samacharsecretary.com

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का बयान चर्चा में, अंता उपचुनाव को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

अजमेर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि भाजपा ने अंता विधानसभा क्षेत्र में 28 मुकदमे वाले व्यक्ति को जिताया था, जिसके कारण अब उपचुनाव की नौबत आई है। उन्होंने कहा कि वहां की जनता अब ठगा सा महसूस कर रही है और इस बार कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद जैन भाया को भारी मतों से समर्थन दे रही है। डोटासरा शुक्रवार को अजमेर पहुंचे, जहां उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की धर्मपत्नी इंदिरा देवी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जयपुर रोड पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए स्वागत के बीच उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए। डोटासरा ने कहा कि भाजपा का दो साल का शासन कुशासन साबित हुआ है। राज्य में विकास कार्य ठप हैं और जनता कांग्रेस सरकार की पांच साल की कल्याणकारी योजनाओं को याद कर रही है। उन्होंने कहा कि अंता में कांग्रेस के प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया एक समाजसेवी और लोकप्रिय व्यक्ति हैं, जिन्हें 36 कौमों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 11 साल में जितने वादे किए, उनमें से कोई भी पूरा नहीं किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह पौने दो साल जैसे पोपा बाई का राज चल रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार चरम पर है और जिन योजनाओं से जनता को सीधा लाभ मिलता था, उन्हें समाप्त कर दिया गया है, ऐसे में जनता कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगी। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा ने आपराधिक छवि वाले उम्मीदवार को मैदान में उतारा था, उसी का परिणाम है कि दोबारा चुनाव कराना पड़ रहा है। जनता की गाढ़ी कमाई के दो सौ करोड़ रुपए इस चुनाव में खर्च हो रहे हैं क्योंकि उन्होंने गलत व्यक्ति का चयन किया था। भरतपुर में मंत्री के सामने कार्यकर्ताओं के हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए डोटासरा बोले कि आने वाले समय में ये ही कार्यकर्ता हर जगह इनके कपड़े फाड़ेंगे। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए डोटासरा ने कहा कि मोदी सरकार वोट चोरी से बनी है। हरियाणा, महाराष्ट्र और जयपुर में इसी तरह का खेल हुआ है। राहुल गांधी सबूतों के साथ अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग जवाब नहीं दे रहा है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि दिलावर जी पौने दो साल से क्या कर रहे हैं, यह उनसे पूछा जाए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता या बच्चों के हित में कोई बात नहीं की। बस एक पेड़ मां के नाम लगाओ का नारा दे रहे हैं और दूसरी ओर लाखों पेड़ अडानी को कटवाने दे रहे हैं। डोटासरा ने कहा कि राजस्थान की जनता अब बीजेपी के कुशासन से ऊब चुकी है और कांग्रेस की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। अंता उपचुनाव में कांग्रेस की जीत तय है और यह परिणाम आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए संकेत साबित होगा।

अंता सीट पर गर्म हुआ माहौल, जीत के लिए कांग्रेस-भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत

