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दिनदहाड़े अपहरण और फिरौती, बारां की कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

बारां बारां में ग्लास व्यापारी के अपहरण के मामले में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने प्रशासन को फटकार लगाई है. उन्होंने पुलिस एसपी से बात कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए. पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मामले में चिंता जाहिर करते हुए पुलिस प्रशासन को चेताया. प्रकरण शहर के ग्लास व्यापारी सतीश गौड़ के अपहरण से जुड़ा है. व्यापारी को अगवा कर फिरौती की डिमांड की गई थी. इस मामले ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं, व्यापारियों में भी गुस्सा देखने को मिल रहा है. व्यापारी को बंधक बनाकर खेत में रखा जानकारी के अनुसार, व्यापारी सतीश गौड़ को दिनदहाड़े कार में अगवा कर खेत में बंधक बनाकर रखा गया. बदमाशों ने बंदूक की नोक पर मारपीट की और उनका वीडियो बनाकर पहले 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. बाद में आरोपियों ने 6 लाख रुपये नकद और 8 लाख रुपये के चेक लेकर व्यापारी को छोड़ दिया. मामले के सामने आने के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश है. सांसद दुष्यंत सिंह ने भी लिया संज्ञान घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह ने संज्ञान लिया है. दोनों नेताओं ने एसपी अभिषेक अंदासु से बात कर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. राजे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अपराधियों के खिलाफ किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी. पुलिस ने भी मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

वसुंधरा राजे के पत्र की पोस्टिंग मामले में मप्र कांग्रेस आईटी सेल का सदस्य हिरासत में, हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान

जबलपुर  राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के एक कथित पत्र को इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में मप्र कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को भोपाल की साइबर पुलिस ने हिरासत में लिया है। इनमें निखिल, बिलाल और इनाम शामिल हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने इसे गैरकानूनी बताया है। अब यह मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है। इसे फेक पत्र बताया जा रहा है मामले पर बुधवार को सुनवाई होगी। दरअसल, बीते दिनों भाजपा की एक नेता का पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे कांग्रेस की आईटी सेल के कार्यकर्ताओं ने साझा किया था। इसे फेक पत्र बताया जा रहा है। इस मामले में तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने कहा कि पिछले 30 घंटों से अधिक समय से भोपाल की साइबर पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस की आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को बिना किसी वाजिब कारण के हिरासत में रखा है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य और निराशा का विषय है।  

BJP का बड़ा दावा: वसुंधरा राजे का वायरल पत्र फर्जी, कांग्रेस से मांगा जवाब

रायपुर. नारी शक्ति वंदन को लेकर पूरे देशभर में सियासी चर्चा गर्म है। इस बीच बीजेपी नेत्री और राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का कथित फर्जी पत्र भी चर्चा में है। पत्र को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पोस्ट पर लिखा- कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल अब फेक न्यूज का अड्डा बन चुके हैं। पूर्णतः फर्जी और भ्रामक पत्र को आधिकारिक प्लेटफॉर्म से पोस्ट करना उसकी गिरती हुई राजनीतिक सोच और स्तर का स्पष्ट प्रमाण है। कुत्सित मानसिकता की पराकाष्ठा नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैलाने के लिए “Anti Women Alliance” का मुख्य चेहरा बनी कांग्रेस अब भाजपा नेताओं के नाम से कूट-रचित पत्र गढ़कर खुलेआम झूठ परोस रही है। यह सिर्फ राजनीतिक षड्यंत्र नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ उसकी कुत्सित मानसिकता की पराकाष्ठा है। मामले पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दे कांग्रेस छत्तीसगढ़ तुरंत यह फर्जी पोस्ट हटाए, बिना शर्त माफी मांगे और इस पूरे मामले पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दे।फर्जीवाड़ा बंद करो, माफी मांगो-नारी शक्ति सड़कों से लेकर लोकतंत्र के हर मंच पर जवाब देगी।

मनोहर थाना में जनसंवाद यात्रा, 126 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास

झालावाड़ राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री Vasundhara Raje ने गुरुवार को मनोहर थाना कस्बे में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान एक भावुक बयान देकर सभी को चौंका दिया। लोगों की समस्याएं सुनते हुए उन्होंने कहा “मेरा तो खुद का चला गया, मैं अपने आपको नहीं बचा सकी, तो तुम्हारे लिए क्या करूं?” उनके इस बयान ने सभा में मौजूद लोगों के बीच गहरी संवेदना पैदा कर दी। जनता की समस्याओं पर खुलकर बोलीं जनसंवाद के दौरान स्थानीय लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचे। किसी ने मकान नहीं मिलने की शिकायत की, तो किसी ने पेंशन और मुआवजे में देरी का मुद्दा उठाया। इस पर राजे ने कहा कि जीवन में ऐसी परेशानियां आती रहती हैं और हर परिवार इन हालातों से गुजरता है। निजी दर्द का किया जिक्र राजे ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा लोग कहते हैं आपका तो सब ठीक है, हमें बचा लीजिए… लेकिन मैं खुद को नहीं बचा सकी, तो आपको कैसे बचाऊं?” उनके इस बयान ने कार्यक्रम को भावनात्मक मोड़ दे दिया और लोगों के साथ उनका जुड़ाव और गहरा नजर आया। जनसंवाद यात्रा के चौथे चरण की शुरुआत इस दौरान Dushyant Singh भी उनके साथ मौजूद रहे। मां-बेटे की जोड़ी ने ‘जनसंवाद यात्रा’ के चौथे चरण की शुरुआत कामखेड़ा बालाजी धाम से की। यात्रा शुरू करने से पहले दोनों नेताओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और हनुमान चालीसा का पाठ किया। यात्रा को बताया चुनौतीपूर्ण सभा को संबोधित करते हुए राजे ने कहा कि यह यात्रा आसान नहीं है, लेकिन जनता का प्यार ही उनकी ताकत है। उन्होंने बताया कि पहले तीन चरणों में भी लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला और उम्मीद से ज्यादा भीड़ जुटी। दुष्यंत सिंह की तारीफ राजे ने अपने बेटे की तारीफ करते हुए कहा इन्होंने तय किया कि ये अकेले चलेंगे, क्योंकि इन्हें पता है कि ये लोगों के लिए काम करते हैं।” उन्होंने कहा कि लोग उन्हें अपना मानते हैं, यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। 35 साल का रिश्ता बताया राजे ने झालावाड़ और बारां की जनता के साथ अपने 35 साल पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि यह रिश्ता सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि परिवार जैसा है। उन्होंने कहा कि उनके सामने कई पीढ़ियां बड़ी हो चुकी हैं। दुष्यंत सिंह का आभार संदेश दुष्यंत सिंह ने जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि सफर में धूप और मुश्किलें जरूर आती हैं, लेकिन लोगों का प्यार उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ से क्षेत्र का विकास और तेज होगा। 126 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान 126 करोड़ रुपए की लागत वाली 10 सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इससे क्षेत्र में कृषि और पानी की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई। महिलाओं को योजनाओं का लाभ ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत महिलाओं को टैबलेट वितरित किए गए और कस्टम हायरिंग योजना के तहत एक महिला को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। स्थानीय नेताओं की मौजूदगी कार्यक्रम में मनोहर थाना विधायक गोविंद रानीपुरिया, डाग विधायक कालूराम मेघवाल, जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा और पूर्व जिला अध्यक्ष संजय जैन सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भावनाओं और राजनीति का संगम जनसंवाद यात्रा का यह चरण जहां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा, वहीं वसुंधरा राजे के भावुक बयान ने इसे मानवीय संवेदनाओं से भी जोड़ दिया। उनके शब्दों ने यह दिखाया कि राजनीति के मंच पर भी व्यक्तिगत अनुभव लोगों के दिलों को छू जाते हैं।

कामखेड़ा बालाजी मंदिर पहुंचीं वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा को दिखाई हरी झंडी और कई विकास कार्यों का किया उद्घाटन

