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नक्सलियों को तगड़ा झटका: सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, हथियारों का जखीरा हाथ लगा

नारायणपुर नारायणपुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा डंप किए गए भारी मात्रा में हथियार के साथ दैनिक उपयोग की सामग्री तथा मेडिकल वस्तुएं बरामद की है. नारायणपुर एसपी रॉबिंसन विकास गुड़िया ने बताया कि विश्वसनीय सूचना पर त्वरित एवं एवं सुनियोजित एडीपी ऑपरेशन संचालित करने के दौरान ग्राम कुमुराडी क्षेत्र में नक्सली ठिकाना से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, आधुनिक एवं इंप्रोवाइज्ड हथियार तथा मेडिकल सामग्री एवं अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुए हैं. 25 फरवरी को विश्वसनीय सूचना प्राप्त होने पर कार्रवाई करते हुए सीओबी मंदोडा, 53 वीं बटालियन आईटीबीपी और पुलिस बल के जवानों की एरिया डॉमिनेशन पेट्रोलिंग पार्टी ग्राम कुमुराडी के जंगल पहाड़ की ओर रवाना हुई थी. इस दौरान सघन सर्च ऑपरेशन में जवानों ने नक्सलियों के एक ठिकाने में छिपाकर रखे गए डंप को बरामद किया. नक्सलियों के डंप में मिली सामग्रियां जप्त सामग्रियों में प्राइमा कॉर्ड, सेफ्टी फ्यूज, ऑरेंज फ्यूज, लगभग 35 किलोग्राम सुतली बम, 38 किलोग्राम उर्वरक पाउडर (भूरा), 18 किलोग्राम इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक, 2.5 किलोग्राम चारकोल, 5 एएमएन पाउच, 1 इम्प्रोवाइज्ड रॉकेट लॉन्चर, 13 रॉकेट लॉन्चर सेल, 19 मोर्टार सेल (भारी), 11 मोर्टार सेल (हल्का), 1 बीजीएल लॉन्चर (इम्प्रोवाइज्ड – बड़ा), 1 बीजीएल लॉन्चर (इम्प्रोवाइज्ड – छोटा), 8 बीजीएल कारतूस (मध्यम), 15 बीजीएल कारतूस (छोटा), 12 बीजीएल कारतूस (बड़ा), 70 लंबी दूरी बीजीएल राउंड, 55 छोटी दूरी बीजीएल राउंड, 2 इम्प्रोवाइज्ड हैंड ग्रेनेड और चिकित्सकीय सामग्री एवं दवाइयां शामिल है.

नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता: बीजापुर में 12 माओवादी हथियारों के साथ पुलिस के सामने झुके

बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “नियद नेल्लानार” और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एक डीवीसीएम सहित कुल 12 सशस्त्र माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 08 महिला माओवादी और 04 पुरुष माओवादी शामिल हैं। इन सभी माओवादियों पर कुल 54 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने अपने साथ एक AK-47 और दो SLR राइफल भी पुलिस को सौंपे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी 12 माओवादी फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट, आगजनी सहित कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। यह आत्मसमर्पण बस्तर आईजी पी. सुंदरराज, सीआरपीएफ डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत अधिकारियों ने प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये की नगद सहायता राशि प्रदान की। इस साल अब तक 888 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कुल 888 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, वहीं 1163 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 231 माओवादी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं। पी. सुंदरराज, आईजी, बस्तर ने कहा, सरकार की योजनाएं और पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला रही है। लगातार माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों की बड़ी जीत, धमतरी में 9 इनामी नक्सलियों ने IG के समक्ष डाले हथियार

धमतरी जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को आज एक बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। आईजी अमरेश मिश्रा और धमतरी एसपी सूरज सिंह परिहार के समक्ष आज एक साथ 9 सक्रिय हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 05 महिला और 04 पुरुष नक्सली शामिल हैं। ये सभी लंबे समय से सीतानदी क्षेत्र सहित नगरी, मैनपुर और गोबरा इलाकों में सक्रिय थे और कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली प्रतिबंधित संगठन ओडिशा स्टेट कमेटी के धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन से जुड़े हुए थे और संगठन में डीवीसीएम, एसीएम, एसडीके एरिया कमेटी कमांडर एवं डिप्टी कमांडर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं। इन सभी नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने बड़ी संख्या में हथियार और सामग्री भी सुरक्षा बलों को सौंपी। इन नक्सलियों ने किया सरेंडर     ज्योति उर्फ जैनी उर्फ रेखा डीव्हीसीएम सीतानदी एरिया कमेटी सचिव, 08 लाख के इनामी     उषा उर्फ बालम्मा डीव्हीसीएम टेक्निकल (डीजीएन), 08 लाख के इनामी     रामदास मरकाम उर्फ आयता उर्फ हिमांशु, पूर्व गोबरा एलोएस कमांडर / वर्तमान नगरी एसीएम, 05 लाख के इनामी     रोनी उर्फ उमा सीतानदी एरिया कमेटी कमांडर, 05 लाख के इनामी     निरंजन उर्फ पोदिया सीनापाली एससीएम टेक्निकल (डीजीएन), 05 लाख के इनामी     सिंधु उर्फ सोमड़ी एसीएम, 05 लाख के इनामी     रीना उर्फ चिरो एसीएम सीनापाली एरिया कमेटी / एलजीएस, 05 लाख के इनामी     अमीला उर्फ सन्नी एसीएम / मैनपुर एलजीएस, 05 लाख के इनामी     लक्ष्मी पूनेम उर्फ आरती उषा की बॉडी गार्ड, 01 लाख के ईनामी नक्सलियों ने सौंपा ये हथियार     इंसास राइफल – 02     एसएलआर राइफल – 02     कार्बाइन – 01     भरमार बंदूक – 01     कुल राउंड – 67     मैगजीन – 11     वॉकी-टॉकी (रेडियो सेट) – 01     अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री पुलिस दबाव और पुनर्वास नीति का दिखा असर धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य पुलिस बल और सीआरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे निरंतर नक्सल विरोधी अभियानों, बढ़ते दबाव और शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा और विनाश का रास्ता छोड़ने का फैसला किया। पुलिस द्वारा दूरस्थ नक्सल प्रभावित गांवों में पोस्टर, बैनर, पाम्फलेट, आत्मसमर्पित नक्सलियों की अपील और सिविक एक्शन कार्यक्रमों के जरिए लगातार संदेश पहुंचाया जा रहा था। युवाओं को जोड़ने के लिए खेल प्रतियोगिताएं भी कराई गईं, जिसका सकारात्मक असर दिखा। खोखली विचारधारा से हुआ मोहभंग आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बताया कि संगठन की खोखली विचारधारा, जंगलों में लगातार कठिन जीवन, शासन की पुनर्वास सुविधाएं और पहले आत्मसमर्पण कर चुके साथियों के सुरक्षित व खुशहाल जीवन से प्रेरित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस और गोबरा एलओएस के इन सक्रिय नक्सलियों के आत्मसमर्पण में धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य बलों और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई और रणनीति की अहम भूमिका रही। आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा, जिले को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में अभियान लगातार जारी रहेगा। अन्य सक्रिय माओवादियों से भी आत्मसमर्पण की अपील की जा रही है।