जयपुर/बारां अंता विधानसभा उपचुनाव की जंग अब अपने अंतिम और निर्णायक दौर में है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने इस चुनावी रण को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस ने मैदान में करीब 300 नेताओं की फौज उतार दी है, जिनमें सांसदों से लेकर पीसीसी पदाधिकारियों तक शामिल हैं। हर गांव और हर बूथ पर नेताओं को तैनात किया गया है ताकि मतदाता तक सीधा संपर्क बनाया जा सके। वहीं बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी प्रचार में उतर चुकी हैं। आज अंता में वसुंधरा राजे और सीएम भजनलाल शर्मा का संयुक्त रोड शो रखा गया है। पार्टी ने अब तक 272 नेताओं को जिम्मेदारी दी है, जिनमें 40 बड़े नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया गया है। चुनाव प्रभारी, सह प्रभारी और स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायतवार 170 प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। हर पंचायत में 3-3 नेताओं को जिम्मेदारी देकर कांग्रेस ने बूथ स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर दिया है। कांग्रेस विधायक सचिन पायलट बुधवार को अंता में रोड शो कर चुके हैं।  गोविंद डोटासरा, सुखजिंदर रंधावा, सचिन पायलट और टीकाराम जूली जैसे दिग्गज नेता पहले ही प्रचार में जुट चुके हैं। आने वाले दिनों में अशोक गहलोत के भी अंता पहुंचने की संभावना है। भाजपा की रणनीति और बड़ा रोड शो वहीं भाजपा भी अब पूरी ताकत से मैदान में उतर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज 6 नवंबर (गुरुवार) को अंता में भव्य रोड शो करेंगे। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन भी एक विशेष रथ पर सवार होंगे। यह पहला मौका होगा जब भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे एक साथ किसी सीट पर प्रचार करते दिखाई देंगे। वसुंधरा राजे पहले ही प्रचार अभियान की शुरुआत कर चुकी हैं। रोड शो की तैयारियां पूरी रोड शो दोपहर 12 बजे मांगरोल के सुभाष चंद्र बोस सर्किल से शुरू होकर आज़ाद चौक होते हुए सीसवाली चौराहा तक निकाला जाएगा। पूरे मार्ग पर 51 स्वागत द्वार सजाए गए हैं और जगह-जगह कार्यकर्ता फूल बरसाकर स्वागत करेंगे। कार्यक्रम में महिला और युवा कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी रहेगी। भाजपा का दावा है कि यह रोड शो क्षेत्र में पार्टी के प्रति जनसमर्थन को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कार्यक्रम सुबह 10:50 बजे जयपुर से प्रस्थान के बाद झालावाड़ होते हुए मांगरोल पहुंचेगा। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक रोड शो के बाद वे पुनः जयपुर लौटेंगे। चुनावी महत्व अंता उपचुनाव से भले ही विधानसभा का समीकरण न बदले, लेकिन दोनों दल इसे राजनीतिक संदेश देने का मौका मान रहे हैं। भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से राजस्थान में अब तक 7 उपचुनाव हो चुके हैं। लेकिन यह पहला उपचुनाव है जब सीएम भजनलाल शर्मा व पूर्व सीएम वसुंधरा राजे एक साथ रोड शो में नजर आएंगे। वहीं कांग्रेस के भी तमाम बड़े नेता लगातार अंता में आ रहे हैं। छोटी-छोटी सभाओं तक में जा रहे हैं। कांग्रेस सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश में है, जबकि भाजपा सत्ता में जनसमर्थन दिखाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। आखिरी तीन दिनों में दोनों दलों के दिग्गज नेताओं के बीच सियासी शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा।  

अंता उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की एंट्री! केजरीवाल ने नरेश मीणा का साथ दिया

जयपुर अंता विधानसभा उपचुनाव से पहले सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा को समर्थन देने की घोषणा की है। इससे अब तक बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही सीधी जंग त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गई है। नरेश मीणा ने कुछ दिन पहले एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर केजरीवाल और आप से समर्थन की अपील की थी। मीणा ने लिखा था, “नए और निष्पक्ष राजनीतिक बदलाव के लिए मैं अंता उपचुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ रहा हूं। कांग्रेस और बीजेपी के विकल्प के तौर पर मैं आप पार्टी से समर्थन की अपेक्षा करता हूं।” इसके जवाब में केजरीवाल ने लिखा — “नरेश जी, आम आदमी पार्टी आपके साथ पूरी तरह खड़ी है।” इसके बाद AAP ने औपचारिक रूप से मीणा को समर्थन देने की घोषणा कर दी। AAP के राजस्थान सह-प्रभारी घनेन्द्र भारद्वाज ने कहा, “बीजेपी और कांग्रेस ने दशकों से राजस्थान को लूटा है। अब जनता को नया विकल्प चाहिए। पूरे प्रदेश के AAP कार्यकर्ताओं से अपील है कि नरेश मीणा के समर्थन में जुटें।” उन्होंने बताया कि अंता उपचुनाव के लिए 31 सदस्यीय समन्वय समिति बनाई जाएगी और संभावना है कि केजरीवाल खुद भी चुनाव प्रचार के लिए अंता आ सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम राजस्थान में AAP के संगठनात्मक विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। 2023 विधानसभा चुनाव में अंता से AAP को मात्र 0.76% वोट (1334 वोट) मिले थे, लेकिन केजरीवाल का समर्थन अब मीणा को एंटी-एस्टैब्लिशमेंट वोट दिला सकता है। अंता उपचुनाव में अब मुख्य मुकाबला कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया, बीजेपी के मोरपाल सुमन और निर्दलीय नरेश मीणा के बीच है। चुनाव 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।  