  झालावाड़ राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुरुवार को झालावाड़ जिले के मनोहरथाना क्षेत्र पहुंचीं, जहां उन्होंने कामखेड़ा बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की, पदयात्रा को हरी झंडी दिखाई और पर्यटन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके एक बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा भी तेज कर दी है। पदयात्रा को लेकर क्या बोलीं वसुंधरा राजे कामखेड़ा में आयोजित पदयात्रा को लेकर वसुंधरा राजे ने कहा कि लोग उनसे पूछ रहे हैं कि जब चुनाव नहीं है, तो पदयात्राएं क्यों की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पदयात्रा से आमजन के करीब जाने और उनकी छोटी-छोटी समस्याएं जानने का मौका मिलता है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी बस यात्राएं कर चुकी हैं और यह उनकी चौथे चरण की यात्रा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यात्रा के दौरान खान-पान का ध्यान रखें, कोई बीमार न पड़े और जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उनका समाधान प्रशासन के साथ मिलकर किया जाएगा। कामखेड़ा बालाजी मंदिर में पूजा, पदयात्रा को दिखाई हरी झंडी वसुंधरा राजे मनोहरथाना स्थित प्रसिद्ध कामखेड़ा बालाजी मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। पूजा के बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया और अपने सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह की पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विकास कार्यों का किया जिक्र, बदली क्षेत्र की तस्वीर अपने संबोधन में वसुंधरा राजे ने केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार का उल्लेख करते हुए क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि पहले मनोहरथाना पहुंचने में पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब सड़कों और सुविधाओं में सुधार के कारण क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि मनोहरथाना अब पिछड़ा क्षेत्र नहीं, बल्कि तेजी से विकास करने वाला इलाका बन गया है। कामखेड़ा बालाजी मंदिर के विकास पर जताई खुशी उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार मंदिर आई थीं, तब केवल एक चबूतरे पर मूर्ति थी, लेकिन आज मंदिर भव्य स्वरूप ले चुका है और देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने मनोहरथाना क्षेत्र में कई विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में विधायक, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। बयान पर छिड़ी चर्चा दोपहर बाद पदयात्रा के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर वसुंधरा राजे चर्चा में आ गईं। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे काम होते रहते हैं, किसी को घर नहीं मिल रहा, किसी को पेंशन या मुआवजा नहीं मिल रहा। लोग उनसे शिकायत करते हैं, तो उन्होंने कहा कि “मेरे साथ भी ऐसा हुआ, मैं अपने लिए कुछ नहीं कर सकी, तो तुम्हारे लिए क्या करूं।” उन्होंने कहा कि “मेरा चला गया, मैं अपने आप को नहीं बचा सकी और लोग कहते हैं कि आप हमें बचा लीजिए।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। गढ़ पैलेस में ‘गागरोन दुर्ग गैलरी’ और सेल्फी पॉइंट का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ के ऐतिहासिक गढ़ पैलेस स्थित राजकीय म्यूजियम में “गागरोन दुर्ग गैलरी” और गढ़ पैलेस के सामने बनाए गए आकर्षक “सेल्फी पॉइंट” का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने खुद बैठकर सेल्फी भी ली। उन्होंने कहा कि झालावाड़ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध जिला है और इसे पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना जरूरी है। पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर उन्होंने कहा कि “गागरोन दुर्ग गैलरी” जैसे प्रयास स्थानीय विरासत को संरक्षित करेंगे और देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय कला-संस्कृति को आधुनिक माध्यमों से प्रस्तुत करने पर काम कर रही है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी विरासत से जुड़ सके। पर्यटन से रोजगार बढ़ेगा, महिलाओं की अहम भूमिका वसुंधरा राजे ने कहा कि झालावाड़ में पर्यटन को आगे बढ़ाने में सभी लोग सहयोग कर रहे हैं, खासकर महिलाएं भी इसमें भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन का मतलब सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि इससे रोजगार और नौकरी के अवसर भी बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि झालावाड़ की ऐतिहासिक धरोहरों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। गागरोन दुर्ग गैलरी: इतिहास को मिला नया रूप जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि पंच गौरव योजना के तहत राजकीय संग्रहालय में “गागरोन दुर्ग गैलरी” विकसित की गई है। इस गैलरी में गागरोन दुर्ग के प्रमुख स्थलों जैसे गणेश पोल, संत मिट्ठेशाह की दरगाह, नक्कारखाने का द्वार, लाल दरवाजा, जौहर कुंड, रानियों का महल, द्वारकाधीश मंदिर, भैरवपोल, कटार देव की छतरी, अचलदास खींची का खांडा, जल संरचनाएं, मधुसूदन मंदिर, खींची राजाओं का महल, कृष्ण द्वार, राम बुर्ज, अंधेरी बावड़ी और गणगौर घाट की जानकारी और चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। गैलरी का मुख्य आकर्षण बीच में बना गागरोन दुर्ग का भव्य मॉडल है, जो पर्यटकों को किले के अंदर होने जैसा अनुभव देता है।

