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अनूपपुर में भवन गिरने से त्रासदी, मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के लिए राहत पैकेज की घोषणा

अनूपपुर. मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में शनिवार शाम को हुए एक दर्दनाक हादसे में तीन मंजिला 'अग्रवाल होटल' की इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह (Anuppur Building Collapse) गई। इस हृदयविदारक घटना में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन द्वारा चलाए गए 14 घंटे के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रविवार सुबह अंतिम शव बरामद किया गया। 14 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, मलबे में दबी मिली महिला शनिवार शाम जब यह हादसा हुआ, तब मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका थी। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने तत्परता से मोर्चा संभाला। शनिवार रात तक दो शव निकाले जा चुके थे, जबकि रविवार सुबह करीब 11 बजे 42 वर्षीय राधा कोल का शव बरामद हुआ। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के खत्म होने तक कुल तीन मौतों की पुष्टि हुई है। मृतकों में हनुमान दीन यादव (50 वर्ष), रामकृपाल यादव (45 वर्ष) और राधाबाई (45 वर्ष) शामिल हैं। लापरवाही ने ली जान: होटल मालिक और भूमि स्वामी पर केस दर्ज प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह सुरक्षा मानकों की अनदेखी को माना जा रहा है। बताया गया है कि होटल की बिल्डिंग के ठीक बाजू में एक गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिससे इमारत की नींव कमजोर हो गई और वह ढह गई। पुलिस अधीक्षक मोतीउर रहमान के अनुसार, इस गंभीर लापरवाही के लिए होटल मालिक लाल अग्रवाल और निर्माण कार्य करा रहे भूमि स्वामी राजीव गर्ग के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 304 और 106 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शासन की ओर से आर्थिक सहायता की घोषणा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए विशेष आर्थिक सहायता के निर्देश दिए हैं: मृतकों के परिजनों को: कुल 9 लाख रुपये (4 लाख मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान, 4 लाख संबल योजना और 1 लाख रेडक्रास)। घायलों को: कुल 2.5 लाख रुपये (2 लाख मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान और 50 हजार रेडक्रास)। प्रशासनिक अधिकारियों का दौरा रविवार को भोपाल से अपर मुख्य सचिव (गृह) के.सी. गुप्ता ने कोतमा पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और समुचित इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और मामले की बारीकी से जांच जारी है।

मलबे में फंसे पिता को निकालने बेटे ने लगाया प्रयास, अनूपपुर में NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

अनूपपुर. अनूपपुर जिले के कोतमा नगर पालिका क्षेत्र में शनिवार शाम करीब 5:36 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। यहां स्थित एक लॉज की पुरानी इमारत अचानक जमींदोज हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, बगल में नए निर्माण के लिए खुदाई चल रही थी, तभी दीवार भरभराकर गिर पड़ी। पास की दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज में लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए नजर आ रहे हैं। इमारत गिरते ही चारों ओर धूल का गुबार छा गया। रेस्क्यू में जुटा रहा बेटा, मलबे में दबे थे पिता हादसे में मरने वालों में हरिदीन यादव (50 वर्ष) और रामकृपाल यादव (55 वर्ष) शामिल हैं। हृदयविदारक बात यह है कि नगर पालिका का जेसीबी चालक हरपाल यादव घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम कर रहा था। करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे अस्पताल से फोन आया कि जिस मलबे को वह हटा रहा है, उसी के नीचे दबने से उसके पिता हरिदीन और मामा की जान चली गई है। मृतक हरिदीन वहां टाइल्स लगाने का काम कर रहे थे। बिना अनुमति चल रहा था निर्माण कार्य प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रामनरेश गर्ग द्वारा किए जा रहे नए निर्माण कार्य के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। लॉज के चौथे फ्लोर पर भी पाइप फिटिंग और टाइल्स का काम चल रहा था, जिसके कारण वहां कोई यात्री नहीं रुका था, अन्यथा हताहतों की संख्या और बढ़ सकती थी। प्रशासनिक मुस्तैदी और मुआवजा हादसे की खबर मिलते ही प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार, राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, कमिश्नर सुरभि गुप्ता और कलेक्टर हर्षल पंचोली पूरी रात मौके पर डटे रहे। भिलाई और बनारस से आई एनडीआरएफ की टीमें स्निफर डॉग्स की मदद से मलबे में अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। कलेक्टर ने बताया कि पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी, वहीं प्रभारी मंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।