोचा गया इस कार्रवाई में टास्क फोर्स ने केवल कृष्ण सिंह को ही नहीं बल्कि एक और आदतन अपराधी लक्ष्मण सिंह को भी दबोचने में सफलता पाई है. लक्ष्मण सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में 27 मुकदमे दर्ज हैं. वह वैशाली नगर और मकराना पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था. इन दोनों की गिरफ्तारी से गैंग के नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है. इन जांबाज पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका इस सफल ऑपरेशन में टीम प्रभारी सोहन सिंह और हेड कांस्टेबल महेश सोमरा के नेतृत्व में पूरी टीम ने जी-जान लगा दी. टीम के सदस्य होशियार सिंह, प्रवीण कुमार, जुगन सिंह, महावीर सिंह और कांस्टेबल मोहित महला, जगदीप, जितेंद्र कुमार व सुरेंद्र कुमार ने अपनी विशेष भूमिका निभाई.

पंजाब में एजीटीएफ की छापेमारी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

चंडीगढ़  पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजीटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सक्रिय सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपित के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया आरोपित राजस्थान में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपित विभिन्न राज्यों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। एजीटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया और आरोपित को दबोच लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह गैंगस्टर अर्जू बिश्नोई के संपर्क में था, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जाता है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क पंजाब, राजस्थान और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहकर हथियारों की सप्लाई, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपित से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। इसके साथ ही ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक’ यानी इस गैंग से जुड़े पुराने और नए संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। एजीटीएफ की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बड़े गैंग्स के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एजीटीएफ की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि पंजाब पुलिस राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

लॉरेंस गैंग पर शिकंजा: AGTF ने हथियारों के साथ सहयोगी को दबोचा

चंडीगढ़. पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजीटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सक्रिय सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपित के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया आरोपित राजस्थान में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपित विभिन्न राज्यों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी थी। एजीटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया और आरोपित को दबोच लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह गैंगस्टर अर्जू बिश्नोई के संपर्क में था, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जाता है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क पंजाब, राजस्थान और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहकर हथियारों की सप्लाई, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपित से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। इसके साथ ही ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक’ यानी इस गैंग से जुड़े पुराने और नए संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। एजीटीएफ की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बड़े गैंग्स के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एजीटीएफ की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि पंब पुलिस राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।