दल बदल लेते हैं पर दिल नहीं बदलता, राजस्थान की पूर्व सीएम ने बाहरी नेताओं पर कसा तंज

 जयपुर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे ने पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर एक ऐसा बयान दिया है, जिसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। जयपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजे ने साफ लहजे में कहा कि पार्टी को अब अवसरवादियों की जगह अपने मूल वफादारों को पहचानने की जरूरत है। दल बदल लेते हैं, पर दिल नहीं वसुंधरा राजे ने बीजेपी के 46 साल के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान कई लोग आए और कई चले गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, आजकल कई लोग दल तो बदल लेते हैं, लेकिन उनका दिल नहीं बदलता। उनकी मानसिकता वही पुरानी रहती है। राजे का इशारा साफ तौर पर उन नेताओं की तरफ था जो दूसरी पार्टियों से आकर बीजेपी में ऊंचे पद पाने की जुगत में रहते हैं। वफादारों को मिले सम्मान, अवसरवादियों को नो एंट्री! राजे ने आगामी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर नेतृत्व को सावधान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक नियुक्तियां और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सिर्फ उन्हीं को मिलनी चाहिए जो मूल भाजपा के हैं। जिन्होंने तूफानों और मुश्किल वक्त में पार्टी के लिए लाठियां खाईं और संघर्ष किया, उन्हें ही मौका मिले। उन्होंने कहा कि संगठन के प्रति समर्पण दिखाने वाले कार्यकर्ताओं को ही शासन में भागीदारी दी जानी चाहिए। पद के पीछे भागने वालों को नसीहत कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए वसुंधरा ने एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा, पद के लालच में काम मत करो। अगर आप ईमानदारी से जमीन पर काम करेंगे, तो पद खुद चलकर आपके पास आएगा। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर अटल-आडवाणी और विजयाराजे सिंधिया के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज पीएम नरेंद्र मोदी उस दीप को और प्रकाशमान कर रहे हैं।