मोरपाल सुमन बीजेपी का चेहरा, पर अंता उपचुनाव की असली कमान वसुंधरा राजे के हाथ में

जयपुर/बारां राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी भले ही मोरपाल सुमन है लेकिन असल में अब यह चुनाव वसुंधरा राजे का है। इस उपचुनाव के नतीजे राजस्थान की राजनीति में राजे की वापसी की राह तय करेंगे। उपचुनाव भले ही छोटा है लेकिन इसके नतीजे बहुत दूर तक असर करेंगे। बीजेपी ने शुक्रवार को बारां पंचायत समिति के प्रधान मौरपाल सुमन को उम्मीदवार घोषित कर दिया। इसके बाद देर शाम स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी कर दी, जिसमें जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, राधामोहन दास अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के  अलावा केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, अर्जुनराम मेघवाल, भागीरथ चौधरी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी का नाम शामिल हैं। सियासी जानकारों का कहना है कि सुमन का टिकट राजे के कहने पर फाइनल किया गया है ऐसे में अब यह चुनाव वसुंधरा राजे की प्रतिष्ठा से जुड़ गया है। वसुंधरा राजे टिकट ऐलान के साथ फील्ड में पूरी तरह सक्रिय भी हो गई हैं। हालांकि मुकाबला त्रिकोणीय है। कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया 5 बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और 3 में उन्हें जीत मिली है। नरेश मीणा भी निर्दलीय के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं  सुमन का यह पहला विधानसभा चुनाव है। हालांकि सुमन स्थानीय और लो प्रोफाइल नेता माने जाते हैं, लेकिन क्षेत्र के जातीय समीकरणों को देखते हुए भाजपा ने उन्हें एक सोची-समझी रणनीति के तहत मैदान में उतारा है। अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ रहे सुमन को झालावाड़ विधायक और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का 'सियासी आर्शिवाद' प्राप्त है। कांग्रेस ने इस सीट से पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को प्रत्याशी बनाया है, जबकि नरेश मीना निर्दलीय रूप में चुनावी रण में उतरेंगे। ऐसे में अंता में त्रिकोणीय मुकाबला तय माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा टिकट की दौड़ में पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी भी शामिल थे। सैनी और सुमन  दौनों ही माली समुदाय से आते हैं। पार्टी रणनीतिकारों ने जातीय समीकरण और स्थानीय स्तर पर स्वीकार्यता को ध्यान में रखते हुए सुमन को तरजीह दी। बताया जा रहा है कि प्रभुलाल सैनी को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का समर्थन नहीं मिल पाया, और क्षेत्र में बाहरी छवि होने के कारण उनकी दावेदारी कमजोर हो गई। दूसरी ओर, सुमन वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं और स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं। सुमन वर्तमान में बारां जिले के संयुक्त माली महासंघ के अध्यक्ष हैं। उनकी पत्नी तिसाया-लसड़िया पंचायत की सरपंच हैं, जिससे क्षेत्र में उनका सामाजिक जुड़ाव और प्रभाव और भी बढ़ जाता है। यह उपचुनाव भाजपा विधायक कंवरलाल मीना की सदस्यता रद्द होने के चलते हो रहा है। मीना को 20 साल पुराने एक मामले में SDM को पिस्तौल दिखाने का दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद मई में उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, सीट खाली होने के छह माह के भीतर उपचुनाव कराया जाना अनिवार्य है। 1 अक्टूबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,27,563 मतदाता हैं—1,15,982 पुरुष, 1,10,241 महिलाएं और चार तीसरे लिंग से संबंधित मतदाता। पिछले ड्राफ्ट की तुलना में मतदाताओं की संख्या में 1,336 की बढ़ोतरी हुई है। राज्य में सरकार बनने के बाद से भाजपा ने अब तक सात उपचुनावों में से पांच पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस केवल एक सीट जीत सकी है। भाजपा ने खींवसर, डोली-उनियारा, झुंझुनूं, रामगढ़ और सलूंबर सीटों पर कब्जा जमाया है, वहीं कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) को इन उपचुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि अंता का यह उपचुनाव विधानसभा में बहुमत को प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन इसे सरकार के प्रदर्शन पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है। यदि भाजपा यह सीट जीतने में सफल होती है, तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नीतियों को जनता का समर्थन माना जाएगा। वहीं, हार की स्थिति में विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा मुद्दा मिल सकता है। निर्वाचन कार्यक्रम इस प्रकार है:     गजट अधिसूचना जारी: 13 अक्टूबर     नामांकन की आखिरी तारीख: 21 अक्टूबर     नामांकन पत्रों की जांच: 23 अक्टूबर     नाम वापसी की अंतिम तिथि: 27 अक्टूबर     मतदान की तिथि: 11 नवंबर     मतगणना: 14 नवंबर