वसुंधरा राजे अचानक भावुक हुईं और फिर छलक पड़े आंसू

झालावाड़/बकानी. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शनिवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र झालावाड़ के दौरे पर थीं। बकानी के खोयरा गांव स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद जब वे सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद पदयात्रा के तीसरे चरण के शुभारंभ समारोह के मंच पर पहुँची, तो एक अप्रत्याशित घटनाक्रम ने उन्हें भावुक कर दिया। कविता सुन मंच पर रो पड़ीं 'महारानी' समारोह के दौरान बकानी की एक युवती अदिति शर्मा ने वसुंधरा राजे के सम्मान में एक कविता का पाठ किया। इस कविता में राजे के माता-पिता (राजमाता विजयाराजे सिंधिया और जीवाजीराव सिंधिया), उनके दिवंगत भाई (माधवराव सिंधिया), उनके शासन करने के तरीके और उनकी जनकल्याणकारी योजनाओं का मार्मिक उल्लेख था। अपने माता-पिता और भाई का नाम सुनकर राजे स्वयं को रोक नहीं पाईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। 'मैं आंसू रोक नहीं पाई' कार्यक्रम के बाद राजे ने इस वाकये का ज़िक्र सोशल मीडिया पोस्ट पर भी किया। इसमें उन्होंने लिखा, 'तीसरे चरण की इस पदयात्रा के अवसर पर अदिति शर्मा ने एक कविता पढ़ी, जिसमें मेरे संपूर्ण परिवार, मेरे शासन करने के तरीके और योजनाओं के बारे में उल्लेख था। माँ राजमाता विजय राजे सिंधिया जी, पिता श्रीमंत जीवाजी राव सिंधिया जी और भाई श्रीमंत माधव राव सिंधिया जी पर लिखी कविता सुन अपने आँसू रोक नहीं पाई। मेरे जीवन में इन तीनों के योगदान को मैं कभी नहीं भूल सकती।आज इनके बिना जीवन बहुत सूना लगता है। मेरे माता-पिता और भाई अब इस दुनिया में नहीं है। जब भी उनकी याद आती हैं, तब मैं लोगों से मिल रहे प्यार में उनको खोजने लगती हूँ और अहसास करती हूँ कि इन्हीं में मेरे खोए हुए परिवारजन है।' 'जनता का प्यार मिलेगा तो समय बदलेगा' भावुकता के बीच वसुंधरा राजे ने जनता को संबोधित करते हुए एक गहरा राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी बहुत अच्छा समय होता है और कभी बहुत खराब। राजे ने जोर देकर कहा, "धन-दौलत ही सब कुछ नहीं होता, जनता का प्यार सबसे अनमोल है। अगर जनता का प्यार मिलेगा तो समय जरूर बदलेगा।" राजे का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जिसमें कहा जा रहा था कि चुनाव न होने के बावजूद इस यात्रा का क्या औचित्य है। राजे ने स्पष्ट किया कि वे इस यात्रा के माध्यम से कुछ लेने नहीं, बल्कि केवल जनता का प्यार और आशीर्वाद लेने आई हैं। किसानों के दर्द पर मरहम: फसल खराबे का मुद्दा जनसंवाद यात्रा के दौरान केवल भावनाएं ही नहीं, बल्कि किसानों की समस्याएं भी प्रमुखता से उठीं। पिछले दो दिनों में हुई तेज हवाओं और बेमौसम बारिश के कारण अफीम सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। मुआवजे की मांग: किसानों ने राजे और सांसद दुष्यंत सिंह के सामने विशेष गिरदावरी और शीघ्र मुआवजे की मांग रखी। भरोसा: सांसद दुष्यंत सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि वे सरकार से बात कर उचित मुआवजा दिलवाने का प्रयास करेंगे। झालावाड़: राजे का अभेद्य दुर्ग और परिवार पूर्व सीएम ने एक बार फिर दोहराया कि पूरा झालावाड़ जिला उनका परिवार है। उन्होंने कहा कि इस चार दिवसीय यात्रा के दौरान जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उनका त्वरित समाधान किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक गोविंद रानीपुरिया, पूर्व विधायक नरेंद्र नागर और जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

मोरपाल सुमन बीजेपी का चेहरा, पर अंता उपचुनाव की असली कमान वसुंधरा राजे के हाथ में

जयपुर/बारां राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी भले ही मोरपाल सुमन है लेकिन असल में अब यह चुनाव वसुंधरा राजे का है। इस उपचुनाव के नतीजे राजस्थान की राजनीति में राजे की वापसी की राह तय करेंगे। उपचुनाव भले ही छोटा है लेकिन इसके नतीजे बहुत दूर तक असर करेंगे। बीजेपी ने शुक्रवार को बारां पंचायत समिति के प्रधान मौरपाल सुमन को उम्मीदवार घोषित कर दिया। इसके बाद देर शाम स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी कर दी, जिसमें जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, राधामोहन दास अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के  अलावा केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, अर्जुनराम मेघवाल, भागीरथ चौधरी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी का नाम शामिल हैं। सियासी जानकारों का कहना है कि सुमन का टिकट राजे के कहने पर फाइनल किया गया है ऐसे में अब यह चुनाव वसुंधरा राजे की प्रतिष्ठा से जुड़ गया है। वसुंधरा राजे टिकट ऐलान के साथ फील्ड में पूरी तरह सक्रिय भी हो गई हैं। हालांकि मुकाबला त्रिकोणीय है। कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया 5 बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और 3 में उन्हें जीत मिली है। नरेश मीणा भी निर्दलीय के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं  सुमन का यह पहला विधानसभा चुनाव है। हालांकि सुमन स्थानीय और लो प्रोफाइल नेता माने जाते हैं, लेकिन क्षेत्र के जातीय समीकरणों को देखते हुए भाजपा ने उन्हें एक सोची-समझी रणनीति के तहत मैदान में उतारा है। अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ रहे सुमन को झालावाड़ विधायक और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का 'सियासी आर्शिवाद' प्राप्त है। कांग्रेस ने इस सीट से पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को प्रत्याशी बनाया है, जबकि नरेश मीना निर्दलीय रूप में चुनावी रण में उतरेंगे। ऐसे में अंता में त्रिकोणीय मुकाबला तय माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा टिकट की दौड़ में पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी भी शामिल थे। सैनी और सुमन  दौनों ही माली समुदाय से आते हैं। पार्टी रणनीतिकारों ने जातीय समीकरण और स्थानीय स्तर पर स्वीकार्यता को ध्यान में रखते हुए सुमन को तरजीह दी। बताया जा रहा है कि प्रभुलाल सैनी को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का समर्थन नहीं मिल पाया, और क्षेत्र में बाहरी छवि होने के कारण उनकी दावेदारी कमजोर हो गई। दूसरी ओर, सुमन वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं और स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं। सुमन वर्तमान में बारां जिले के संयुक्त माली महासंघ के अध्यक्ष हैं। उनकी पत्नी तिसाया-लसड़िया पंचायत की सरपंच हैं, जिससे क्षेत्र में उनका सामाजिक जुड़ाव और प्रभाव और भी बढ़ जाता है। यह उपचुनाव भाजपा विधायक कंवरलाल मीना की सदस्यता रद्द होने के चलते हो रहा है। मीना को 20 साल पुराने एक मामले में SDM को पिस्तौल दिखाने का दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद मई में उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, सीट खाली होने के छह माह के भीतर उपचुनाव कराया जाना अनिवार्य है। 1 अक्टूबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,27,563 मतदाता हैं—1,15,982 पुरुष, 1,10,241 महिलाएं और चार तीसरे लिंग से संबंधित मतदाता। पिछले ड्राफ्ट की तुलना में मतदाताओं की संख्या में 1,336 की बढ़ोतरी हुई है। राज्य में सरकार बनने के बाद से भाजपा ने अब तक सात उपचुनावों में से पांच पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस केवल एक सीट जीत सकी है। भाजपा ने खींवसर, डोली-उनियारा, झुंझुनूं, रामगढ़ और सलूंबर सीटों पर कब्जा जमाया है, वहीं कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) को इन उपचुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि अंता का यह उपचुनाव विधानसभा में बहुमत को प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन इसे सरकार के प्रदर्शन पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है। यदि भाजपा यह सीट जीतने में सफल होती है, तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नीतियों को जनता का समर्थन माना जाएगा। वहीं, हार की स्थिति में विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा मुद्दा मिल सकता है। निर्वाचन कार्यक्रम इस प्रकार है:     गजट अधिसूचना जारी: 13 अक्टूबर     नामांकन की आखिरी तारीख: 21 अक्टूबर     नामांकन पत्रों की जांच: 23 अक्टूबर     नाम वापसी की अंतिम तिथि: 27 अक्टूबर     मतदान की तिथि: 11 नवंबर     मतगणना: 14 नवंबर