अंता उपचुनाव में मोरपाल सुमन होंगे बीजेपी के उम्मीदवार, कांग्रेस-रालोपा से कड़ी टक्कर तय

अंता  अंता विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने लंबे मंथन के बाद मोरपाल सुमन को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी ने स्थानीयता, सादगी और जातिगत संतुलन को ध्यान में रखते हुए मोरपाल सुमन के नाम पर मुहर लगाई है। सुमन की पहचान क्षेत्र में एक लो-प्रोफाइल लेकिन जमीन से जुड़े नेता के रूप में है। बताया जा रहा है कि उनके नाम पर पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं में सहमति बनने के बाद ही टिकट फाइनल किया गया। बीजेपी के निर्णय के बाद अब अंता सीट पर मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। कांग्रेस ने यहां से पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता प्रमोद जैन भाया को प्रत्याशी बनाया है, जो पहले भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं। भाया क्षेत्र में अपने संगठनात्मक नेटवर्क और पुराने जनसंपर्क के लिए जाने जाते हैं। वहीं, नरेश मीणा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबले को और कठिन बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार अंता सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। बीजेपी मोरपाल सुमन के स्थानीय होने और संगठन की मजबूती पर भरोसा जता रही है, जबकि कांग्रेस प्रमोद जैन भाया के अनुभव और लोकप्रियता को अपनी ताकत मान रही है। दूसरी ओर, नरेश मीणा युवा और जातीय समीकरण के दम पर चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश में हैं। आने वाले दिनों में प्रचार अभियान के तेज होने के साथ ही यह सीट प्रदेश की सबसे चर्चित उपचुनाव सीटों में से एक बनने की संभावना है।

अंता विधानसभा उपचुनाव में वरिष्ठ मतदाताओं को मिलेगी सुविधा, पोस्टल बैलेट से कर पाएंगे मतदान

जयपुर अंता विधानसभा उपचुनाव 2025 को लेकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों को डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत यह प्रावधान अधिसूचित किया है। इस सुविधा के तहत 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और मानक दिव्यांगता वाले मतदाता फॉर्म 12D भरकर, मतदान की अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर, अपने बीएलओ (BLO) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद विशेष मतदान दल घर जाकर उनका वोट दर्ज करेगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य, अग्निशमन, विद्युत, परिवहन, एंबुलेंस, विमानन जैसी आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी भी अपने विभागीय नोडल अधिकारी के माध्यम से डाक मतपत्र की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। मतदान दिवस पर कार्यरत मान्यता प्राप्त मीडिया प्रतिनिधि भी इस सुविधा के पात्र होंगे। सेवा मतदाताओं  को डाक मतपत्र ETPBS (इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम) के माध्यम से भेजा जाएगा। उन्हें डाक खर्च वहन नहीं करना होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को इन प्रावधानों की जानकारी दें। अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,27,563 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 1,013 मतदाता 85 वर्ष से अधिक आयु के, 1,170 दिव्यांग मतदाता और 39 सेवा मतदाता हैं। ये सभी डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने के पात्र होंगे। त्रिकोणीय मुकाबले की जमीन तैयार अंता विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया का प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बीजेपी ने अब तक अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है। बीजेपी के पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी यहां से प्रमोद जैन भाया को हराकर विधायक रह चुके हैं। इनके अलावा नरेश मीणा भी इस सीट पर अपना दांव आजमाना चाहते हैं। नरेश ने सोशल मीडिया के जरिए राहुल गांधी से इस सीट के लिए टिकट मांगा था। अब कांग्रेस अपना प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है तो नरेश मीणा निर्दलीय यहां से ताल ठोक सकते हैं।