अंता उपचुनाव को लेकर वसुंधरा राजे से महत्वपूर्ण बैठक, जानें क्या हुआ फैसला

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच मुलाकात से सियासी हलचल पैदा हो गई। तीनों नेताओं के बीच अंता विधानसभा उपचुनाव को लेकर विचार-विमर्श हुआ, लेकिन इस मुलाकता और भी मायनों में देखा जा रहा है। अंता विधानसभा सीट वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह के लोकसभा क्षेत्र में आती है। हाड़ौती अंचल को हमेशा से राजे का राजनीतिक क्षेत्र माना जाता रहा है। ऐसे में इस चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा भी जुड़ी हुई है। यही वजह है कि भाजपा ने अभी तक अंता सीट से अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस चुनाव में राजे की राय को अहम मान रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ उनके आवास पर पहुंचे। अंता उपचुनाव में कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है, जबकि भाजपा में टिकट को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। वसुंधरा राजे कंवरलाल मीणा के परिवार को टिकट देना चाहती हैं, लेकिन पार्टी के भीतर इस पर एकराय नहीं है। कंवरलाल मीणा, जो मनोहरथाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और पहले विधायक भी रह चुके हैं, को स्थानीय नेता बाहरी मानते हैं। इसके अलावा कोर्ट से उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी आपराधिक छवि भी पार्टी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। जातिगत और राजनीतिक समीकरणों के अनुसार पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी इस सीट के लिए सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि, वसुंधरा राजे उनके नाम पर पूरी तरह सहमत नहीं हैं। कभी प्रभुलाल सैनी को राजे समर्थक नेताओं में शामिल किया जाता था, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद स्थितियां बदल गई हैं।

राजनीति और विचारों पर हुई चर्चा, वसुंधरा राजे ने मोहन भागवत से की बैठक

जोधपुर  पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने जोधपुर में RSS सरसंघचालक मोहन भागवत से मुलाकात की है. जोधपुर में दोनों के बीच यह मुलाकात करीब 25 मिनट तक चली. हालांकि दोनों के बीच की बातचीत का ब्यौरा अभी तक बाहर नहीं आ पाया है लेकिन इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. बीजेपी सूत्रों की मानें तो सूबे में फिलहाल भाजपा संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है. माना जा रहा है कि दोनों के बीच इस पर चर्चा हुई है. राजे और भागवत की इस मुलाकात के राजनीति के जानकार कई मायने निकाल रहे हैं. जोधपुर फिलहाल आरएसएस के चिंतन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक में शामिल होने के लिए जोधपुर आए हैं. यह बैठक 5 से 7 सितंबर तक आयोजित होगी. बैठक की तैयारियों को लेकर बड़े स्तर पर स्वयंसेवक जुटे हुए हैं. भागवत का यहां 10 सितंबर तक रहने का कार्यक्रम बताया जा रहा है. भागवत दो दिन पहले सोमवार को जोधपुर आए थे. संघ के बड़े पदाधिकारियों का जोधपुर में लगा है जमावड़ा सोमवार को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के जोधपुर आने के बाद मंगलवार को संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, सी. आर. मुकुंदा, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, आलोक कुमार, अतुल लिमये और कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैध सहित अन्य अखिल भारतीय अधिकारी जोधपुर बैठक स्थल पर पहुंचे. वनवास आता है तो जाता भी है राजे ने बीते दिनों अपने दिल्ली दौरे के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी. राजे हाल ही में धौलपुर भी गईं थी. वहां उन्होंने एक धार्मिक कार्यक्रम में कहा था कि वनवास सभी के जीवन में कभी न कभी आता है. लेकिन यह भी सच है कि वनवास आता है तो जाता भी है. राजे इससे पहले भी कई कार्यक्रमों में इस तरह के बयान दे चुकी हैं जो राजनीतिक गलियारों में खासा चर्चा में रहे हैं. अब राजे की संघ प्रमुख से मुलाकात ने कई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है.